ध्यान की विधियाँ

ध्यानयोग की विधियाँ

ध्यानयोग की विधियाँ

शिव ने कहा: होश को दोनों भौहों के मध्य में लाओ और मन को विचार के समक्ष आने दो। देह को पैर से सिर तक प्राण तत्व से भर जाने दो, ओर वहां वह प्रकाश की भांति बरस जाए।
“होश को दोनों भौंहों के मध्य में लाऔ।”……अपनी आंखें बंद कर लो, और अपनी आंखों को दोनों भौंहों के ठीक बीच में केंद्रित करो। आंखे बंद करके ठीक मध्य में होश को केंद्रित करो, जैसे कि तुम अपनी दोनों आँखो से देख रहे हो। उस पर पूरा ध्यान दो।

हँसने के पाँच फायदे

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1) हंसने से हद्रय की एक्सरसाइज हो जाती है। रक्त का संचार अच्छीतरह होता है। हँसने पर शरीर से एंडोर्फिन रसायन निकलता है, ये द्रव्य ह्रदय को मजबूत बनाता है। हँसने से हार्ट-अटैक की संभावना कम हो जाती है। 
2) एक रिसर्च के अनुसार ऑक्सीजन की उपस्थिती में कैंसर कोशिका और कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया एवं वायरस नष्ट हो जाते हैं। ऑक्सीजन हमें हँसने से अधिक मात्रा में मिलती है और शरीर का प्रतिरक्षातंत्र भी मजबूत हो जाता है। 

स्वर्णिम प्रकाश ध्यान : ओशो

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श्वास भीतर लेते हुए स्वर्णिम प्रकाश को सिर से अपने भीतर आने दो, क्योंकि वहीं पर ही स्वर्ण-पुष्प प्रतीक्षा कर रहा है। वह स्वर्णिम प्रकाश सहायक होगा। वह तुम्हारे पूरे शरीर को स्वच्छ कर देगा और उसे सृजनात्मकता से पूरी तरह भर देगा। यह पुरुष ऊर्जा है...

श्वास को शिथिल करो!

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जब भी आपको समय मिले, कुछ देर के लिए श्वास-प्रक्रिया को शिथिल कर दें। और कुछ नहीं करना है- पूरे शरीर को शिथिल करने की जरूरत नहीं है। रेलगाड़ी में, हवाई जहाज में या कार में बैठे हैं, किसी और को मालूम भी नहीं पड़ेगा कि आप कुछ कर रहे हैं। बस श्वास-प्रक्रिया को शिथिल कर दें। जैसे वह सहज चलती है, वैसे चलने दें। फिर आंखें बंद कर लें और श्वास को देखते रहें- भीतर गई, बाहर आई, भीतर गई।

ओशो की सक्रिय ध्यान विधि

एक घंटे की अवधि के सक्रिय ध्यान के पांच चरण हैं। यह अकेले भी किया जा सकता है। और यदि इसे समूह में किया जाये तो यह और भी सशक्त हो जाता है। यह आपका निजी अनुभव है अत: आप अपने आस-पास दूसरे व्यक्तियों को भूल जायें और पूरा समय आँखें बंद रखें। बेहतर होगा यदि आप आँख पर पट्टी बांध लें। इसे खाली पेट व ढीले वस्त्रों में करना श्रेयस्कर होगा। 

“इस ध्यान में आपको पूरा समय सजग, होशपूर्ण व सचेत रहना होगा। साक्षी बनें रहें। भटक मत जायें। जब आप तीव्र श्वास ले रहे हैं तो संभव है आप भूल जायें - श्वास के साथ इतना तादात्मय कर लें कि साक्षी होना भूल जायें। तब आप चूक गये। 

ओशो देववाणी ध्यान

हर रात को सोने के पहले तुम एक छोटा सा प्रयोग कर सकते हो जो बहुत ही सहायक होगा। प्रकाश बुझा लो, सोने के लिए तैयार हो कर अपने बिस्तर पर बैठ जाओ--पंद्रह मिनट के लिए। आंखें बंद कर लो और फिर कोई निरर्थक एकसुरी आवाज निकालना शुरू करो। उदाहरण के लिए ल ल ल ल--और प्रतीक्षा करो कि मन तुम्हें नई ध्वनियां देता जाए। एक ही बात याद रखनी है कि वे आवाजें या शब्द उस किसी भाषा के न हों जो तुम जानते हो। यदि तुम अंग्रेजी, जर्मन और इटालियन भाषा जानते हो तो उच्चारित शब्द इन भाषाओं के न हों। कोई भी भाषा जो तुम नहीं जानते हो--जैसे मान लो तिब्बती, चीनी, जापानी--उनकी ध्वनियां तुम उच्चारित कर सकते हो। लेकिन यदि तुम जाप