Yog

महराजगंज में पढ़ाई के साथ योग भी सीखेंगे राजकीय विद्यालय के मेधावी

वैश्विक स्तर पर छाप छोड़ चुके योग के जरिए निरोग होने का मंत्र अब राजकीय माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी भी सीखेंगे। इसके लिए जिले के सभी 26 राजकीय इंटर कॉलेजों में योग गुरु तैनात किए गए हैं। स्कूल समय में ये शिक्षक विद्यार्थियों को योगाभ्यास के साथ ही विभिन्न आसन भी सिखाएंगे। 
दो घंटे चलेगी योग की कक्षा 

आसन

विभिन्न ग्रंथों में आसन के लक्षण हैं - उच्च स्वास्थ्य की प्राप्ति, शरीर के अंगों की दृढ़ता, प्राणायामादि उत्तरवर्ती साधनक्रमों में सहायता, स्थिरता, सुख दायित्व आदि। पंतजलि ने स्थिरता और सुख को लक्षणों के रूप में माना है। प्रयत्नशैथिल्य और परमात्मा में मन लगाने से इसकी सिद्धि बतलाई गई है। इसके सिद्ध होने पर द्वंद्वों का प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ता। किंतु पतंजलि ने आसन के भेदों का उल्लेख नहीं किया। उनके व्याख्याताओं ने अनेक भेदों का उल्लेख (जैसे - पद्मासन, भद्रासन आदि) 

योगा का गलत तरीका नुकसान पहुचा सकता है

योग शरीर को स्वस्थ और फिट रखने का बेहतरीन माध्यम है। आजकल दुनिया भर में योग के प्रति लोगों की जागृति में इजाफा हुआ है। लोग निरोग होने के लिए नियमित योग कर रहे हैं। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाला अभ्यास है जिसमें अनुशासन का बड़ा महत्व है। मतलब यह कि एक निश्चित नियम के अनुसार योग करने से ही उसका लाभ हमें मिलता है। इसलिए योग करने से पहले जरूरी है कि हम उसकी ठीक से जानकारी कर लें। गलत तरीके से योग करना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इन सबके अलावा योग से पहले यह बात भी जान लेना जरूरी है कि योग के पहले और बाद में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। तो आइए हम आपको बताते हैं कि योग क

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