कपालभाति की सीमाएं

कपालभाति सावधानियां 

  • यह क्रिया निम्न कंडीशंस में नहीं करनी चाहिए
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • ह्रदय रोग
  • मिर्गी
  • हर्निया
  • अल्सर
  • सांस संबंधी समस्‍या

 

कपालभाति के हानि ।
वैसे इस क्रिया को करने से हानि कम है और फायदे ज़्यदा है।  फिर भी निम्न हालत में किसी अच्छे योग थेरेपिस्ट की सलाह लेकर ही करनी चाहिए।

  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्यां
  • स्पाइनल समस्यां
  • ह्रदय रोग
  • मिर्गी
  • हर्निया
  • अल्सर
  • सांस संबंधी समस्‍या
  • कमजोरी
  • गर्भवती

नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति

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दो महीने तक लगातार कपालभाति का अभ्यास करना है, आपका साइनस पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अगर आप इसे सही तरीके से करते हैं, तो कपालभाति से सर्दी-जुकाम से संबंधित हर रोग में आराम मिलेगा।

जिन लोगों को अलर्जी की समस्या है, उन्हें लगातार कपालभाति का अभ्यास करना चाहिए और इसकी अवधि को जितना हो सके, उतना बढ़ाना चाहिए। तीन से चार महीने का अभ्यास आपको अलर्जी से मुक्ति दिला सकता है। Read More : नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति about नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति