काढ़ा रेसिपी इन हिंदी

बदलते मौसम में खांसी, जुकाम, गले में जकड़न जैसी समस्याएं लोगों में अक्सर देखने को मिलती हैं। इसके अलावा धुल, प्रदुषण के कारण भी यह परेशानियाँ लोगों में देखने को मिलती हैं, यही कारण है कि लोगों को सांस लेने में परेशनी होती है। ऐसे समस्या से बचने के लिए डॉक्टर के पास से दवाई तो मिल जाती है। उससे जल्द ही आराम भी मिल जाता है लेकिन इससे साइडइफ़ेक्ट भी हो सकता है।

सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों से राहत पाने के लिए यदि हम घर से कुछ खाद्य पदार्थ लें जैसे अदरक, गुड, काली मिर्च आदि को इकट्ठा कर लें। इसका इस्तेमाल काढ़े के रूप में करें। इससे आपको बहुत ही फायदा प्राप्त होगा। आज हम आपको काढ़ा बनाने की विधि के बारे में जानकारी देगें, जिसका सेवन करने से आपकी सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

 
YIELDS
1 Serving
काढ़े बनाने की सामग्री
 15 pt तुलसी की पत्तियां
 4 pt लौंग
 10 g अदरक
 4 काली मिर्च
 4 इलाइची
 गुड
 ½ tsp चायपत्ती
 400 mg पानी
काढ़ा बनाने की विधि या रेसिपी
1
काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले बर्तन में पानी को उबालें
2
उबलते हुए पानी में पिसी हुई काली मिर्च, पिसी हुई लौंग, पिसी हुई अदरक और गुड डाल दें
3
दो मिनट के बाद काली तुलसी की पत्तियां इसमें डाल दें
4
दो मिनट के बाद काली तुलसी की पत्तियां इसमें डाल दें
5
इस मिश्रण को तब तक उबाले जब तक पानी की मात्रा 200 मिलीग्राम न रह जाएं
6
अब गैस बंद कर दें और काढ़े को छान कर गिलास में डाल लें
7
आपका काढ़ा तैयार है. इसे धीरे-धीरे करके पी लें
काढ़ा पीने के फायदे
1. काढ़े का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान होती है और इससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती हैं।
2. काली मिर्च काढ़े में होने से नाक का बहना बंद हो जाता है।
3. काढ़े में काली मिर्च होने से कफ निकल जाती है जिससे छाती की जकड़न दूर हो जाती है।

खासी का काढ़ा

खासी का काढ़ा

दवा लेने से फायदा तो तुरंत हो जाता है लेकिन इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं। वैसे भी हर बार दवा लेना सही नहीं है। बेहतर यही होगा कि सर्दी-खांसी के लिए घरेलू उपाय आजमाए जाएं। इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और सर्दी जड़ से दूर हो जाती है।

सामग्री: 
साफ पानी 
काली तुलसी की पत्ती 
लौंग 
काली मिर्च 
छोटी इलायची 
अदरक 
गुड़ 
चायपत्ती  Read More : खासी का काढ़ा about खासी का काढ़ा

तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा

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भारत के हर हिस्से में तुलसी का पौधा पाया जाता है। इसका पौधा केवल डेढ़ या दो फुट तक बढ़ता है। तुलसी को हिन्दू संस्कृति में अतिपूजनीय पौधा माना गया है। माता तुल्य तुलसी को आंगन में लगा देने मात्र से अनेक रोग घर में प्रवेश नहीं करते हैं। यह हवा को भी शुद्ध बनाने का कार्य करती है। तुलसी का वानस्पतिक नाम ओसीमम सैन्कटम है। आदिवासी भी तुलसी को अनेक हर्बल नुस्खों में अपनाते हैं। आज हम तुलसी से जुडे आदिवासियों के ऐसे 10 हर्बल नुस्खों के बारे में बता रहे है जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो। Read More : तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा about तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा