खेती

लौकी की खेती कब

लौकी की खेती कब

अगर आप घर में सब्जी उगाने के शौकीन है.तो  सबसे पहले आप एक बड़ा सा कंटेनर लें फिर उसमें मिट्टी और गोबर (60% soil +30% khad+10 sand )खाद का मिश्रण अच्छी तरह से मिला लें. और फिर कंटेनर में डाल दें. इसके बाद आप लौकी के बीज  मिट्टी में दबा दें . बीज आधा इंच से अधिक गहरा ना लगायें.बीज लगाने के बाद उसमें में थोडा पानी भी डाल दें  4-5 दिन  में लौकी के बीज से अंकुरण हो जाता है. इसके बाद आप अपनी छत पर करीब 8 -12  फुट ऊंचा जाल ( रस्सी या बांस से )से बना लें  उस पर लौकी की बेल को आप चढ़ा दीजिये. Read More : लौकी की खेती कब about लौकी की खेती कब

गेहू की खेती

गेहू की खेती

गेहूँ की खेती विश्व के प्रायः हर भाग में होती है । संसार की कुल 23 प्रतिशत भूमि पर गेहूँ की ख्¨ती की जाती है ।  गेहूँ विश्वव्यापी महत्त्व की फसल है। मुख्य रूप से एशिया में धान की खेती की जाती है, तो भी विश्व के सभी प्रायद्वीपों में गेहूँ उगाया जाता है।  विश्व में सबसे अधिक क्षेत्र फल में गेहूँ उगाने वाले प्रमुख तीन  राष्ट्र भारत, रशियन फैडरेशन और  संयुक्त राज्य अमेरिका है । गेहूँ उत्पादन में चीन के बाद भारत तथा अमेरिका का क्रम आता है ।

  

उपयुक्त जलवायु क्षेत्र Read More : गेहू की खेती about गेहू की खेती

चिरौंजी की खेती

चिरौंजी या चारोली पयार या पयाल नामक वृक्ष के फलों के बीज की गिरी है जो खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है। इसका प्रयोग भारतीय पकवानों, मिठाइयों और खीर व सेंवई इत्यादि में किया जाता है। चारोली वर्षभर उपयोग में आने वाला पदार्थ है जिसे संवर्द्धक और पौष्टिक जानकर सूखे मेवों में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। Read More : चिरौंजी की खेती about चिरौंजी की खेती

जामुन की खेती

गहरे काले रंग का अंडाकार छोटा सा फल है जामुन, हल्के खट्टे, मीठे और कसौले स्वाद से भरपूर इस फल को खाने के बाद जीभ का रंग बैंगनी हो जाता है। बचपन में जामुन खाने के बाद अधिकतर बच्चे अपनी बैंगनी जीभ एक दूसरे को दिखाते रहते हैं.... लेकिन बचपन में जामुन के स्वाद और खेल में हमें यह नही पता होता कि जामुन न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी है, बल्कि इसकी खेती भी किसानों के लिए आर्थिक तौर पर लाभदायक है।

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सेब की खेती

स्थान का चुनाव

फलों का बाग के लिए स्थान चुनते समय निम्नलिखि बातें ध्यान में रखनी चाहिए :

१. सदा ऐसे स्थान को बाग लगाने के लिए चुनना चाहिए, जहाँ की भूमि उपजाऊ हो। कंकड़ पत्थरवाली और ऊँची नीची जमीन फल के पेड़ों के लिए उपयुक्त नहीं होती। क्षारवाली, जिसमें नोना हों और रेतवाली भूमि भी फल के पेड़ों के लिए खराब होती है। हलकी दमट भूमि, जिसमें पानी का निकास अच्छा हो, सब प्रकार के फलों के पेड़ों के लिए उत्तम होती है। Read More : सेब की खेती about सेब की खेती

मेथी की उन्नत खेती

मेथी की उन्नत खेती

मेथी की उन्नत खेती

मेथी उत्तरी भारत की पत्तियों वाली सब्जी की मुख्य फसल है । इस फसल की प्रारम्भिक अवस्था में पत्तियों को प्रयोग किया जाता है । यह लगभग भारत वर्ष में सभी

जगह उगायी जाती है । मेथी की फसल को पहाड़ी क्षेत्रों में भी आसानी से उगाया जा सकता है जो कि शरद ऋतु के मौसम में पैदा की जाती है । Read More : मेथी की उन्नत खेती about मेथी की उन्नत खेती

मिट्टी का पीएच और पोषक तत्वों की उपलब्धता

मिट्टी का पीएच और पोषक तत्वों की उपलब्धता

pH क्या होता है ?

अगर मिट्टी का pH 0-7 होता है तो मिट्टी को acidic मिट्टी मे कहा जाता है और अगर मिट्टी का pH 7 से लेकर 14 हो तो उसे besic मिट्टी कहा जाता है। उच्च वर्षा वाले क्षेत्रों में आम तौर पर अम्लीय (acidic) मिट्टी होती है, जबकि सीमित वर्षा वाले क्षेत्रों में आम तौर पर क्षारीय (alkaline) भूमि होती है। सेब के पेड़ 6.5 के पीएच वाली, थोड़ी अम्लीय मिट्टी पसंद करते हैं, इसलिए मिट्टी का पीएच 6.5 समायोजित करना आवश्यक होता है।

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पौध संरक्षण

पौध संरक्षण

की अपेक्षा जैव कीटनाशकों का प्रयोग करें।

  • कोई भी कीट नाशक प्रयोग करने से पहले कीटों के रोग प्रतिरोधक के अनुपात का पता लगाना चाहिए। समेकित कीट प्रबंधन आधारित कृषि पर्यावरण परिस्थिति (एईएसए) पद्धति विश्लेषण अपनाना चाहिए।
  • मुख्य फसल (अर्न्तफसलीय/बार्डर फसलीय) के आस-पास ऐसी फसलें उगानी चाहिए जो किसान मित्र कीटों को आकर्षित करें जो हानिकारक कीटों से बचाव करें/कीटों को मार दें।
  • गर्मी के मौसम में खेतों की गहरी जुताई करें।
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स्ट्राबेरी क्या है जानें स्ट्राबेरी की खेती करें उचित प्रकार

स्ट्राबेरी की खेती करें

स्ट्राबेरी एक महत्वपूर्ण नरम फल है। जिसको विभिन्न प्रकार की भूमि तथा जलवायु में उगाया जा सकता है। इसका पौधा कुछ ही महीनों में फल दे सकता है। इस फसल का उत्पादन बहुत लोगों को रोजगार दे सकता है। स्ट्रॉबेरी  एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन 'सी' , प्रोटीन और खनिजों का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोतों है।

स्ट्राबेरी की कौन - कौन किस्में है जानें एस तरह 

स्ट्राबेरी की बहुत सी किस्में उगाई जाती हैं। परन्तु मुख्यत: निम्नलिखित किस्मों का उत्पादन हरियाणा में किया जाता है।

कैमारोजा Read More : स्ट्राबेरी क्या है जानें स्ट्राबेरी की खेती करें उचित प्रकार about स्ट्राबेरी क्या है जानें स्ट्राबेरी की खेती करें उचित प्रकार

गाजर की खेती कैसे करें

गाजर की खेती कैसे करें

गाजर एक मूल्यवान सब्जी है जिसका प्रयोग भारत के सभी प्रान्तों में होता है । गाजर का मूल स्थान पंजाब तथा कश्मीर है । इसकी जड़ को कच्चा, पकाकर तथा अचार बनाकर प्रयोग करते हैं । इसके अतिरिक्त हलुवा, रायता तथा जूस बनाकर प्रयोग करते हैं । गाजर के अन्दर कैरीटीन, थायेमिन, राईबोफिलेविन तथा विटामिन ‘ए’ की मात्रा अधिक पायी जाती है । हृदयरोग के लिए इसका मुरब्बा उपयुक्त रहता है ।

गाजर की खेती के लिए आवश्यक भूमि व जलवायु 

इसकी फसल को लगभग हर प्रकार की भूमि में उगाया जाता है लेकिन सबसे उपयुक्त बलुई दोमट भूमि होती है । मिट्‌टी उपजाऊ हो तथा जल-निकास का उचित प्रबन्ध हो | Read More : गाजर की खेती कैसे करें about गाजर की खेती कैसे करें

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