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डायबि‍टीज और तोंद को कंट्रोल करे कुर्मासन योग

कुर्मासन योग

कुर्म का अर्थ होता है कछुआ। इस आसन को करते वक्त व्यक्ति की आकृति कछुए के समान बन जाती है इसीलिए इसे कुर्मासन कहते हैं।

कुर्मासन की विधि : सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं। फिर अपनी कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर हथेलियों को मिलाकर ऊपर की ओर सीधा रखें।

इसके बाद श्वास बाहर निकालते हुए सामने झुकिए और ठोड़ी को भूमि पर टिका दें। इस दौरान दृष्टि सामने रखें और हथेलियों को ठोड़ी या गालों से स्पर्श करके रखें। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद श्वास लेते हुए वापस आएं।

यह आसन और भी कई तरीकों से किया जाता है, लेकिन सबसे सरल तरीका यही है। Read More : डायबि‍टीज और तोंद को कंट्रोल करे कुर्मासन योग about डायबि‍टीज और तोंद को कंट्रोल करे कुर्मासन योग

स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान

शक्ति बढ़ाए हलासन

जीवन की सफलता में स्मरण शक्ति की खास भूमिका होती है। यह अगर कमजोर हो जाए तो कई बार अपमान का भी सामना करना पड़ता है। आप उसे बेहतर करने के लिए यौगिक क्रियाओं को अपनाएं। बता रहे हैं योगाचार्य कौशल कुमार Read More : स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान about स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान

योग करें,हृदय-रोग से मुक्त रहें

हृदय-रोग से मुक्त

आज की लाइफ स्टाइल में अपनी सेहत का खयाल रखने के लिए भी हम पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। व्यस्त दिनचर्या का असर धीरे-धीरे हमारे दिल पर भी पड़ने लगता है जिससे बाद में बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। अगर योग का थोड़ा सहयोग लें तो हम अपने दिल का खयाल रख सकते हैं।  Read More : योग करें,हृदय-रोग से मुक्त रहें about योग करें,हृदय-रोग से मुक्त रहें

स्तन कैंसर के उपचार के बाद योग करना लाभदायक l

योग करना लाभदायक

एक शोध में पता चला है कि स्तन कैंसर के इलाज के बाद यदि कम से कम तीन महीनों तक नियमित रूप से योगाभ्यास किया जाए , तो इससे थकान और सूजन काफी हद तक कम होती है। अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान के प्रोफेसर और मनोरोग विशेषज्ञ जेनिस कीकॉल्ट-ग्लासेर ने कहा, "कुछ महीनों तक लगातार योगाभ्यास करने से स्तन कैंसर से उबरे मरीजों को काफी फायदा पहुंचता है।" उन्होंने कहा, "नियमित योगाभ्यास के सकारात्मक परिणाम उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जिनको थकान और सूजन की समस्या रहती है।" योगा करने से हमारे शरीर को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं जिसका अनुमान शायद ही हम इस जिंदगी में लगा सकते हैं। Read More : स्तन कैंसर के उपचार के बाद योग करना लाभदायक l about स्तन कैंसर के उपचार के बाद योग करना लाभदायक l

रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए हलासन

लचीला बनाए हलासन

इस आसन के अभ्यास की स्थिति में आसन करने वाले व्यक्ति का आकार हल के समान होता है, इसलिए इसे हलासन कहते हैं। अगर आप दिनभर ऑफिस में बैठ कर काम करते हैं और आपकी गर्दन और पीठ हमेशा अकड़ी रहती है तो यह आसन उसे ठीक कर सकता है। शास्त्रों के अनुसर जिस व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी जितनी मुलायम व लचीली होगा व्यक्ति उतना ही स्वस्थ एवं लम्बी आयु को प्राप्त करेगा। हलासन के अभ्यास से थायरायड तथा पैराथायरायड ग्रंथियों की अच्छी तरह से मालिश हो जाती है, जिससे गले सम्बन्धी सभी रोग दूर हो जातेहैं। इस आसन को करते समय हृदय व मस्तिष्क को बिना किसी कोशिश की खून की पूर्ति होती है। जिससे हृदय मजबूत होता है और शरीर में खू Read More : रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए हलासन about रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए हलासन

योगासन: 

पाइल्स का क्या हैं? यौगिक क्रियाएँ से इलाज

अच्छी नींद के लिये योग करें

अच्छी नींद के लिये

यदि आदतन आप को रात को अच्छी नींद नहीं आती,तो यह संभव है कि आप की उम्र तेजी से ज्यादा बढ़ रही है और इसके अतिरिक्त आप को अच्छा नहीं लगता होगा और आपकी भ्रमित सोच होगी | जब हम नींद में होते हैं तब हमारा शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है | इसलिये प्रतिदिन ६-८ घंटों की नींद आवश्यक है |

यदि आप की पर्याप्त नींद नहीं होती, तो योग इसमें सहायता करेगा | निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हुआ है जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें शामिल है | दिन के अंत में योग तनाव से मुक्ति देता है जिससे रात में अच्छी नींद आती है | Read More : अच्छी नींद के लिये योग करें about अच्छी नींद के लिये योग करें

पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है

पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है

सीधे लेटकर दांये पैर के घुटने को छाती पर रखें। दोनों हाथों को अंगुलियां एक दूसरे में डालते हुये घुटने पर रखें, श्वांस बाहर निकालते हुये घुटने को दबाकर छाती से लगायें एवं सिर को उठाते हुये घुटने से नासिका का स्पर्श करें। 10 से 30 सैकण्ड रोकते हुये फिर पैर को सीधा कर दें। इसी तरह दूसरे पैर से करें। अन्त में दोनों पैरों से एक साथ करें।

वायु विकार, स्त्रीरोग, मोटापा, कमरदर्द, हृदयरोग में लाभप्रद। यदि कमर में दर्द हो तो सिर उठाकर घुटने से नासिका ना लगायें। केवल पैरो को दबाकर छाती से स्पर्श करें। इससे स्लिपडिस्क, सायटिका, कमरदर्द में लाभ होता है।  Read More : पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है about पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है

सिंहनाद

योग
  • वज्रासन में बैठकर, थोड़ा झुकते हुये दोनों घुटनों के बीच में हथेलियों को जमीन पर पीेछे की और टिकाकर, गर्दन को घुमायेंगे। अब श्वासं भरकर मुहं खोलकर जीभ बाहर निकालकर ऊपर की और गर्दन करके, आंखें फैलाकर ऊपर देखते हुये गले के अन्दर से शेर की भांति दहाड़ मारेंगे। इस स्थिती में कुछ देर रूकना है। 2-3 बार करना है। सिहांसन करने के पश्चात गले से लार छोड़ते हुये हल्के हाथ से गले की मालिश करनी चाहिये।
  • इससे गले में खराश नहीं होती। टाँसिल, थायराईड व अन्य गले सम्बन्धी रोगों में उपयोगी है।
  • अस्पष्ट उच्चारण, तुतलाकर बोलने वालों के लिये महत्वपूर्ण है।
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योगासन क्या करता है

योगासन क्या करता है
1. शरीर के अन्दर एवं बाह्य दोनों नस नाडि़यों, ग्रन्थियों व मांसपेशियों को लचीला, पुष्ट, सुदृढ बनाता है।
2. इससे शरीर में स्फुर्ति, ताजगी व हल्केपन का अनुभव होता है, अन्य परिश्रम हेतु पूर्ण उत्साह एवं अभिरूचि होती है।
3. इसे सब उम्र के व्यक्ति कर सकते। व्यस्त व्यक्ति भी 10 मिनट निकाल सकते हैं।
4. 10 से 15 मिनट का समय स्वस्थ रहने हेतु पर्याप्त है।

5. योगासन में किसी भी वस्तु, स्थान या व्यक्ति विशेष पर अवलम्बित नहीं रहना पड़ता जब इच्छा वहीं पर कर सकते हैं।

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