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इसरो निजी क्षेत्र से जुड़ने को तैयार

 इसरो निजी क्षेत्र से जुड़ने को तैयार

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी अब भी नाबाद है और आगामी प्रक्षेपणों में चौके-छक्के जड़ कर वह टी-20 मैचों की गति से अपने जौहर दिखाने के लिए तैयार है.
    
अपनी तरह का पहला साहसिक कदम उठाते हुए इसरो अंतरिक्ष यानों के सिर्फ कुछ हिस्से बनाने के लिए नहीं बल्कि पूरे-पूरे उपग्रह बनाने के लिए निजी क्षेत्र के लिए दरवाजे खोल रहा है. अंतरिक्ष के क्षेत्र में यह इसरो की एक बड़ी छलांग है क्योंकि अब तक वह सभी उपग्रहों का निर्माण संस्था के भीतर ही करता आया है.