Yog

दमा से राहत दिलाए योग व प्राणायाम

अस्थमा के लिये योग दमा का घरेलू उपचार अस्थमा के लिए घरेलू नुस्खे अस्थमा फॉर योग अस्थमा का कारण बनता है अस्थमा की दवाई योग फॉर अस्थमा इन हिंदी अस्थमा के लिए आहार

दमा की यह कहावत अब पुरानी हो चुकी है कि दमा दम लेकर ही दूर होता है। दमा को श्वास रोग कहते हैं। दमा के रोगियों में सांस नली चौड़ी होने के बजाय सिकुड़ जाती है। सांस नली में पड़ी कार्बन डाई ऑक्साइड बाहर नहीं निकल पाती है और रोगी को बलपूर्वक एवं कठिनाई से उसे निकालने का प्रयास करना पड़ता है। परन्तु योग ने यह सिद्ध कर दिया है कि उन्हें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। दमे के रोगियों के लिए कुछ खास योगों में गोमुखासन और सूर्यभेदी प्राणायाम अत्यन्त लाभदायक है।
गोमुखासन

योग के ग्रंथ: पतंजलि योग सूत्र

योग के ग्रंथ: पतंजलि योग सूत्र

पतंजलि को योग के पिता के रूप में माना जाता है और उनके योग सूत्र पूरी तरह योग के ज्ञान के लिए समर्पित रहे हैं।

प्राचीन शास्त्र पतंजलि योग सूत्र, पर गुरुदेव के अनन्य प्रवचन, आपको योग के ज्ञान से प्रकाशमान (लाभान्वित) करते हैं, तथा योग की उत्पति और उद्देश्य के बारे में बताते हैं। योग सूत्र की इस व्याख्या का लक्ष्य योग के सिद्धांत बनाना और योग सूत्र के अभ्यास को और अधिक समझने योग्य व आसान बनाना है। इनमें ध्यान केंद्रित करने के प्रयास की पेशकश की गई है कि क्या एक ‘योग जीवन शैली’ का उपयोग योग के अंतिम लाभों का अनुभव करने के लिए किया जा सकता है|

योग आसन दूर करे पेट में बनने वाली गैस की परेशानियों को, जानकर हैरान

योग आसन दूर करे पेट में बनने वाली गैस की परेशानियों को, जानकर हैरान

आइए जानें योगासन से क्या -क्या लाभ है 

आज जो योगआसान हम आपको बताने वाले हैं, उससे आपको गैस तथा एसीडिटी दोनों से राहत मिलेगी। एक बात जिसका आपको खास ख्‍याल रखना है, वह ये कि योगा करने से पहले पानी बिल्‍कुल भी ना पियें। इस योगा से आपके पेट पर गहरा असर पडे़गा। इन नीचे दिये योग आसन को रोजाना सुबह के समय करें, जिससे आपको कभी पेट में गैस की समस्‍या ना झेलनी पडे़।

सुबह सबसे पहले करें ये आसन

योग करने के कई फायदे हैं। नियमित योग करने से से आप दिल और याद्दाश्‍त मजबूत होता है। सबसे अच्छी बात है कि योगा से आपके दिमाग में सकारात्‍मक ऊर्जा का संचार होता है। तो रोज सुबह उठकर इन  योगासनों को करें।

भुजंगासन

इस आसन से न सिर्फ पेट की चर्बी कम होती है बल्कि बाजुओं, कमर और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर लचीला बनता है।

बच्‍चों में आलस्‍य को और डर को दूर करता है यह योगासन

 बच्‍चों में आलस्‍य को और डर को दूर करता है यह योगासन

शवासन

इस आसन को करने के लिए अपनी पीठ के सहारे लेट जाएं। पैर सीधे रखें। अपने दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 5 इंच की दूरी पर इस तरह रखें कि दोनों हाथ की हथेलियां आसमान की दिशा में हो। अब शरीर के हर अंग ढीला छोड़ दें। आंखें बंद कर लें। पूरा ध्यान सांसों पर लगाएं।

वृक्षासन

2018 में करें योगासन, फिर आप रहे फिट और स्‍वस्‍थ

सुर्यनमस्‍कार करे कुछ इस प्रकार 

योगासनो में सबसे असरकारी और लाभदायक सूर्यनमस्कार है। इसमें सभी आसनों का सार छिपा है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास 12 स्थितियों में होता है। इसके आसनों को बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। सूर्य मुद्रा हमारे शरीर के अग्नि तत्वों को संचालित करती है। सूर्य की उंगली का संबंध सूर्य और यूरेनस ग्रह से है। सूर्य नमस्कार करने से आंखो की रोशनी बढती है, खून का प्रवाह तेज होता है, ब्लड प्रेशर में आरामदायक होता है, वजन कम होता है। सूर्य नमस्कार करने से कई रोगों से छुटकारा मिलता है। इसे करने से आने वाले साल में हर दिन स्‍वस्‍थ जीवन जी सकेंगे।

सर्वांगासन

सांस लेने की तकनीक प्राणायाम और ध्यान

सांस लेने की तकनीक प्राणायाम और ध्यान

सांस का नियंत्रण और विस्तार करना ही प्राणायाम है। साँस लेने की उचित तकनीकों का अभ्यास रक्त और मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन देने के लिए, अंततः प्राण या महत्वपूर्ण जीवन ऊर्जा को नियंत्रित करने में मदद करता है । प्राणायाम भी विभिन्न योग आसन के साथ साथ चलता जाता है।  योग आसन और प्राणायाम का संयोग शरीर और मन के लिए, शुद्धि और आत्म अनुशासन का उच्चतम रूप माना गया है। प्राणायाम तकनीक हमें ध्यान का एक गहरा अनुभव प्राप्त करने हेतु भी तैयार करती है।

भ्रामरी प्राणायाम करे

किस स्थिति में बैठना चाहिए:- इस प्रकार ध्यान के आसान में बैठें.

विधि:-

  • आसन में बैठकर रीढ़ को सीधा कर हाथों को घुटनों पर रखें . तर्जनी को कान के अंदर डालें।
  • दोनों नाक के नथुनों से श्वास को धीरे-धीरे ओम शब्द का उच्चारण करने के पश्चात मधुर आवाज में कंठ से भौंरे के समान गुंजन करें।
  • नाक से श्वास को धीरे-धीरे बाहर छोड़ दे।
  • पूरा श्वास निकाल देने के पश्चात भ्रमर की मधुर आवाज अपने आप बंद होगी।
  • इस प्राणायाम को तीन से पांच बार करें|

 लाभ इस प्रकार है -

प्राणायाम के लाभ और कैसे करे

प्राणायाम  के लाभ

प्राण का अर्थ, ऊर्जा अथवा जीवनी शक्ति है तथा आयाम का तात्पर्य ऊर्जा को नियंत्रित करनाहै। इस नाडीशोधन प्राणायाम के अर्थ में प्राणायाम का तात्पर्य एक ऐसी क्रिया से है जिसके द्वारा प्राण का प्रसार विस्तार किया जाता है तथा उसे नियंत्रण में भी रखा जाता है.

यहाँ 3 प्रमुख प्राणायाम के बारे में चर्चा की जा रही है:-

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

 प्राणायाम की विधि:-

अस्‍थमा, ब्‍लडप्रेशर और शुगर लेवर को स्वास्थ्य रखते है ये योगासन

अस्‍थमा, ब्‍लडप्रेशर और शुगर लेवर को  स्वास्थ्य रखते है ये योगासन

योगासन को अगर आप योग को जीवनशैली में शामिल कर ले ! तो कई तरह की बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। अक्‍सर लोग सेहत और फिटनेस की देखभाल पर बहुत ज्य़ादा खर्च करते हैं पर इससे उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं होता। योग स्वस्थ रहने का एक ऐसा सरल तरीका है, जिसे अपना कर आप ताउम्र कई गंभीर बीमारियों से बचे रह सकते हैं। आइए जानते हैं कि योगाभ्यास के माध्यम से किन समस्याओं को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।

Pages