श्वास को शिथिल करो!

ओशो ध्यान योग, ध्यान क्या है ओशो, ध्यान में क्या होता है, ध्यान की विधियाँ, ओशो प्रवचन, परमात्मा का ध्यान, ध्यान का रहस्य, साक्षी ध्यान विधि

जब भी आपको समय मिले, कुछ देर के लिए श्वास-प्रक्रिया को शिथिल कर दें। और कुछ नहीं करना है- पूरे शरीर को शिथिल करने की जरूरत नहीं है। रेलगाड़ी में, हवाई जहाज में या कार में बैठे हैं, किसी और को मालूम भी नहीं पड़ेगा कि आप कुछ कर रहे हैं। बस श्वास-प्रक्रिया को शिथिल कर दें। जैसे वह सहज चलती है, वैसे चलने दें। फिर आंखें बंद कर लें और श्वास को देखते रहें- भीतर गई, बाहर आई, भीतर गई।
एकाग्रता न करें। यदि आप एकाग्रता करेंगे तो मुश्किल में पड़ जाएंगे, क्योंकि तब सब कुछ बाधा बन जाएगा। यदि कार में बैठे हुए एकाग्रता करेंगे, तो कार की आवाज बाधा बन जाएगी, पास में बैठा हुआ व्यक्ति बाधा बन जाएगा।
ध्यान एकाग्रता नहीं है। ध्यान सिर्फ जागरूकता है। आप सिर्फ शिथिल रहें और श्वास को देखते रहें। उसे देखने में कुछ भी बहिष्कृत नहीं है। कार आवाज कर रही है- बिलकुल ठीक है, स्वीकार कर लें। सड़कों पर ट्रैफिक है- वह भी ठीक है, जीवन का अंग है। आपके पास में बैठा व्यक्ति खर्राटे ले रहा है- स्वीकार कर लें। कुछ भी अस्वीकृत नहीं है।

 

 

Vote: 
No votes yet

New Dhyan Updates

Total views Views today
ध्यान :: कभी, अचानक ऐसे हो जाएं जैसे नहीं हैं 223 3
ओशो – अपनी नींद में ध्‍यान कैसे करें 481 2
हँसने के पाँच फायदे 331 2
जगत ऊर्जा का विस्तार है 269 1
चक्रमण सुमिरन एक वरदान है 440 1
विद्यार्थी क्यों अनुशासनहीन हो गए? 261 1
अपनी श्वास का स्मरण रखें 297 1
ओशो देववाणी ध्यान 1,254 1
आप ट्रिम होना चाहते है, यह देखे 314 1
ओशो नाद ब्रह्म ध्‍यान 800 1
प्रत्येक ध्यान के शीघ्र बाद करुणावान रहो 262 1
व्यक्तियों को वस्तु मत बनाओ 190 1
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान 571 1
सैक्स मनुष्य की सर्वाधिक महत्वपूर्ण ऊर्जा का नाम है। 676 1
साप्ताहिक ध्यान : ज्ञान और अज्ञान, दोनों के पार 106 1
ओशो – तीसरी आँख सूक्ष्‍म शरीर का अंग है 390 1
ध्यान -:पूर्णिमा का चाँद 550 1
त्राटक-एकटक देखने की विधि है | 268 1
पंख की भांति छूना ध्‍यान —ओशो 270 1
देखने के संबंध में सातवीं विधि 275 1
ध्यान : श्वास : सबसे गहरा मंत्र 190 1
शरीर और मन दो अलग चीजें नहीं हैं। 234 0
साप्ताहिक ध्यान : श्वास को शिथिल करो 109 0
मैं एक युवती के प्रेम में था। वह मुझे धोखा दे गई ! मैं क्या करूं 228 0
ध्यान: श्वास को विश्रांत करें 147 0
ध्यान:: त्राटक ध्यान : ओशो 233 0
ओशो —हर चक्र की अपनी नींद 340 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : श्वास : सबसे गहरा मंत्र 141 0
प्रेम जितना बढ़ेगा, सेक्‍स उतना क्षीण होगा: ओशो 228 0
ध्यान : संतुलन ध्यान 202 0
जब हनीमून समाप्त हो जाता है तो इसके बाद क्या? 236 0
ध्यान :: गर्भ की शांति पायें 165 0
ध्यान विधि : - ओशो 283 0
साप्ताहिक ध्यान : संतुलन ध्यान 117 0
स्वर्णिम प्रकाश ध्यान : ओशो 270 0
प्रेम से भर रहा है ? 183 0
ध्यान : संयम साधना 206 0
ध्यान : स्टॉप! (जैसे ही कुछ करने की वृत्ति हो, रुक जाओ।) 189 0
ओशो की सक्रिय ध्यान विधि 1,269 0
सिरविहीन होने के प्रयोग को--करके देखो 224 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : श्वास को विश्रांत करें 106 0
ओशो जिबरिश ध्यान विधि 260 0
स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ? 404 0
क्या यंत्र समाधि प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं? 91 0
ध्यान : कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना 173 0
ध्यान : सब काल्पनिक है 213 0
बहुत समय बाद किसी मित्र से मिलने पर जो हर्ष होता है, उस हर्ष में लीन होओ। 277 0
साप्ताहिक ध्यान : संयम साधना 104 0
जिबरिश ध्यान विधि 394 0
समाधि का पहला अनुभव कैसा होता है? 314 0
ध्यान : "हां' का अनुसरण 237 0
ध्यान शरीर की आदत नहीं है 190 0
यही शरीर, बुद्ध: हां, तुम। 205 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं? 124 0
आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान 341 0
प्यारे प्रभु! प्रश्नों के अंबार लगे हैं 244 0
प्रेम का अनुभव पूर्णता का अनुभव है : ईशावास्य उपनिषद 188 0
ओशो नियो-विपस्याना ध्यान 202 0
दूसरे को तुम उतना ही देख पाओगे जितना तुम अपने को देखते हो 213 0
साप्ताहिक ध्यान : अनुभव करें, विचारें नहीं 114 0
युवक कौन .... ?? 257 0
ध्यान: क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं? 230 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान 229 0
ओशो: जब कामवासना पकड़े तब क्या करें ? 167 0
शांत प्रयोग सफल नहीं होता 231 0
साप्ताहिक ध्यान "मैं यह नहीं हूं' 91 0
तकिया पीटना ( ध्यान ) - नकारात्मकता को निकाल फेंकना 281 0
मैं--तू' ध्यान - (ओशो: ध्यान विज्ञान) 161 0
ध्यान : अपनी श्वास का स्मरण रखें 141 0
मैं अकेलेपन से बहुत दुखी हूं, मैं इसके लिए क्या करूं? 355 0
स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान 513 0
साप्ताहिक ध्यान : सब काल्पनिक है 131 0
सहज योग 333 0
शरीर की शक्ति का ध्यान में उपयोग 127 0
श्वास को शिथिल करो! 231 0
ध्यान : गर्भ की शांति पायें 261 0
ध्यान : जहां कहीं भी तुम्हारा अवधान उतरे, उसी बिंदु पर, अनुभव। 174 0
ध्यान : मौन का रंग 269 0
ओशो गौरीशंकर ध्‍यान 327 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान :: गर्भ की शांति पायें 93 0
ध्यान आता है, एक फुसफुसाहट की तरह 259 0
ओशो स्टाॅप मेडिटेशन 223 0
ध्यान : क्या आप स्वयं के प्रति सच्चे हैं? 235 0
ध्यान : अपने विचारों से तादात्मय तोड़ें 173 0
सम्मोहन: दुर्व्यसनों से छुटकारा पाने का सशक्त उपाय 134 0
ओशो डाइनैमिक ध्‍यान 282 0
साप्ताहिक ध्यान : ध्वनि के केंद्र में स्नान करो 179 0
दूसरे का अवलोकन करो 224 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान -दूसरे का अवलोकन करो 105 0
संकल्प कैसे काम करता है? 667 0
ध्यान : ज्ञान और अज्ञान, दोनों के पार 195 0
ध्यान : काम ऊर्जा से मुक्ति 215 0
शब्दों के बिना देखना 173 0
ओशो नटराज ध्‍यान की विधि 294 0
साप्ताहिक ध्यान : "हां' का अनुसरण 109 0
ग्रंथियों का पता लगाने का एक प्रयोग 270 0
साप्ताहिक ध्यान : कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना 105 0
क्या आप सिगरेट छोड़ना चाहते हैं। 134 0
सफलता कोई मूल्य नहीं है 178 0
क्या जीवन को सीधा देखना संभव नहीं है? 232 0
ध्यान :"मैं यह नहीं हूं' 219 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : नकारात्मकता को निकाल फेंकना 131 0
साप्ताहिक ध्यान : मौन का रंग 169 0
साधक के लिए पहली सीढ़ी शरीर है 312 0
कर्म का नियम 216 0
ध्यान : संतुलन ध्यान 173 0
ध्यान : प्रमुदिता प्रकाश है 187 0
साक्षी को खोजना— ओशो 469 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान : संतुलन ध्यान 98 0
साप्ताहिक ध्यान:: त्राटक ध्यान 107 0
जिस दिन जागरण पूर्ण होगा उस दिन : साक्षी साधना 228 0
ध्यान : अपना मुंह बंद करो! 220 0
ध्यान : ध्वनि के केंद्र में स्नान करो 190 0
ध्यान : अनुभव करें, विचारें नहीं 154 0
व्यस्त लोगों के लिये ध्यान - व्यस्त लोगों के लिये ध्यान 78 0
पुनर्जन्‍म की बात 231 0
ध्यान : अपने हृदय में शांति का अनुभव करें 228 0
आप अच्छे हैं या स्वाभाविक? 218 0
नासाग्र को देखना (ध्‍यान)—ओशो 790 0
साप्ताहिक ध्यान : अवधान को बढ़ा 141 0
ध्वनि के केंद्र में स्नान करो 229 0
संन्यासी और गृहस्थी में क्या फर्क है? 199 0
करने की बीमारी 164 0