सिंहनाद

योग
  • वज्रासन में बैठकर, थोड़ा झुकते हुये दोनों घुटनों के बीच में हथेलियों को जमीन पर पीेछे की और टिकाकर, गर्दन को घुमायेंगे। अब श्वासं भरकर मुहं खोलकर जीभ बाहर निकालकर ऊपर की और गर्दन करके, आंखें फैलाकर ऊपर देखते हुये गले के अन्दर से शेर की भांति दहाड़ मारेंगे। इस स्थिती में कुछ देर रूकना है। 2-3 बार करना है। सिहांसन करने के पश्चात गले से लार छोड़ते हुये हल्के हाथ से गले की मालिश करनी चाहिये।
  • इससे गले में खराश नहीं होती। टाँसिल, थायराईड व अन्य गले सम्बन्धी रोगों में उपयोगी है।
  • अस्पष्ट उच्चारण, तुतलाकर बोलने वालों के लिये महत्वपूर्ण है।
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