व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : नकारात्मकता को निकाल फेंकना

व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : नकारात्मकता को निकाल फेंकना

तकिया पीटना - नकारात्मकता को निकाल फेंकना

जब भी आपको क्रोध आए तो किसी पर क्रोधित होने की कोई जरूरत नहीं, सिर्फ क" क्रोधित हो जाएं। इसे एक ध्यान बना लें। कमरा बंद कर लें, अकेले बैठ जाएं और जितना क्रोध मन में आए, आने दें। यदि मारने-पीटने का भाव आए तो एक तकिया ले लें और तकिए को मारें-पीटें। जो करना हो, तकिए के साथ करें, वह कभी मना नहीं करेगा। यदि तकिए को मार डालना चाहें तो एक चाकू लें और तकिए को मार डालें!

यह सब मदद करता है, बहुत गहरी मदद करता है। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि एक तकिया इतना सहायक हो सकता है। तकिए को पीटें, काटें, फेंकें। यदि किसी व्यक्ति विशेष के प्रति मन में कोई दुर्भाव हो तो उस व्यक्ति का नाम तकिए पर लिख लें या उसका चित्र तकिए पर चिपका लें।

यह बात बड़ी बेतुकी, मूर्खतापूर्ण लगेगी, लेकिन क्रोध ही बेतुका है, उसके लिए कुछ किया नहीं जा सकता। तो क्रोध को होने दें और ऊर्जा की एक घटना के रूप में उसका आनंद लें। वह ऊर्जा का ही एक रूप है। यदि हम किसी को पीड़ा नहीं दे रहे तो इसमें कुछ बुराई नहीं है। थोड़े दिन इस विधि का प्रयोग करेंगे तो आप पाएंगे कि किसी को पीड़ा देने का भाव धीरे-धीरे विलीन हो गया है।

इसे रोज का एक ध्यान बना लें--रोज सुबह केवल बीस मिनट इसे करें। और फिर पूरे दिन आप देखेंगे कि आप शांत होने लगे, क्योंकि जो ऊर्जा क्रोध बन रही थी, वह बाहर फेंक दी गई। इसे कम से कम दो सप्ताह तक करें। और एक सप्ताह बाद ही आप यह देख कर हैरान होंगे कि किसी भी परिस्थिति में क्रोध नहीं आ रहा है। बस एक बार इसका प्रयोग करके देखें।

 

 

Vote: 
No votes yet
Meditation Category: 

New Dhyan Updates

Total views Views today
पंख की भांति छूना ध्‍यान —ओशो 202 1
ध्यान : संतुलन ध्यान 146 1
ओशो देववाणी ध्यान 1,016 1
साप्ताहिक ध्यान : ज्ञान और अज्ञान, दोनों के पार 54 1
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : संतुलन ध्यान 54 0
त्राटक-एकटक देखने की विधि है | 186 0
साप्ताहिक ध्यान:: त्राटक ध्यान 60 0
जिस दिन जागरण पूर्ण होगा उस दिन : साक्षी साधना 161 0
ध्यान : अपना मुंह बंद करो! 159 0
ध्यान : संतुलन ध्यान 128 0
ध्यान : प्रमुदिता प्रकाश है 127 0
साक्षी को खोजना— ओशो 349 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान - व्यस्त लोगों के लिये ध्यान 43 0
देखने के संबंध में सातवीं विधि 210 0
पुनर्जन्‍म की बात 161 0
ध्यान : अपने हृदय में शांति का अनुभव करें 141 0
ध्यान : ध्वनि के केंद्र में स्नान करो 134 0
ध्यान : अनुभव करें, विचारें नहीं 110 0
साप्ताहिक ध्यान : अवधान को बढ़ा 54 0
ध्वनि के केंद्र में स्नान करो 169 0
संन्यासी और गृहस्थी में क्या फर्क है? 145 0
करने की बीमारी 111 0
ध्यान : श्वास : सबसे गहरा मंत्र 120 0
आप अच्छे हैं या स्वाभाविक? 154 0
नासाग्र को देखना (ध्‍यान)—ओशो 592 0
साप्ताहिक ध्यान : श्वास को शिथिल करो 64 0
चक्रमण सुमिरन एक वरदान है 323 0
मैं एक युवती के प्रेम में था। वह मुझे धोखा दे गई ! मैं क्या करूं 162 0
ध्यान: श्वास को विश्रांत करें 67 0
जगत ऊर्जा का विस्तार है 138 0
शरीर और मन दो अलग चीजें नहीं हैं। 161 0
ओशो – अपनी नींद में ध्‍यान कैसे करें 329 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : श्वास : सबसे गहरा मंत्र 59 0
अपनी श्वास का स्मरण रखें 228 0
प्रेम जितना बढ़ेगा, सेक्‍स उतना क्षीण होगा: ओशो 161 0
विद्यार्थी क्यों अनुशासनहीन हो गए? 149 0
ध्यान:: त्राटक ध्यान : ओशो 141 0
ओशो —हर चक्र की अपनी नींद 252 0
साप्ताहिक ध्यान : संतुलन ध्यान 60 0
स्वर्णिम प्रकाश ध्यान : ओशो 190 0
प्रेम से भर रहा है ? 132 0
ध्यान : संयम साधना 140 0
जब हनीमून समाप्त हो जाता है तो इसके बाद क्या? 159 0
ध्यान :: गर्भ की शांति पायें 103 0
ध्यान विधि : - ओशो 195 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : श्वास को विश्रांत करें 53 0
ओशो जिबरिश ध्यान विधि 197 0
स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ? 270 0
क्या यंत्र समाधि प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं? 42 0
ध्यान : स्टॉप! (जैसे ही कुछ करने की वृत्ति हो, रुक जाओ।) 136 0
ओशो की सक्रिय ध्यान विधि 1,046 0
ध्यान :: कभी, अचानक ऐसे हो जाएं जैसे नहीं हैं 135 0
सिरविहीन होने के प्रयोग को--करके देखो 176 0
साप्ताहिक ध्यान : संयम साधना 49 0
जिबरिश ध्यान विधि 288 0
समाधि का पहला अनुभव कैसा होता है? 212 0
ध्यान : "हां' का अनुसरण 162 0
ध्यान : कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना 103 0
ध्यान : सब काल्पनिक है 163 0
बहुत समय बाद किसी मित्र से मिलने पर जो हर्ष होता है, उस हर्ष में लीन होओ। 211 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं? 66 0
आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान 287 0
प्यारे प्रभु! प्रश्नों के अंबार लगे हैं 182 0
आप ट्रिम होना चाहते है, यह देखे 170 0
ध्यान शरीर की आदत नहीं है 125 0
ओशो नाद ब्रह्म ध्‍यान 649 0
यही शरीर, बुद्ध: हां, तुम। 144 0
प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो 197 0
साप्ताहिक ध्यान : अनुभव करें, विचारें नहीं 46 0
हँसने के पाँच फायदे 224 0
युवक कौन .... ?? 188 0
व्यक्तियों को वस्तु मत बनाओ 129 0
प्रेम का अनुभव पूर्णता का अनुभव है : ईशावास्य उपनिषद 132 0
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान 436 0
ओशो नियो-विपस्याना ध्यान 118 0
दूसरे को तुम उतना ही देख पाओगे जितना तुम अपने को देखते हो 164 0
साप्ताहिक ध्यान "मैं यह नहीं हूं' 57 0
तकिया पीटना ( ध्यान ) - नकारात्मकता को निकाल फेंकना 208 0
मैं--तू' ध्यान - (ओशो: ध्यान विज्ञान) 118 0
ध्यान: क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं? 148 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान 156 0
सैक्स मनुष्य की सर्वाधिक महत्वपूर्ण ऊर्जा का नाम है। 520 0
ओशो: जब कामवासना पकड़े तब क्या करें ? 95 0
शांत प्रयोग सफल नहीं होता 176 0
सहज योग 220 0
शरीर की शक्ति का ध्यान में उपयोग 50 0
श्वास को शिथिल करो! 153 0
ध्यान : गर्भ की शांति पायें 183 0
ध्यान : अपनी श्वास का स्मरण रखें 68 0
मैं अकेलेपन से बहुत दुखी हूं, मैं इसके लिए क्या करूं? 264 0
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान 393 0
साप्ताहिक ध्यान : सब काल्पनिक है 54 0
ध्यान आता है, एक फुसफुसाहट की तरह 203 0
ओशो स्टाॅप मेडिटेशन 152 0
ध्यान : क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं? 156 0
ध्यान : जहां कहीं भी तुम्हारा अवधान उतरे, उसी बिंदु पर, अनुभव। 123 0
ध्यान : मौन का रंग 207 0
ओशो गौरीशंकर ध्‍यान 229 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान :: गर्भ की शांति पायें 46 0
दूसरे का अवलोकन करो 174 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान -दूसरे का अवलोकन करो 56 0
संकल्प कैसे काम करता है? 441 0
ध्यान : ज्ञान और अज्ञान, दोनों के पार 131 0
ध्यान : अपने विचारों से तादात्मय तोड़ें 120 0
सम्मोहन: दुर्व्यसनों से छुटकारा पाने का सशक्त उपाय 88 0
ओशो डाइनैमिक ध्‍यान 232 0
साप्ताहिक ध्यान : ध्वनि के केंद्र में स्नान करो 78 0
ग्रंथियों का पता लगाने का एक प्रयोग 204 0
साप्ताहिक ध्यान : कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना 58 0
क्या आप सिगरेट छोड़ना चाहते हैं। 85 0
सफलता कोई मूल्य नहीं है 130 0
ध्यान : काम ऊर्जा से मुक्ति 131 0
शब्दों के बिना देखना 116 0
ओशो नटराज ध्‍यान की विधि 205 0
साप्ताहिक ध्यान : "हां' का अनुसरण 50 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : नकारात्मकता को निकाल फेंकना 61 0
ध्यान -:पूर्णिमा का चाँद 163 0
साप्ताहिक ध्यान : मौन का रंग 52 0
साधक के लिए पहली सीढ़ी शरीर है 230 0
कर्म का नियम 143 0
क्या जीवन को सीधा देखना संभव नहीं है? 174 0
ध्यान :"मैं यह नहीं हूं' 153 0
ओशो – तीसरी आँख सूक्ष्‍म शरीर का अंग है 292 0