यदि आप अनिद्रा से पीड़ित है

यदि आप अनिद्रा से पीड़ित है

यदि आदतन आप को रात को अच्छी नींद नहीं आती,तो यह संभव है कि आप की उम्र तेजी से ज्यादा बढ़ रही है और इसके अतिरिक्त आप को अच्छा नहीं लगता होगा और आपकी भ्रमित सोच होगी | जब हम नींद में होते हैं तब हमारा शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है | इसलिये प्रतिदिन ६-८ घंटों की नींद आवश्यक है |

यदि आप की पर्याप्त नींद नहीं होती, तो योग इसमें सहायता करेगा | निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हुआ है जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें शामिल है | दिन के अंत में योग तनाव से मुक्ति देता है जिससे रात में अच्छी नींद आती है |

रात की अच्छी नींद हमारे पहुँच में है और सोने की दिनचर्या स्थापित करने के लिये निदान की अनुशंसा की जाती है |निम्न योग मुद्रायें आपको आराम और शांतिपूर्ण निद्रा प्रदान करने में सहायक होंगी |

हस्तपदासन: यह पीठ के मासपेशियों में रीड की हड्डीमें खिंचाव लाता है, रक्त का प्रवाह बढ़ा कर तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है और रीड की हड्डी में कोमलता प्रदान करता है |

मार्जारीआसन: रीड की हड्डी के लचीलेपन के लिये उत्तम खिंचाव देता है | यह पाचन अंगों की मालिश करने में सहायक है जिससें पाचन में सुधार होता है और आप को अच्छी नींद आने में सहायता मिलती है | इससे रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और मन को विश्राम मिलता है |

शिशुआसन : पीठ में गहन विश्राम देने वाला खिंचाव जिससे तंत्रिका तंत्र शांत हो जाता है और आप शांति से सो सकते हैं |

बद्धाकोनासन : इस मुद्रा से लंबे समय तक खड़े या चलने से आई थकान को दूर करने में सहायता मिलती है | भीतरी जांघों,ऊसन्धि और घुटनों के लिये अच्छा खिंचाव मिलता है |

विपरीताकरनी

  • पीठ के बल सीधे लेट जायें | पहले बायां पैर ऊपर उठायें और फिर दाहिना पैर ऊपर उठायें और दोनों पैरों को दीवार के सहारे से ऊपर रखें |
  • अब अपनी आँखों को बंद कर लें और गहरी सांसे लीजियें और इस मुद्रा में विश्राम करें | आप रोशनी से बचने के लिये आँखों पर पट्टी लगा सकते हैं | जब तब आप इस मुद्रा में आराम से बने रह सकते हैं तब तक बने रहें और फिर इस मुद्रा से बाहर आ जायें और फिर धीरे धीरे पैरों को निचे की ओर ले आयें |

थके हुयें पैरों के लिये उत्तम मुद्रा, मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ता है और सिर के दर्द से निदान मिलता है और मन शांत होता है | इसके अलावा भोजन के उपरांत शवासन में लेटना और योग निद्रा करने से पूरे तंत्र को शांत करने में सहायता मिलती है |

नींद के विशेषज्ञ अक्सर आदर्श नींद के दिनचर्या के प्रभाव के बारे में बताते हैं जिससे आपके शरीर को संकेत मिल सके कि यह सोने का समय है और वह सोने की तैयारी कर सके | आप अपने दिनचर्या में नाड़ी शोधन प्राणायाम भी शामिल कर सकते हैं जिससे आप तनाव मुक्त होकर शांति से सो सके |

अच्छी नींद के लिये अन्य सुझाव

  • भस्रिका प्राणायाम को देर रात करने से बचें | उस से आप में बहुत ऊर्जा भर जायेगी और आप को नींद आने में बाधा उत्पन्न करेगी |
  • देर रात डरावनी फ़िल्म देखने से बचे क्योंकि उसका विचार आपके मन में पूरी रात आता रहेगा | सोने से पहले कोमल वाद्य संगीत जैसे वीणा वादन , मंत्रोचारण या ज्ञान को सुनना अच्छा होता है |
  • अपने खुद के नींद का एक आदर्श तरीका बनायें | दिन के समय सोने का सुझाव नहीं दिया जाता | इससे जैविक घड़ी बाधित होती है | आदर्श के रूप में दोपहर में आधे घंटे सोना और रात में ६-८ घंटे सोना अच्छी बात है |
  • आपने दिन भर क्या किया इसका आत्म चिंतन करें |संतोष रखें और प्रार्थना करके आनंदमय और आरामदायक मन के साथ सोने जायें | अपने बिस्तर को सोने से पहले साफ कर लें |
  • अपने रात्रि का भोजन रात में ८.३० तक कर लें | अपने अंतिम भोजन और सोने के समय के मध्य में करीब २ घंटे का अंतराल रखें |
  • यदि आपके जीवन साथी या प्रियजनों के साथ आपका झगड़ा हुआ है तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह सुलझ जायें | उसे मन में रखने से आपकी नींद खराब तो होगी ही बल्कि अगला दिन भी खराब हो जायेगा |
  • रात्रि में उत्तेजक चीजों का सेवन करने से बचे विशेष रूप से यदि आप अनिद्रा से पीड़ित है |
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