योगासन करने की विधि

अगर सुबह सुबह योग किया जाए तो सारा दिन शरीर चुस्त दुरुस्त और स्फूर्ति से भरपूर रहता है। एक एक्टिवनेस और ऊर्जा बनी रहती है। सुबह सुबह हमारा मन शांत होता है और प्रदूषण स्तर कम होने के कारण वायु भी साफ होती है।

– योग करने के लिए हल्के और खुले कपड़े पहनें। खुले कपड़े पहनने से आप सभी योगासन आसानी से कर सकेंगे। योग करने से पहले गहने और घड़ी इत्यादि को उतारकर रख दें।

– नियमित रूप से योग करने की आदत बनाएं। इससे मानसिक विकास होगा और एकाग्रता शक्ति बढ़ेगी। आपका दिमाग एक्टिव रहेगा जिससे याद की हुई चीज़ें लम्बे समय तक याद रहेंगी। चीज़ें सोचने समझने में भी आसानी होगी। पॉजिटिव ऊर्जा का संचार होगा।

– योगाभ्यास शुरु करते समय सभी आसन एक दिन में करने की सोच न रखें। इससे आपको पहले दिन ज़्यादा थकान नहीं होगी और अगले दिन योग के लिए उत्साह बना रहेगा। योग करने का समय भी धीरे धीरे बढ़ाना चाहिए।

– योग की शुरु आप समूह में करें ताकि नियमित योग करने की प्रेरणा बनी रहे। आप योग केंद्र में भी एडमिशन ले सकते हैं।

– योग का लाभ लेने के नियम के अनुसार नियमित योग करना पड़ेगा। अगर आप सोचते हैं कि 30 दिन में सारे आसन खत्म करके आपका काम बन जाएगा तो यह बिल्कुल गलत है।

योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं

योगासन चित्र सहित नाम, आसन का अर्थ, योगासन के नाम, आसन क्या है, योगासन के लाभ, योगासन के प्रकार, योगासन और प्राणायाम, योगासन करने की विधि

योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है। योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं। आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है। शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अल

सुबह सबसे पहले करें ये आसन

योग करने के कई फायदे हैं। नियमित योग करने से से आप दिल और याद्दाश्‍त मजबूत होता है। सबसे अच्छी बात है कि योगा से आपके दिमाग में सकारात्‍मक ऊर्जा का संचार होता है। तो रोज सुबह उठकर इन  योगासनों को करें।

भुजंगासन

इस आसन से न सिर्फ पेट की चर्बी कम होती है बल्कि बाजुओं, कमर और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर लचीला बनता है।

योग को जल्दबाजी में न करके

योग करने का समय, चेहरे के लिए आसन, योग करने के नियम, ऑपरेशन के बाद पेट कम करने का उपाय, नर्वस सिस्टम का इलाज, योगासन करने की विधि, पेट कम करने के योगासन, हर्निया के लिए योगासन

एकांत में और आराम की स्थिति में किया जाने वाला योग है कपालभाती। इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। 

लाभ

डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, आर्थराइटिस, सांस व पेट संबंधी रोग, कब्ज, मोटापा व तनाव जैसी बीमारियों को दूर करने के साथ ही सकारात्मक सोच विकसित होती है। दिल के रोगियों को धीमी गति से इस योग को करना चाहिए। 

कब करें 

आप भी अपने लेख फिज़िका माइंड वेबसाइट पर प्रकाशित कर सकते है|

आप अपने लेख WhatsApp No 7454046894 पर भेज सकते है जो की पूरी तरह से निःशुल्क है | आप 1000 रु (वार्षिक )शुल्क जमा करके भी वेबसाइट के साधारण सदस्य बन सकते है और अपने लेख खुद ही प्रकाशित कर सकते है | शुल्क जमा करने के लिए भी WhatsApp No पर संपर्क करे. या हमें फ़ोन काल करें 7454046894