खेती

अंगूर खाने के फायदे

अंगूर सारे भारत में आसानी से उपलब्ध फल है। इसमें विटामिन-सी तथा ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर में खून की वृद्धि करता है और कमजोरी दूर करता है। यही कारण है कि डॉक्टर लोग मरीजों को फलों में अंगूर ही खाने की सलाह देते हैं। अंगूर को संस्कृत में द्राक्षा, बंगला में बेदाना या मनेका, गुजराती में धराख, फारसी में अंगूर, अरबी में एनवजबीब, इंग्लिश में ग्रेप या ग्रेप रैजिन्स तथा लैटिन में विटिस्‌ विनिफेरा कहते हैं। अंगूर एक अच्छा ब्लड प्यूरीफायर (रक्तशोधक) व रक्त विकारों को दूर करने वाला फल है। अंगूर पाचन की गड़बड़ी, मियादी बुखार, मानसिक परेशानी आदि भी काफी लाभकारी है। अंगूर हमारे शरी

किशमिश स्वस्थ के लिए ज़रूरी

किशमिश स्वस्थ के लिए ज़रूरी

पौष्टिकता

किशमिशों के वज़न का ६७% से ७२% शक्कर होता है, जो अधिकतर ग्लूकोस और फ़्रूक्टोस के रूप में होता है।इनका ३% भाग प्रोटीन और ३.५% भाग पाचन में मददगार फ़ाइबर (रेशा) होता है।ख़ुबानियों और आलू बुख़ारों की तरह इनमें लाभदायक प्रति आक्सीकारक (ऐंटी- ऑक्सिडॅन्ट​) की बहुत मात्रा होती है लेकिन ताज़े अंगूरों की तुलना में विटामिन सी कम होता है। इनमें सोडियम कम होता है और कोलेस्टेरॉल बिलकुल नहीं होता। अनुसन्धान में कुछ संकेत मिलें हैं कि अधिक रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) वाले मरीज़ों द्वारा किशमिशों का सेवन करने से उनके रक्तचाप पर कुछ लाभदायक असर होता है, हालांकि इसपर अभी अधिक अध्ययन की ज़रुरत है।

मूंगफली की उन्नत खेती

मूंगफली की उन्नत खेती

मूंगफली भारत की मुखय महत्त्वपूर्ण तिलहनी फसल है। यह गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडू तथा कर्नाटक राज्यों में सबसे अधिक उगाई जाती है। अन्य राज्य जैसे मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान तथा पंजाब में भी यह काफी महत्त्वपूर्ण फसल मानी जाने लगी है। राजस्थान में इसकी खेती लगभग 3.47 लाख हैक्टर क्षेत्र में की जाती है जिससे लगभग 6.81 लाख टन उत्पादन होता है। इसकी औसत उपज 1963 कि.ग्रा.

जंगली खुबानी

भूमिका

जंगली खुबानी (प्रूनस आरमेनियाका लिन्न), देश के मध्य पर्वतीय एवं शुष्क शीतोष्ण क्षेत्र की वृक्षमूल वाली एक महत्वपूर्ण क्षमता वाली तिलहनी फसल है। जंगली खुबानी रोजेशी परिवार के प्रूनोइडी उप-परिवार का पौधा है। देश के हिमालयी क्षेत्रों की स्थानीय प्रजातियों में यह ‘चुल्ली’, ‘शारा’, ‘खूरमानी’, ‘चुल्लू’, ‘आरू’, ‘जरदी’, खुबानी, ‘चुआरी’, कसमियारू, ‘चोला’ एवं गुरदुलू’ जैसे स्थानीय नामों से जाना जाता है। पंजाबी में इसे ‘हारी’ ‘सारी’ एवं ‘चुल्ली’ के नाम से जाना जाता है।

उदगम एवं वितरण

तरबूज के फायदे

तरबूज तरबूज हमारे पसंदीदा फलों में से एक है. इस फल को हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है. तरबूज सर्दी के मौसम में नहीं बल्कि गर्मी के मौसम में होने वाला फल है. यह फल अन्य फलों से सस्ता है इसलिए इस फल को किसी भी वर्ग के व्यक्ति आसानी खरीद सकते है. तरबूज की खेती भारत के सभी स्थानों पर की जाती है. इस फल की खेती नदियों के किनारे तथा रेतीली मिटटी में ही हो सकती है. तरबूज काफी बड़ा और भारी फल होता है. इसका रंग ऊपर से हरा होता है तथा अंदर से लाल होता है. इसके बीज लाल व काले रंग के पाए जाते हैं. तरबूज रस से भरा हुआ होता है. यह फल खाने में अत्यंत मीठा व स्वादिष्ट होता है.

जामुन के फायदे

गर्मी का मौसम चल रहा है और इस मौसम में जामुन की बाहर आई है। बाजार में जामुन खूब बिक रहा है। इस मौसम में जामुन खाना लोगों को पसंद भी होता है। जामुन जितना खाने में स्वादिष्ट होता है उतने ही इसके औषधीय गुण भी होते हैं। जामुन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आज हम आपके लिए लाए हैं, जामुन खाने के फायदों के बारे में खास जानकारी-

इजरायल तकनिकी से अंगूर की खेती- कैसे करें

इजरायल तकनिकी से अंगूर की खेती- कैसे करें

इजरायल के दक्षिणी नेगेव मरुस्थल स्थित सहकारी खेती (मोशाव) इन याहव के वैज्ञानिकों ने अंगूर की बेलों पर लगने वाले कीटों को मारने के लिए एक तरीके की खोज की है। इसके तहत मोशाव के किसान एक छिड़काव करते हैं, जिसकी महक से यह भ्रम फैलाया जाता है कि इलाके में महिला कीड़े हैं और उसका साथी पुरुष कीड़ा अधिक उत्साह में उसकी निरर्थक तलाश में निकल पड़ता है। इससे वह अपनी पूरी ऊर्जा खर्च कर अपने-आप मारा जाता है।

अमरुद खाने के फायदे

अमरूद में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं. साथ ही ये इम्‍यून सिस्‍टम को भी मजबूत बनाता है. अमरूद खाने की सलाह डॉक्‍टर भी देते हैं. अमरूद खाने के और क्‍या हैं फायदे,
1. हाई एनर्जी फ्रूटअमरूद हाई एनर्जी फ्रूट है जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्‍स पाए जाते हैं. ये तत्व हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं.
2. डीएनए को सुधारे अमरूद में पाया जाने वाला विटामिन बी-9 शरीर की कोशिकाओं और डीएनए को सुधारने का काम करता है.

प्राकृतिक खेती के चमत्कार

प्राकृतिक खेती के चमत्कार

एक देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर जीरो बजट खेती कर सकता है। देसी प्रजाति के गौवंश के गोबर एवं मूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा जामन बीजामृत बनाया जाता है। इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है। जीवामृत का महीने में एक अथवा दो बार खेत में छिड़काव किया जा सकता है।जबकि बीजामृत का इस्तेमाल बीजों को उपचारित करने में किया जाता है। इस विधि से खेती करने वाले किसान को बाजार से किसी प्रकार की खाद और कीटनाशक रसायन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। फसलों की सिंचाई के लिये पानी एवं बिजली भी मौजूदा खेती-बाड़ी की त

केला खाने के फायदे

केला दुनिया भर में सबसे ज़्यादा खाया जाने वाला फल है। केला इतने चाव से इसलिए खाया जाया है क्योंकि केला खाने के फायदे असीमित हैं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि केले में अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं जिससे कि हमारे शरीर को काफ़ी लाभ होते हैं।

केला कच्चा और पक्का दोनों तरह से खाया जाता है। कच्चे केले की सब्ज़ी बनती है और पक्का केला फल की तरह प्रयोग होता है। (सम्बंधित: केला खाने का सही तरीका)

आइए सबसे पहले देखते हैं कि केले में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।

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