गन्ने की खेती के फयदे अनेक

जिलेके गन्ना उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। जींद शुगर मिल में इस बार गन्ने की पेराई का काम पिछले साल से 10 दिन पहले यानि 7 नवंबर को शुरू होगा। इससे उन किसानों को फायदा होगा जिन्होंने गन्ने की अगेती किस्म की बिजाई की हुई है। क्योंकि वे समय पर मिल में फसल डालकर खाली हुए खेत में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे। किसानों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार जिले में पिछले साल से गन्ने का रकबा कम है, जबकि इस बार शुगर मिल पिछले साल से ज्यादा गन्ने की पेराई करेगा। इसके चलते किसानों को यूपी, पंजाब प्रदेश के दूसरे जिलों में गन्ना ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

जींद शुगर मिल क्षेत्र के तहत जिले में इस बार किसानों ने 15,668 एकड़ में गन्ने की फसल बीजी हुई है। जबकि पिछले साल जिले में 16,896 एकड़ में गन्ने की फसल थी। पिछले साल शुगर मिल के लेट चलने फसल का रकबा ज्यादा होने के कारण अनेक किसानों को दूसरे मिलों में फसल डालनी पड़ी थी, लेकिन इस बार ऐसी नौबत नहीं आएगी। यदि शुगर मिल में गन्ना पेराई सत्र सुचारू रूप से चला तो इस बार जींद शुगर मिल में ही किसान अपनी फसल डाल सकेंगे। 

जींद शुगर मिल में इस बार गन्ना पेराई का लक्ष्य 28 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। जबकि पिछले साल शुगर मिल में 26.8 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। शुगर मिल में बीच में आई तकनीकी खराबी के कारण कई दिनों तक मिल में गन्ना पेराई का काम बंद रहा। इसके कारण शुगर मिल में काफी लेट तक गन्ना पेराई का काम चला। इस बार उम्मीद है कि अप्रैल तक ही गन्ना पेराई का कार्य पूरा हो जाएगा। 

किसान गन्ना पहुंचाने की कर लें तैयारी 

7नवंबर से शुगर मिल गन्ना पेराई का कार्य शुरू हो जाएगा। इस बार पिछले साल से ज्यादा 28 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को सलाह है कि वे शुगर मिल में गन्ना पहुंचाने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर लें। ताकि समय पर गन्ना मिल में पहुंचाया जा सके।' -अश्विनी मलिक, एमडी जींद शुगर मिल।

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