कपालभाति प्राणायाम बाबा रामदेव

कपालभाति, प्राणायाम-योग का एक विशिष्ठ अंग है। ध्यान और मानसिक शक्ति  के विकास के लिए कपालभाति को अति महत्वपूर्ण बताया गया है। प्राचीन समय के कुछ ज्ञानी महात्मा और योगी द्वारा कपालभाति को षटकर्म का एक भाग भी कहा गया है। कपालभाति से कुण्डलिनी शक्ति भी जागृत होती है। मन को शांत और प्रफुल्लित रखने के लिए, कपालभाति प्राणायाम प्रतिदिन करना चाहिए। कपालभाति प्राणायाम शरीर की नाड़ियों को शुद्ध करके उन्हे सम्पूर्ण स्वस्थ बनाकर रोगों को दूर करता है।परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने इस विडियो में कपालभाति प्राणायाम के बारे में बताये हैं प्राणायामों में सबसे महत्वपूर्ण प्राणायाम हैं |

कपालभाति प्राणायाम यह एक ऐसा प्राणायाम हैं जिसका अभ्यास करके आप 99% रोगों से रोगों से मुक्ति पा सकते हैं चाहे वो मानसिक रोग हो या शारीरिक रोग हो कपालभाति प्राणायाम से हमने लोगो के दस बीस किलो से लेकर के एक क्विंटल दो क्विंटल तक वजन कम किया हैं कपालभाति के निरंतर अभ्यास से सभी रोगों को दूर किया जा सकता हैं समान्य रोग में 5-15 मिनट और असाध्य रोगों में तीस मिनट करे कैंसर के रोगी को कैंसर में लाभ होगा महिलाओं को यूट्रस में फाईब्राड्स ओवरी शिष्ट पाँलीशिष्टिक ओवरीज या फिलिपीयन ट्यूब बंद हैं अंडा नही बनता मासिक धर्म नियमित नही हैं प्रियेड ज्यादा या कम होते हैं किसी भी तरह का रोग हैं नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम करे समान्य रोगों में 5-15 मिनट कपालभाति प्राणायाम करे प्रारंभ में प्रति 5 मिनट पर एक मिनट का गैप करे ऐसे 3 आवृति कराते हैं असाध्य रोगों में 6 आवृति होगी निरंतर अभ्यास के बाद बिना रुके 10—15 मिनट तक कर सकते हैं कपालभाति करने से हमारे अंदर और बाहर एक आध्यात्मिक उर्जा क्षेत्र तैयार हो जाता हैं यौन रोगों में कपालभाति प्राणायाम बहुत महत्वपूर्ण हैं महिलाएं या पुरुष दोनों को पुरुषों को स्पर्म व महिलाओं को ओवम पूरी नही बनती स्पर्म काउन्टर कम हैं उसमे भी लाभ होगा कपालभाति प्राणयाम के निरंतर अभ्यास के द्वारा किडनी स्टोन गाँल स्टोन पेनक्रियाज का स्टोन और शरीर के किसी भी जगह के स्टोन में लाभ होगा कही पर गांठ हो रक्त का संचार प्रभावित हो रहा हो उसमे कपालभाति प्राणायाम करे कपालभाति प्राणायाम के द्वारा हड्डियों की कमजोरी दूर होगी खून की कमी दूर होगी शरीर में किसी तरह की केमिकल्स न्यूट्रीयंस माइक्रो न्यूट्रीयंस आयरन प्रोटीन विटामिन व विटामिन बी -12 की कमी में लाभ होगा कपालभाति से स्वस्थ बना सकते हैं अर्थात जो खराब हैं चीजे बढ़ गयी हैं वह कम होंगी और जो कम हैं वह बढ़ जायेंगी जैसे हीमोग्लोबिन कम हो गया हैं कैलिशियम की कमी हिं इंडोरफिन का लेवल कम हैं उत्साह की कमी हैं शरीर में कमजोरी है वह समान्य होगी कपालभाति का नियमित अभ्यास कर मोटापा गैस कब्ज एसिडिट कोलाईटीस पाईल्स फिशर फिस्टुला स्टोन आर्थराइटिस रेमट्स आर्थराइटिस गाउट, अस्टोपेनिया, अस्टोपोराइसिश और हड्डियों के किसी भी रोग में कपालभाति प्राणायाम लाभकारी हैं योग रोगियों के लिये एक चिकित्सा पद्धति हैं आम लोगो के लिये एक जीवन पद्धति हैं और योगियों के लिये एक साधन पद्धति हैं मुक्ति का मार्ग हैं

नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति

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दो महीने तक लगातार कपालभाति का अभ्यास करना है, आपका साइनस पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अगर आप इसे सही तरीके से करते हैं, तो कपालभाति से सर्दी-जुकाम से संबंधित हर रोग में आराम मिलेगा।

जिन लोगों को अलर्जी की समस्या है, उन्हें लगातार कपालभाति का अभ्यास करना चाहिए और इसकी अवधि को जितना हो सके, उतना बढ़ाना चाहिए। तीन से चार महीने का अभ्यास आपको अलर्जी से मुक्ति दिला सकता है। Read More : नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति about नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति