खेती

केले की खेती

परिचय

केला भारत वर्ष का प्राचीनतम स्वादिष्ट पौष्टिक पाचक एवं लोकप्रीय फल है अपने देश में प्राय:हर गाँव में केले के पेड़ पाए जातेहैइसमे शर्करा एवं खनिज लवण जैसे कैल्सियम तथा फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाए जाता हैI फलों का उपयोग पकने पर खाने हेतु कच्चा सब्जी बनाने के आलावा आटा बनाने तथा चिप्स बनाने के कम आते हैI  इसकी खेती लगभग पूरे भारत वर्ष में की जाती हैI

 

जलवायु एवं भूमि

कटहल की खेती

कटहल की खेती

कटहल का पौधा एक सदाबहार, 8-15 मी. ऊँचा बढ़ने वाला, फैलावदार एवं घने क्षेत्रकयुक्त बहुशाखीय वृक्ष होता है जो भारत को देशज है। भारत वर्ष में इसकी खेती पूर्वी एवं पश्चिमी घाट के मैदानों, उत्तर-पूर्व के पर्वतीय क्षेत्रों, संथाल परगना एवं छोटानागपुर के पठारी क्षेत्रों, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बंगाल के मैदानी भागों में मुख्य रूप से की जाती है। कटहल के वृक्ष की छाया में कॉफी, इलाइची, काली मिर्च, जिमीकंद हल्दी, अदरक इत्यादि की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है।

आडू की खेती

आड़ू या सतालू (अंग्रेजी नाम : पीच (Peach); वास्पतिक नाम : प्रूनस पर्सिका; प्रजाति : प्रूनस; जाति : पर्सिका; कुल : रोज़ेसी) का उत्पत्तिस्थान चीन है। कुछ वैज्ञानिकों का मत है कि यह ईरान में उत्पन्न हुआ। यह पर्णपाती वृक्ष है। भारतवर्ष के पर्वतीय तथा उपपर्वतीय भागों में इसकी सफल खेती होती है। ताजे फल खाए जाते हैं तथा फल से फलपाक (जैम), जेली और चटनी बनती है। फल में चीनी की मात्रा पर्याप्त होती है। जहाँ जलवायु न अधिक ठंढी, न अधिक गरम हो, 15 डिग्री फा. से 100 डिग्री फा.

पपीते की खेती

परिचय

पपीते का फल थोड़ा लम्बा व गोलाकार होता है तथा गूदा पीले रंग का होता है। गूदे के बीच में काले रंग के बीज होते हैं। पेड़ के

ऊपर के हिस्से में पत्तों के घेरे के नीचे पपीते के फल आते हैं ताकि यह पत्तों का घेरा कोमल फल की सुरक्षा कर सके। कच्चा पपीता हरे रंग का और पकने के बाद हरे पीले रंग का होता है। आजकल नयी जातियों में बिना बीज के पपीते की किस्में ईजाद की गई हैं।  एक पपीते का वजन 300, 400 ग्राम से लेकर 1 किलो ग्राम तक हो सकता है।

लौकी की खेती कब

लौकी की खेती कब

अगर आप घर में सब्जी उगाने के शौकीन है.तो  सबसे पहले आप एक बड़ा सा कंटेनर लें फिर उसमें मिट्टी और गोबर (60% soil +30% khad+10 sand )खाद का मिश्रण अच्छी तरह से मिला लें. और फिर कंटेनर में डाल दें. इसके बाद आप लौकी के बीज  मिट्टी में दबा दें . बीज आधा इंच से अधिक गहरा ना लगायें.बीज लगाने के बाद उसमें में थोडा पानी भी डाल दें  4-5 दिन  में लौकी के बीज से अंकुरण हो जाता है. इसके बाद आप अपनी छत पर करीब 8 -12  फुट ऊंचा जाल ( रस्सी या बांस से )से बना लें  उस पर लौकी की बेल को आप चढ़ा दीजिये.

मेथी की उन्नत खेती

मेथी की उन्नत खेती

मेथी की उन्नत खेती

मेथी उत्तरी भारत की पत्तियों वाली सब्जी की मुख्य फसल है । इस फसल की प्रारम्भिक अवस्था में पत्तियों को प्रयोग किया जाता है । यह लगभग भारत वर्ष में सभी

जगह उगायी जाती है । मेथी की फसल को पहाड़ी क्षेत्रों में भी आसानी से उगाया जा सकता है जो कि शरद ऋतु के मौसम में पैदा की जाती है ।

गेहू की खेती

गेहू की खेती

गेहूँ की खेती विश्व के प्रायः हर भाग में होती है । संसार की कुल 23 प्रतिशत भूमि पर गेहूँ की ख्¨ती की जाती है ।  गेहूँ विश्वव्यापी महत्त्व की फसल है। मुख्य रूप से एशिया में धान की खेती की जाती है, तो भी विश्व के सभी प्रायद्वीपों में गेहूँ उगाया जाता है।  विश्व में सबसे अधिक क्षेत्र फल में गेहूँ उगाने वाले प्रमुख तीन  राष्ट्र भारत, रशियन फैडरेशन और  संयुक्त राज्य अमेरिका है । गेहूँ उत्पादन में चीन के बाद भारत तथा अमेरिका का क्रम आता है ।

  

उपयुक्त जलवायु क्षेत्र

चिरौंजी की खेती

चिरौंजी या चारोली पयार या पयाल नामक वृक्ष के फलों के बीज की गिरी है जो खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है। इसका प्रयोग भारतीय पकवानों, मिठाइयों और खीर व सेंवई इत्यादि में किया जाता है।[1] चारोली वर्षभर उपयोग में आने वाला पदार्थ है जिसे संवर्द्धक और पौष्टिक जानकर सूखे मेवों में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

ऐसे करें करेले की खेती

ऐसे करें करेले की खेती

करेला की उन्नत खेती, करेले की लता है जिसके फूलों की सब्जी बनती है। इसका स्वाद कड़वा होता है।करेला कड़वे स्वादवाला प्रसिद्ध भारतीय फल शाक है, जिसके फल का तरकारी के रूप में पत्रशाक अथवा पत्रस्वरस का चिकित्सा में प्रयोग होता है। करेला लता जाति की स्वयंजात और कषि जन्य वनस्पति है। इसे कारवेल्लक, कारवेल्लिका, करेल, करेली तथा काँरले आदि नामों से भी जाना जाता है। करेले की आरोही अथवा विसर्पी कोमल लताएँ, झाड़ियों और बाड़ों पर स्वयंजात अथवा खेतों में बोई हुई पाई जाती है। इनकी पत्तियाँ ५-७ खंडों में विभक्त, तंतु (ट्रेंड्रिल, tendril) अविभक्त, पुष्प पीले और फल उन्नत मुलिकावाले (ट्यूबर्क

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