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योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा

योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा

नियमित तौर पर योग करने से ना सिर्फ आपका तनाव कम होता है, शरीर स्वस्थ बना रहता है और नींद अच्छी आती है बल्कि शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं जिससे आपकी त्वचा में भी एक प्राकृतिक चमक आ जाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो योग की मदद से चर्म रोग से संबंधित समस्याएं जैसे कील-मुहांसे से छुटकारा मिलता है और हमारी त्वचा अंदर से साफ हो जाती है। एक नजर उन आसनों पर जिससे क्लियर स्किन पाने में मदद मिलती है- Read More : योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा about योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा

लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन

लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन

उर्ध्वोत्तानासन को रीढ़ विकृतियों में, कमजोर पैरों की स्थिति में, मोटापे में, ड्रॉपिंग शोल्डर व नैरो चेस्ट की स्थिति में योग चिकित्सक की सलाह अनुसार करना चाहिए तो लाभ मिलेगा। यह अति उत्तम और सरल आसन आपको स्फूर्तिवान और प्रसन्नचित्त बनाए रखने में सक्षम है।

आसन परिचय : उर्ध्व का अर्थ होता है ऊपर और तान का अर्थ तानना अर्थात शरीर को ऊपर की और तानना ही उर्ध्वोत्तानासन है। अनजाने में ही व्यक्ति कभी-कभी आलसवश दोनों हाथ ऊपर करके शरीर तान देता है। शरीर को ऊपर की ओर तानते हुए त्रिबंध की स्थिति में स्थिर रहना चाहिए। Read More : लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन about लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन

बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर

बकासन से चेहरा

बक अर्थात बगुला। इस आसन को करते वक्त बगुले जैसी स्थिति हो जाती है इसी कारण इसे बकासन कहते है

बकासन योग विधि : शुरुआत में इस आसन को करते समय दोनों हाथों की हथेलियों को भूमि पर कुछ इस तरह स्थिर करें कि आपकी अंगुलियां पीछे की ओर तथा अंगुठें आगे की ओर हो। इसके बाद घुटनों को कोहनियां से ऊपर भुजाओं पर स्थिर कर दें।

श्वास अंदर भरके धीरे से आगे की झुकते हुए शरीर के भार को हथेलियों पर संभालते हुए पैरों को भूमि से ऊपर उठाएं। अभ्यास से ही इस स्थिति में हुआ जा सकता है।

वापसी के लिए पहले पैरों के पंजों को भूमि पर टिकाएं। Read More : बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर about बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर

डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

योग से सेहत संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन ठीक कर सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत नहीं कर सकता।

1- सूक्ष्म आसन ;- चालीस की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में खानपान की अनियमितता आदि से कैल्शियम की कमी हो जाती है। इसका नतीजा यह है कि घुटनों में दर्द और स्पांडलाइटिस की तकलीफ परेशान करने लगती है। इस आसन को करने से काफी लाभ होता है। Read More : डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन about डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाएँ

सेल्फ कांफिडेंस

आत्म विश्वास सेहत और सफलता का आधार है। कमजोर आत्म विश्वास से बहुत सारी शारीरिक और मानसिक बीमारियों का जन्म होता है। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए शरीर और मन में स्वस्थ्‍य अनुभव करना जरूरी है। आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए कुछ योगा टिप्स।

मौन : योग में कहा गया है कि मौन से मन की शक्ति का विकास होता है। देखने और समझने की क्षमता बढ़ती है और संयम का जन्म होता है। दिन के 12 घंटे में सिर्फ एक घंटे के लिए मन के भीतर की प्रत्येक गतिविधि को रोक दें। Read More : सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाएँ about सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाएँ

पेट की चर्बी घटाए तोलांगुलासन

पेट की चर्बी घटाए

वजन तोलते वक्त दोनों तराजू संतुलन में रहते हैं अर्थात तराजू का कांटा बीचोंबीच रहता है उसी तरह इस योगासन में भी शरीर का संपूर्ण भार नितंब पर आ जाता है और व्यक्ति की आकृति ताराजू जैसी लगती है इसीलिए इसे तोलांगुलासन कहते हैं।

आसन विधि : सर्वप्रथम दण्डासन में बैठ जाएं। फिर शरीर के भार को नितंबों पर संतुलित करते हुए श्वास अन्दर लें। अब थोड़ा-सा पीछे झुकते हुए हाथ-पैरों को भूमि पर से धीरे-धीरे ऊपर उठा दें। कुछ देर रुकने के बाद पुन: दण्डासन में लौट आएं। Read More : पेट की चर्बी घटाए तोलांगुलासन about पेट की चर्बी घटाए तोलांगुलासन

साप्ताहिक ध्यान : स्टॉप!

साप्ताहिक ध्यान : स्टॉप!

जैसे ही कुछ करने की वृत्ति हो, रुक जाओ।

 

तुम कहीं भी इसका प्रयोग कर सकते हो। तुम स्नान कर रहे हो; अचानक अपने को कहो: स्टॉप! अगर एक क्षण के लिए भी यह एकाएक रुकना घटित हो जाए तो तुम अपने भीतर कुछ भिन्न बात घटित होते पाओगे। तब तुम अपने केंद्र पर फेंक दिए जाओगे। और तब सब कुछ ठहर जाएगा। तुम्हारा शरीर तो पूरी तरह रुकेगा ही, तुम्हारा मन भी गति करना बंद कर देगा।

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उत्तान पादासन से तुरंत पेट अंदर

उत्तान पादासन से तुरंत पेट अंदर

आधुनिकता की अंधी दौड़ में खान-पान, रहन-सहन, आचार-विचार और जीवन पद्धति के विकृत हो जाने से आज सारा समाज अनेक प्रकार के रोगों से ग्रस्त हैं। खासकर वह अपच, कब्ज, मोटापा, तोंद और अन्यपेट संबंधी बीमारियों से परेशान हो गया है। सभी के निदान के लिए लिए योग ही एकमात्र उपाय है। यहां प्रस्तुत है पेट को अंदर करने के लिए अचूक आसन उत्तान पादासन।

सावधानी : जब कमर में दर्द तथा मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हो, उस समय इस आसन का अभ्यास नहीं करें। गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अभ्यास न करें। Read More : उत्तान पादासन से तुरंत पेट अंदर about उत्तान पादासन से तुरंत पेट अंदर

पेट-पीठ को स्वस्थ बनाए उष्ट्रासन

स्वस्थ बनाए उष्ट्रासन

वर्तमान युग में हममें से अधिकांश व्यक्तियों की आम शिकायत या तो पीठ के बारे में होती है या पेट के बारे में। उष्ट्रासन के नियमित अभ्यास से इन दोनों परेशानियों से हम बच सकते हैं।  Read More : पेट-पीठ को स्वस्थ बनाए उष्ट्रासन about पेट-पीठ को स्वस्थ बनाए उष्ट्रासन

पॉजीटिव सोच के लिए कपालभाति योग करें

कपालभाति योग करें

एकांत में और आराम की स्थिति में किया जाने वाला योग है कपालभाती। इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। 

लाभ

डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, आर्थराइटिस, सांस व पेट संबंधी रोग, कब्ज, मोटापा व तनाव जैसी बीमारियों को दूर करने के साथ ही सकारात्मक सोच विकसित होती है। दिल के रोगियों को धीमी गति से इस योग को करना चाहिए। 

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