फलों की खेती

जामुन की खेती

गहरे काले रंग का अंडाकार छोटा सा फल है जामुन, हल्के खट्टे, मीठे और कसौले स्वाद से भरपूर इस फल को खाने के बाद जीभ का रंग बैंगनी हो जाता है। बचपन में जामुन खाने के बाद अधिकतर बच्चे अपनी बैंगनी जीभ एक दूसरे को दिखाते रहते हैं.... लेकिन बचपन में जामुन के स्वाद और खेल में हमें यह नही पता होता कि जामुन न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी है, बल्कि इसकी खेती भी किसानों के लिए आर्थिक तौर पर लाभदायक है।

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आडू की खेती

आड़ू या सतालू (अंग्रेजी नाम : पीच (Peach); वास्पतिक नाम : प्रूनस पर्सिका; प्रजाति : प्रूनस; जाति : पर्सिका; कुल : रोज़ेसी) का उत्पत्तिस्थान चीन है। कुछ वैज्ञानिकों का मत है कि यह ईरान में उत्पन्न हुआ। यह पर्णपाती वृक्ष है। भारतवर्ष के पर्वतीय तथा उपपर्वतीय भागों में इसकी सफल खेती होती है। ताजे फल खाए जाते हैं तथा फल से फलपाक (जैम), जेली और चटनी बनती है। फल में चीनी की मात्रा पर्याप्त होती है। जहाँ जलवायु न अधिक ठंढी, न अधिक गरम हो, 15 डिग्री फा. से 100 डिग्री फा. Read More : आडू की खेती about आडू की खेती