कपालभाति के चमत्कार

  1. वजन: अगर आपको अपना वजन कम करना है तो कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास जरूर करें। मोटापे को कम करने में भी बहुत कारगर है।
  2. पेट की चर्बी घटाने में: पेट की चर्बी को कम करने के लिए यह निहायत ही उम्दा योगाभ्यास है। यह पेट की चर्बी को ही कम नहीं करता बल्कि शरीर से टॉक्सिन को निकालने में भी मदद करता है।
  3. त्वचा निखार: इसके नियमित अभ्यास से आपको कॉस्मेटिक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे त्वचा में अपने आप निखार आने लगेगा। इसके अभ्यास से आखों के नीचे कालापण कम होता है।
  4. बालों: यह बालों के झड़ना रोकने और बालों को सफेद होने से बचाता है।
  5. अस्थमा: अस्थमा एवं दमा के मरीजों के लिए यह क्रिया बहुत लाभकारी है।
  6. स्मरण शक्ति:  यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और मस्तिष्क को तरो तजा रखता है।  इसके नियमित अभ्यास से स्मरण शक्ति और दिमाग तेज होता है। अतः यह उनके लिए बहुत ही अच्छा योगाभ्यास है जिनको भूलने की बीमारी हो।
  7. साइनसाइटिस: इसके अभ्यास से साइनसाइटिस का इलाज किया जा सकता है। साथ ही साथ यह बलगम, शीत, राइनिटिस, श्वास नली के संक्रमण आदि के लिए भी लाभदायक है।
  8. पाचन: उदर में तंत्रिकाओं को सक्रिय बनाता है, उदरांगों की मालिश करती है तथा पाचन क्रिया को सुधारता है। ब्लड सर्कुलेशन तेज होने से पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है।  इस तरह यह पाचन क्रिया को स्वस्थ बनाते हुए कब्ज की परेशानियों से दूर रखता है।
  9. फेफड़े की क्षमता: यह  फेफड़े  की क्षमता को बढ़ाते हुए सांस से संबंधित रोगों से दूर रखता है।
  10. किडनी: इसके नियमित अभ्यास से आप अपने किडनी एवं लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं।  इसके साथ ही साथ यह दांतों, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर करता है।

नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति

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दो महीने तक लगातार कपालभाति का अभ्यास करना है, आपका साइनस पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अगर आप इसे सही तरीके से करते हैं, तो कपालभाति से सर्दी-जुकाम से संबंधित हर रोग में आराम मिलेगा।

जिन लोगों को अलर्जी की समस्या है, उन्हें लगातार कपालभाति का अभ्यास करना चाहिए और इसकी अवधि को जितना हो सके, उतना बढ़ाना चाहिए। तीन से चार महीने का अभ्यास आपको अलर्जी से मुक्ति दिला सकता है। Read More : नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति about नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति