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भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम का नाम भारत में पाई जाने वाली बढ़ई मधुमक्खी से प्रेरित है जिसे भ्रामरी भी कहा जाता है। इस प्राणायाम को करने के पश्चात व्यक्ति का मन तुरंत शांत हो जाता है। इस प्राणायाम के अभ्यास द्वारा, किसी भी व्यक्ति का मन, क्रोध, चिंता व निराशा से मुक्त हो जाता है। यह एक साधारण प्रक्रिया है जिसको घर य ऑफिस, कहीं पर भी किया जा सकता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है।

इस प्राणायाम में साँस छोड़ते हुए ऐसा प्रतीत होता है की आप किसी बढ़ई मधुमक्खी की ध्वनि निकाल रहे हैं। जो इसके नाम का स्पष्टीकरण करता है। Read More : भ्रामरी प्राणायाम about भ्रामरी प्राणायाम

योग का महत्व

योग का महत्व

यह प्रमाणित तथ्य हैं की योग मुद्रा, ध्यान और योग में श्वसन की विशेष क्रियाओं द्वारा तनाव से राहत मिलती है, योग मन को विभिन्न विषयों से हटाकर स्थिरता प्रदान करता है और कार्य विशेष में मन को स्थिर करने में सहायक होता है.

हम मनुष्य किसी चीज़ की ओर तभी आकर्षित होते हैं जब उनसे हमें लाभ मिलता है. जिस तरह से योग के प्रति हमलोग आकर्षित हो रहे हैं वह इस बात का संकेत हैं कि योग के कई फायदे हैं. योग को न केवल हमारे शरीर को बल्कि मन और आत्मिक बल को सुदृढ़ और संतुष्टि प्रदान करता है. दैनिक जीवन में भी योग के कई फायदे हैं, आइये! इनसे परिचय करें. Read More : योग का महत्व about योग का महत्व

योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब

योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब

पेट गैस को अधोवायु बोलते हैं। इसे पेट में रोकने से कई बीमारियां हो सकती हैं, जैसे एसिडिटी, कब्ज, पेटदर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, बेचैनी आदि। लंबे समय तक अधोवायु को रोके रखने से बवासीर भी हो सकती है। आयुर्वेद कहता है कि आगे जाकर इससे नपुंसकता और महिलाओं में यौन रोग होने की भी आशंका हो सकती है।

गैस बनने के लक्षण 
पेट में दर्द, जलन, पेट से गैस पास होना, डकारें आना, छाती में जलन, अफारा। इसके अलावा, जी मिचलाना, खाना खाने के बाद पेट ज्यादा भारी लगना और खाना हजम न होना, भूख कम लगना, पेट भारी-भारी रहना और पेट साफ न होने जैसा महसूस होना। Read More : योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब about योग से गैस की दिक्कत को यूं करें गायब

यौगिक क्रियाएं

यौगिक क्रियाएं

योगिक क्रिया शरीर की आंतरिक शुद्धि की विशेष तकनीक है जिसका वर्णन हठयोग के ग्रंथों में पाया जाता है योगी को योगी ने अपने अनुभव और अभ्यास द्वारा इंहें भी विकसित किया है जिस प्रकार हम सामान्य मनुष्य अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दांतो की सफाई वालों की सफाई स्नान धुले वस्त्र पहनना आदि दैनिक नित्य कर्म करते हैं उसी प्रकार एक योगी योग साधना में लीन होने से पूर्व शरीर की आंतरिक शुद्धि के लिए श्रेष्ठ कर्मों का सहारा लेता है एवं का योग साधना में योग का अभ्यास करता है उन्हें कहते हैं कपालभाति योग द्वारा शरीर में तत्वों को बाहर निकालने का प्रयास किया जाता है अनावश्यक मानवाधिकार शरीर में जमा हो गया त Read More : यौगिक क्रियाएं about यौगिक क्रियाएं

तनाव से मुक्ति

तनाव से मुक्ति

तनाव अपने आप में एक बीमारी है जो कई अन्य बीमारियों को निमंत्रण देता है. इस तथ्य को चिकित्सा विज्ञान भी स्वीकार करता है. योग का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि यह तनाव से मुक्ति प्रदान करता है. योग मुद्रा, ध्यान और योग में श्वसन की विशेष क्रियाओं द्वारा तनाव से राहत मिलती है, यह प्रमाणित तथ्य है. योग मन को विभिन्न विषयों से हटाकर स्थिरता प्रदान करता है और कार्य विशेष में मन को स्थिर करने में सहायक होता है. तनाव मुक्त होने से शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कार्य करने की क्षमता भी बढ़ती है

 

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पीठ दर्द को जड़ से खतम करे मार्जारी आसन

मार्जारी आसन एक बहुत ही सरल आसन है जो कि खासतौर पर रीढ़ को लचीला बनाने के लिये किया जाता है। रीढ़ हमारे शरीर का स्‍तंभ होता है, अगर यह ठीक नहीं रहेगा तो आप ठीक से काम नहीं कर पाएंगे। मार्जारी आसन करने में बहुत ही आसान है। अगर आपको पीठ दर्द रहता है तो आप के लिये यह मार्जारी आसन बहुत लाभकारी होगा। पीठ दर्द की वजह से शरीर के अन्‍य भाग जैसे, कंधों में दर्द, मांसपेशियों में लोच की कमी, वजन का घटना, गर्दन में दर्द, कमजोरी और कभी-कभी सिरदर्द की भी शिकायत हो सकती है। मार्जारी आसन महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभदायक है। गर्भावस्था के दौरान पहले तीन महीने तक मार्जारी आसन का अभ्यास किया जा सकता है। यह Read More : पीठ दर्द को जड़ से खतम करे मार्जारी आसन about पीठ दर्द को जड़ से खतम करे मार्जारी आसन

ऐसे करें उत्तानपादासन

ऐसे करें उत्तानपादासन

 पीठ के बल लेट जायें। हथेलियां भूमि की और, पैर सीधे, पंजे मिले हुये हों । अब श्वांस भरकर एक पैर को 1 फुट तक धीरे धीरे ऊपर उठायें। 10 सैकण्ड रोके फिर धीरे धीरे पैरों को नीचे भूमि पर टिकायें। फिर क्रमशः दूसरे पैर से करें। 3 से 6 बार ।

अब यही क्रिया दोनों पैरों को एक साथ उठाकर क्रमशः करें। 3 से 6 बार ।

कमरदर्द वाले एक एक पैर से ही क्रमशः इस अभ्यास को करें।

कब्ज, गैस, मोटापा, पेटदर्द, नाभि का टलना, कमरदर्द, हृदयरोग में लाभप्रद। Read More : ऐसे करें उत्तानपादासन about ऐसे करें उत्तानपादासन

भुजंगासन

भुजंगासन

भुजंगासन:- पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियां भूमि पर रखते हुये हाथों को छाती के दोनों और रखें। कोहनियां ऊपर उठी हुई तथा भुजायें छाती से सटी हुई होनी चाहिये। पैर सीधे तथा पंजे आपस में मिले हुये हों। पंजे पीेछे की और तने हुये भूमि पर टिके हुये हों। श्वांस अन्दर भरकर छाती व सिर को धीरे धीरे ऊपर उठाइये। नाभि के पीछे वाला भाग भूमि पर टिका रहे। सिर को उपर उठाते हुये गर्दन को जितना पीछे मोड़ सकते हैं, मोड़ना चाहिये। इस स्थिती में करीब 10 से 30 सैकण्ड जितनी देर यथाशक्ति श्वासं रोक सके रूकें। श्वांस छोड़कर पूर्व स्थिती में आ जायें। सवाईकल, स्पोंडलाइटिस, पेट के रोग, स्लीपडिस्क स्त्रीरोग में लाभप्रद। 
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मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मधुमेह (डायबिटीज) दिवस पर कहा कि ऋषि प्रणीत जीवनचर्या अपनाने से इस जटिल रोग से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गौमुखासन के नियमित अभ्यास एवं सविता ध्यान से काफी राहत मिल सकती है।

डॉ. चिन्मय के अनुसार, सुबह जल्दी उठकर उगते हुए सूर्य का ध्यान, यज्ञोपैथी एवं नियमित आसनों के अभ्यास डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। डायबिटीज का मरीज अक्सर तनाव में रहता है। ऐसे में नियमित प्राणायाम एवं सात्विक आहार मन के साथ तन को शांत एवं स्वस्थ रख सकता है। Read More : मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन about मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन!

पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन!

वजन घटाने के लिए योग को सबसे कारगर और सरल तरीका माना जाता है। योग को लेकर सबसे बढि़या बात यह है कि इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। योग किसी भी उम्र वर्ग के लिए खासा लाभदायक है। गर्भवती महिलाओं को भी कुछ विशेष सावधानियों के साथ योग करने की सलाह दी जाती है। ज्ञात हो कि तनाव के चलते कई तरह की बीमारियां जन्‍म लेती हैं। लेकिन योग के आसनों के जरिये इससे निजात पाया जा सकता है। वजन घटाने और फिट रहने के लिए योग काफी कारगर है और इससे तनाव का स्‍तर घटने के साथ व्‍यक्ति का आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ता है। नीचे योग के कुछ आसनों के बारे में जिक्र किया गया है, जिसको निरंतर करने से वजन घटाने में काफी मदद मि Read More : पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन! about पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन!

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