खेती

चीकू या सपोटा की खेती

झारखंड प्रदेश के कृषि योग्य भूमि के अधिकांश क्षेत्र पर खाद्यान्न फसलों की खेती की जाती हैजिसकी उत्पादकता बहुत ही कम है। बागवानी फसलों की खेती द्वारा इन क्षेत्रों का उत्पादकता बढ़ाया जा सकता है एवं अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान समय में झारखंड में फलोत्पादन लगभग 0.25 लाख हेक्टेयर भूमि में किया जाता है जो बहुत ही कम है। फलस्वरूप प्रति व्यक्ति प्रति दिन केवल 37 ग्राम फल की उपलब्धता है जबकि संतुलित आहार के लिये 85 ग्राम फल की आवश्यकता है। झारखंड की जलवायु फल उत्पादन के लिये बहुत ही अच्छी है। यहाँ फलों की अधिक से अधिक क्षेत्रों में खेती करके पर्यावरण में सुधार एवं कुपोषण निवारण के साथ-

अनार उत्पादन की तकनीक

अनार की खेती

भारत में अनार की खेती मुखय रूप से महाराष्ट्र में की जाती है। राजस्थान, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात में छोटे स्तर में इसके बगीचे देखे जा सकते हैं। इसका रस स्वादिष्ट तथा औषधीय गुणों से भरपूर होता है। भारत में अनार का क्षेत्रफल 113.2 हजार हेक्टेयर, उत्पादन 745 हजार मैट्रिक टन एवं उत्पादकता 6.60 मैट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। (2012-13)

जलवायु

खजूर खाने के फायदे

 खजूर के पेड़ों की खेती सदियों से की जा रही है. खासतौर से मध्‍य पूर्व के देशों में तो खजूर हमेशा से भोजन का अहम हिस्‍सा रहा है. खजूर की खासियत यह है कि इसे आप फ्रेश भी खा सकते हैं और सुखाकर भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं. एक खजूर की लंबाई तीन से सात सेंटीमीटर तक हो सकती है. जहां पके हुए खजूर का रंग गहरे पीले और लाल रंग का होता है वही सूखा खजूर ज्‍यादातर भूरे रंग का होता है. मिठास के आधार पर खजूर को तीन हिस्‍सों में बांटा जाता है- नरम खजूर, हल्‍का सूखा खजूर और पूरी तरह से सूखा हुआ खजूर.

अनानास स्वस्थ के लिए ज़रूरी

अनन्नास (अंग्रेज़ी:पाइनऍप्पल, वैज्ञा:Ananas comosus) एक खाद्य उष्णकटिबन्धीय पौधे एवं उसके फल का सामान्य नाम है हालांकि तकनीकी दृष्टि से देखें, तो ये अनेक फलों का समूह विलय हो कर निकलता है।

[1] यह मूलतः पैराग्वे एवं दक्षिणी ब्राज़ील का फल है।

[2] अनन्नास को ताजा काट कर भी खाया जाता है और शीरे में संरक्षित कर या रस निकाल कर भी सेवन किया जाता है। इसे खाने के उपरांत मीठे के रूप में सलाद के रूप में एवं फ्रूट-कॉकटेल में मांसाहार के विकल्प के रूप में प्रयोग भी किया जाता है।

मुनक्का स्वस्थ के लिए ज़रूरी

मुनक्का (Dry Grapes) अंगूर को सुखाकर बनाया जाता है, इसमें बीज पाये जाते है। मुनक्का दो प्रकार का होता है – लाल और काला। मुनक्का का इस्तेमाल बहुत तरह के घरेलू उपचारों में किया जाता है, भारत में आज के समय में काफी जगह जैसे- कुमाऊ, नासिक, देहरादून, पूना और औरंगाबाद आदि पर मुख्य रूप से इनकी खेती की जाती है। मुनक्का हमारे शरीर के लिए भी बहुत ही फायदेमंद और शक्तिवर्धक होता है तो आईये आज हम मुनक्के से होने वाले लाभों के बारे में बात करेंगें।

अंजीर के फायदे

अंजीर (अंग्रेजी नाम फ़िग, वानस्पतिक नाम: "फ़िकस कैरिका", प्रजाति फ़िकस, जाति कैरिका, कुल मोरेसी) एक वृक्ष का फल है जो पक जाने पर गिर जाता है। पके फल को लोग खाते हैं। सुखाया फल बिकता है। सूखे फल को टुकड़े-टुकड़े करके या पीसकर दूध और चीनी के साथ खाते हैं। इसका स्वादिष्ट जैम (फल के टुकड़ों का मुरब्बा) भी बनाया जाता है। सूखे फल में चीनी की मात्रा लगभग ६२ प्रतिशत तथा ताजे पके फल में २२ प्रतिशत होती है। इसमें कैल्सियम तथा विटामिन 'ए' और 'बी' काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके खाने से कोष्ठबद्धता (कब्जियत) दूर होती है।

बादाम कैसे उगायें

बादाम बहुत ही फेमस नस्ट है ।बादाम खाना स्वास्थ के लिये बहुत लाभप्रद है।यह हमारे कमजोर शरीर को मजबूत बनाने के काम आता है। लेकिन यह काफी मंहगा भी होता है । दोस्तो क्या बागवानी में  हम बादाम का पौधा लगा सकते है।और क्या मैदानी इलाकों में बादाम का पौधा फल देगा ? चलिये हम आपको बतायेगें यह कैसे हो सकता है।ज्यादातर बादाम को बीज से उगाया जाता है और उसके बाद उस पर कलम चढ़ाई जाती है।बीज से उगा हुआ बादाम लंबे समय बाद फल देता है जबकि Graft बादाम का पौधा जल्दी(दूसरे वर्ष) फल देने लगता है ।

अंगूर खाने के फायदे

अंगूर सारे भारत में आसानी से उपलब्ध फल है। इसमें विटामिन-सी तथा ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर में खून की वृद्धि करता है और कमजोरी दूर करता है। यही कारण है कि डॉक्टर लोग मरीजों को फलों में अंगूर ही खाने की सलाह देते हैं। अंगूर को संस्कृत में द्राक्षा, बंगला में बेदाना या मनेका, गुजराती में धराख, फारसी में अंगूर, अरबी में एनवजबीब, इंग्लिश में ग्रेप या ग्रेप रैजिन्स तथा लैटिन में विटिस्‌ विनिफेरा कहते हैं। अंगूर एक अच्छा ब्लड प्यूरीफायर (रक्तशोधक) व रक्त विकारों को दूर करने वाला फल है। अंगूर पाचन की गड़बड़ी, मियादी बुखार, मानसिक परेशानी आदि भी काफी लाभकारी है। अंगूर हमारे शरी

किशमिश स्वस्थ के लिए ज़रूरी

किशमिश स्वस्थ के लिए ज़रूरी

पौष्टिकता

किशमिशों के वज़न का ६७% से ७२% शक्कर होता है, जो अधिकतर ग्लूकोस और फ़्रूक्टोस के रूप में होता है।इनका ३% भाग प्रोटीन और ३.५% भाग पाचन में मददगार फ़ाइबर (रेशा) होता है।ख़ुबानियों और आलू बुख़ारों की तरह इनमें लाभदायक प्रति आक्सीकारक (ऐंटी- ऑक्सिडॅन्ट​) की बहुत मात्रा होती है लेकिन ताज़े अंगूरों की तुलना में विटामिन सी कम होता है। इनमें सोडियम कम होता है और कोलेस्टेरॉल बिलकुल नहीं होता। अनुसन्धान में कुछ संकेत मिलें हैं कि अधिक रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) वाले मरीज़ों द्वारा किशमिशों का सेवन करने से उनके रक्तचाप पर कुछ लाभदायक असर होता है, हालांकि इसपर अभी अधिक अध्ययन की ज़रुरत है।

मूंगफली की उन्नत खेती

मूंगफली की उन्नत खेती

मूंगफली भारत की मुखय महत्त्वपूर्ण तिलहनी फसल है। यह गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडू तथा कर्नाटक राज्यों में सबसे अधिक उगाई जाती है। अन्य राज्य जैसे मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान तथा पंजाब में भी यह काफी महत्त्वपूर्ण फसल मानी जाने लगी है। राजस्थान में इसकी खेती लगभग 3.47 लाख हैक्टर क्षेत्र में की जाती है जिससे लगभग 6.81 लाख टन उत्पादन होता है। इसकी औसत उपज 1963 कि.ग्रा.

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