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हृदय रोग को दूर भगाए योगासन

हृदय रोग को दूर भगाए योगासन

हृदय रोगों की संख्याल के बढ़ने कीसबसे बड़ी वजह है लोगों का अपनी सेहत को हल्के में लेना। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने काम को ज्यादा प्रथामिकता देते हैं। लेकिन जरा सोचिए अगर आप स्वस्थ नहीं रहेंगे तो काम कैसे कर पाएंगे। ऐसे में अगर आप थोड़ा सा समय योग के लिए निकालें तो आप अपने दिल को चुस्त दुरुस्त रख पाएंगे। आईए जानें हृदय रोग में कौन से कौन योग करना चाहिए। 
ताड़ासन 

हेयर योगा : योग में चमत्कार

हेयर योगा

उम्र से पहले बालों का सफेद होना एक आम समस्या है और इससे निजात पाने के लिए कारगर है- ग्रे हेयर योगा। इस योगा में हाथों के नाखूनों को आपस में रगड़ा जाता है। आप एक हाथ के नेल्स को दूसरे हाथ के नेल्स से रब करें। इसे एक दिन पांच मिनट के लिए 5 बार करें। अगर आप इसे योग को छह महीने के लिए नियमित तौर पर करते हैं तो बालों के असमय सफेद होने की समस्या से निजात पायी जा सकती है।

स्त्री-पुरुष दोनों में ही शारीरिक फिटनेस योग से

आम जीवन में स्त्री-पुरुष दोनों में ही शारीरिक फिटनेस या सुडौलता के प्रति जिज्ञासा बढ़ी है, परिणामस्वरूप प्रत्येक छोटे-बड़े शहरों व कस्बों में आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित व्यायामशाला, हैल्थ क्लब, जिम, क्लब एवं फिटेनस सेंटर दिखाई दे रहे हैं।

वीर्यवान व्यक्ति ही अपना सर्वांगीण विकास कर सकता है

वीर्यवान व्यक्ति

हमारे ऋषियों ने योग का प्रयोग भोग के वजाय आध्यात्मिक प्रगति करने के लिए जोर दिया है जो नैतिक दृष्टि से सही भी है | परन्तु ईश्वर की सृष्टि को बनाये रखने के लिए संसारिकता भी आवश्यक है, वीर्यवान व्यक्ति ही अपना सर्वांगीण विकास कर सकता है,संतानोत्पत्ति के लिए वीर्यवान होना आवश्यक है पौरूषवान (वीर्यवान) व्यक्ति ही सम्पूर्ण पुरुष कहलाने का अधिकारी होता है | वीर्य का अभाव नपुंसकता है इसलिए मौज-मस्ती के लिए वीर्य का क्षरण निश्चित रूप से दुखदायी होता है | ऐसे व्यक्ति स्वप्नदोष,शीघ्रपतन और नपुंसकता जैसे कष्ट सहने को विवश होते हैं |

क्‍या हैं यागासन के लाभ

यागासन के लाभ

(1) योगासनों से भीतरी ग्रंथियां अपना काम अच्छी तरह कर सकती हैं और युवावस्था बनाए रखने एवं वीर्य रक्षा में सहायक होती है।
(2) योगासनों द्वारा पेट की भली-भांति सुचारु रूप से सफाई होती है और पाचन अंग पुष्ट होते हैं। पाचन-संस्थान में गड़बड़ियां उत्पन्न नहीं होतीं।
(3) योगासन मेरुदण्ड-रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और व्यय हुई नाड़ी शक्ति की पूर्ति करते हैं।
(4) योगासन पेशियों को शक्ति प्रदान करते हैं। इससे मोटापा घटता है और दुर्बल-पतला व्यक्ति तंदरुस्त होता है।

हमारे शरीर को 13 प्रकार की अग्नियां चलाती हैं

हमारे शरीर को 13 प्रकार की अग्नियां चलाती हैं

हमारे शरीर को 13 प्रकार की अग्नियां चलाती हैं, जिनमें खाना पचाने में उपयोगी सात धातुओं की अग्नि, पांच भूतों की अग्नि व एक भूख लगाने वाली जठराग्नि होती है। अतः जो इन 13 प्रकार की अग्नियों को बल दे, उसे अग्निसार कहते हैं। यह क्रिया पेट के रोगों से जीवन भर बचाव के लिए बड़ी महत्वपूर्ण है। यह भी षट्कर्म का एक अभ्यास है।

डिप्रेशन को खत्म करने की दिशा में : योग

डिप्रेशन को खत्म करने की दिशा में : योग

कई बार हम लंबे समय तक इसे नजरंदाज करते रहते हैं। इस तरह ना तो हम प्रफेशनली अपना बेस्ट दे पाते हैं और न ही निजी जिंदगी में खुश रह पाते हैं। ऐसा माना गया है कि डिप्रेशन का इलाज योग में भी है। आइए जानें कि किस तरह दिनचर्या से कुछ वक्त निकालकर योग के जरिए हम डिप्रेशन को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं- 

योग में करियर: जानिए कैसे कर सकते हैं अच्छी कमाई

भारत में 3 लाख योग प्रशिक्षकों की कमी: एसोचैम हाल ही में एसोचैम द्वारा किए गए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है कि देश में तीन लाख योग प्रशिक्षकों की कमी है. जबकि पांच लाख योग प्रशिक्षकों की आवश्यकता है. अध्ययन के अनुसार दक्षिण पूर्व एशिया में योग प्रशिक्षकों की मांग सबसे अधिक है. भारत, दक्षिणपूर्व एशिया और चीन के लिए इसका सबसे बड़ा निर्यातक है. अनुमान है कि चीन में भारत के 3,000 योग प्रशिक्षक काम कर रहे हैं. जिनमें से ज्यादातर हरिद्वार और ऋषिकेश के हैं, जिसे भारत का योग की राजधानी कहा जाता है. क्योंकि यहां सबसे ज्यादा योग स्कूल हैं.

योग से सेहत को कितना फायदा?

योग से सेहत को कितना फायदा?

आना ट्रोएकेस: हम जानते हैं कि आजकल ज्यादातर बीमारियों का तनाव से कुछ ना कुछ संबंध होता है. रोजमर्रा के जीवन का तनाव शरीर के कई हिस्सों, हृदय के रोग से लेकर शरीर के पूरे प्रतिरोधी तंत्र पर पड़ता है. हजारों सालों से योग में इन तनावों से निपटने के तरीकों का विकास हुआ है, जिनसे जीवन में तनाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.

किन बीमारियों में योग के फायदे सिद्ध हो चुके हैं?

मिर्गी रोग को जड़ से खत्म करते हैं ये योगासन

मिर्गी रोग को जड़ से खत्म करते हैं ये योगासन

मिर्गी के लिए योग : मिर्गी एक दिमागी बीमारी है जिसमें रोगी को अचानक दौरा पड़ने लगता है। दौरा पड़ने पर व्यक्ति का दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है और उसका शरीर अकड़ जाता है। मिर्गी के रोग को ठीक करने के लिए रोगी कई तरह के इलाज करवाते हैं लेकिन कई बार इससे दौरे पड़ने की स्थिति में फर्क नहीं पड़ता। ऐसे में योगासन करके मिर्गी की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है। आइए जानिए ऐसे ही कुछ योग क्रियाओं के बारे में

बस करें ये छोटा सा आसन उपाय, कभी नहीं आएगा बुढ़ापा

नहीं आएगा बुढ़ापा

जिंदगी की शाम जब ढलने लगती है तो न सिर्फ शरीर में ढेरों बीमारियां अपना घर बना लेती हैं, बल्कि जीवन में एक सूनापन भी छा जाता है। 

हमारे देश में बहुत कम ऐसे लोग हैं, जो 60 साल की उम्र में भी उसी जीवंतता के साथ जीवन व्यतीत करते हैं। योग के सहारे इस उम्र में भी खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से दुरुस्त रख सका जा सकता है।

वैसे तो उम्र ड़ाव पर ही योग के अनेक फायदे हैं, लेकिन स्त्रियों को तो योग के ज़रिये अतिरिक्त फायदा पहुंचता है। उम्र के अलग-अलग दौर में विभिन्न प्रकार के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। 

योगासनों का सबसे बड़ा गुण

योगासनों का सबसे बड़ा गुण

 यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है। योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं। आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है। शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अलग महत्त्व है।

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