काढ़ा बनाने का तरीका

  1. ​काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले बर्तन में पानी को उबालें
  2. उबलते हुए पानी में पिसी हुई काली मिर्च, पिसी हुई लौंग, पिसी हुई अदरक और गुड डाल दें
  3. दो मिनट के बाद काली तुलसी की पत्तियां इसमें डाल दें
  4. दो मिनट के बाद काली तुलसी की पत्तियां इसमें डाल दें
  5. इस मिश्रण को तब तक उबाले जब तक पानी की मात्रा 200 मिलीग्राम न रह जाएं
  6. अब गैस बंद कर दें और काढ़े को छान कर गिलास में डाल लें
  7. आपका काढ़ा तैयार है. इसे धीरे-धीरे करके पी लें

खासी का काढ़ा

खासी का काढ़ा

दवा लेने से फायदा तो तुरंत हो जाता है लेकिन इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं। वैसे भी हर बार दवा लेना सही नहीं है। बेहतर यही होगा कि सर्दी-खांसी के लिए घरेलू उपाय आजमाए जाएं। इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और सर्दी जड़ से दूर हो जाती है।

सामग्री: 
साफ पानी 
काली तुलसी की पत्ती 
लौंग 
काली मिर्च 
छोटी इलायची 
अदरक 
गुड़ 
चायपत्ती 

तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा

तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा

तुलसी का काढ़ा पीने से निकलती है किडनी की पथरी बाहर, ये हैं 10 फायदे

भारत के हर हिस्से में तुलसी का पौधा पाया जाता है। इसका पौधा केवल डेढ़ या दो फुट तक बढ़ता है। तुलसी को हिन्दू संस्कृति में अतिपूजनीय पौधा माना गया है। माता तुल्य तुलसी को आंगन में लगा देने मात्र से अनेक रोग घर में प्रवेश नहीं करते हैं। यह हवा को भी शुद्ध बनाने का कार्य करती है। तुलसी का वानस्पतिक नाम ओसीमम सैन्कटम है। आदिवासी भी तुलसी को अनेक हर्बल नुस्खों में अपनाते हैं। आज हम तुलसी से जुडे आदिवासियों के ऐसे 10 हर्बल नुस्खों के बारे में बता रहे है जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो।