बिलावल

रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग

रागों का वर्गीकरण, टाइम थ्योरी ऑफ़ रागस इन हिंदी, संगीत राग, थाट व उसके प्रकार, राग दीपक नोट्स, राग की परिभाषा, मल्हार राग

प्रमुख रागों में ऐसे स्वर समूह होते है जिनसे उनकी स्वतंत्र छवि बनती है। ऐसे ही स्वतंत्र छवि बनाने वाले स्वर समूह को रागांग कहते है तथा स्वतंत्र अंग वाले राग, रागांग प्रमुख राग माने जाते हैं। ऐसे रागों में विस्तार की विस्तृत संभावनायें रहती है। आधुनिक काल में हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में रागांग वर्गीकरण पद्धति को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसी पद्धति एवं प्रमुख रागांग आदि का विश्लेषण इस लेख में प्रस्तुत किया गया है।
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राग परिचय

राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 10,027 14
स्वर मालिका तथा लिपि 2,077 8
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 3,144 7
राग बहार 1,284 7
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 3,322 7
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 3,442 6
टप्पा गायन : एक परिचय 535 6
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 2,132 5
राग यमन (कल्याण) 2,188 4
राग भूपाली 2,393 4
राग दरबारी कान्हड़ा 1,921 4
आविर्भाव-तिरोभाव 2,146 4
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,772 4
वादी - संवादी 1,993 4
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 1,457 4
राग रागिनी पद्धति 2,436 3
स्वर (संगीत) 1,362 3
स्वर मालिका तथा लिपि 1,477 3
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 1,135 3
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,761 2
रागों का विभाजन 539 2
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 2,625 2
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 296 2
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 268 2
राग मुलतानी 754 1
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,866 1
रागों के प्रकार 3,912 1
रागों मे जातियां 2,628 1
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,799 1
राग- गौड़ सारंग 528 1
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 940 1
राग ललित! 1,668 1
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 909 1
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 990 1
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 1,124 1
षड्जग्राम-तान बोधिनी 288 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 649 0
शुद्ध स्वर 2,085 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 651 0
संगीत और हमारा जीवन
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संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,599 11
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 999 8
गायकी और गले का रख-रखाव 895 8
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 185 6
गुरु की परिभाषा 3,217 4
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 1,112 4
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,872 4
संगीत सुनने से दिमाग पर होता है ऐसा असर 177 3
भारतीय कलाएँ 631 2
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 721 2
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 409 2
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 752 2
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 711 2
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 812 2
नई स्वरयंत्र की सूजन 752 2
आइआइटी कानपुर ने भी माना राग दरबारी सुनने से तेज होता है दिमाग, दूर कर सकते रोग 70 2
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 1,109 2
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 838 2
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 2,051 2
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 945 2
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 1,070 1
माता-पिता अपने किशोर बच्चों को गानो के गलत प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं? 129 1
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 810 1
संगीत कितने प्रकार का होता है और उसका किशोरों के दिमाग पर क्या असर पड़ता है? 191 1
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 1,220 1
क्या प्रभाव पड़ता है संगीत का किशोरों पर? 140 1
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 906 1
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 1,214 1
शास्त्रीय संगीत और योग 949 0
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,453 0
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 2,184 0
टांसिल होने पर 603 0
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 1,094 0
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 840 0
कंठध्वनि 693 0
माइक्रोफोन की हानि : 472 0
माइक्रोफोन के प्रकार : 1,085 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 739 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 716 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 357 0
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 814 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 4,701 7
भारत में संगीत शिक्षण 1,579 3
कैराना का किराना घराने से नाता 434 0
रामपुर सहसवां घराना भी है गायकी का मशहूर घराना 146 0
गुरु-शिष्य परम्परा 1,262 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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हारमोनियम के गुण और दोष 3,759 6
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,612 6
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 1,488 5
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 2,146 5
संगीत शास्त्र परिचय 3,313 4
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 1,046 4
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 825 4
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 1,091 4
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 3,774 3
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 1,118 3
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 908 2
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 995 2
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 1,371 2
भारतीय संगीत 693 2
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 974 1
स्वरों का महत्त्व क्या है? 703 1
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,800 1
संगीत का विकास और प्रसार 1,571 1
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 853 1
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 540 0
रागों का सृजन 685 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 522 0
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,595 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 690 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,808 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 393 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 498 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 451 0
शास्त्रीय नृत्य
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नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 827 4
सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना 129 1
आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना 114 1
भारतीय नृत्य कला 1,620 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: 142 1
लोक कला की ध्वजवाहिका 98 1
क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में 179 1
बेहद लोकप्रिय है शास्त्रीय गायकी का किराना घराना 129 0
लता मंगेशकर का नाम : भारतीय संगीत की आत्मा 141 0
मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज 127 0
जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार 115 0
शास्त्रीय संगीत क्या है 139 0
काशी की गिरिजा 120 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 412 0
राग क्या हैं 330 0
लोक और शास्त्र के अन्तरालाप की देवी 96 0
कर्नाटक संगीत 162 0
वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति 132 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 293 0
माइक्रोफोन का कार्य 560 0
कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप 141 0
ठुमरी का नवनिर्माण 121 0
पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी 146 0
रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब 147 0
वीडियो
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राग यमन 519 2
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 1,862 2
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 902 1
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 483 1
मोरा सइयां 375 0
कर्ण स्वर 440 0
कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया 148 0
वंदेमातरम् 335 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 368 0
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 513 0
स्वर परिचय
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स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 351 2
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 308 1
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 370 1
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 322 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 278 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 403 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 562 0
संगीत के स्वर 1,018 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 322 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 278 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 275 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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रचन: श्री वल्लभाचार्य 1,080 2
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 752 1
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 299 1
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 846 1
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 278 1
अकबर और तानसेन 879 0
उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना 153 0
फकीर हरिदास और तानसेन के संगीत में क्या अंतर है? 138 0
बैजू बावरा 855 0
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 868 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 343 0
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 782 0
पण्डित अजॉय चक्रबर्ती 119 0
बड़े गुलाम अली खान: जिन्होंने गाने के लिए रफी और लता से 50 गुना फीस ली 139 0
सिलेबस
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सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 376 1
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 526 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 267 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 410 0

ठाटों का स्वरूप

भैरव भैरवि आसावरी, यमन बिलावल ठाट।
तोड़ी काफ़ी मारवा, पूर्वी और खमाज।।
शुद्ध सुरन की बिलावल, कोमल निषाद खमाज
म तीवर स्वर यमन मेल, ग नि मृदु काफ़ी ठाट।।
गधनि कोमल से आसावरी, रे ध मृदु भैरव रूप।।
रे कोमल चढ़ती मध्यम, मारवा ठाट अनूप।।
उतरत रे ग ध अरु नी से, सोहत ठाट भैरवी।।
तोड़ी में रेग धम विकृत, रेधम विकृत ठाट पूर्वी।।

 

थाट के लक्षण

  1. प्रत्येक ठाट में अधिक से अधिक और कम से कम सात स्वर प्रयोग किये जाने चाहिए। इसका कारण यह है कि अगर ठाट सम्पूर्ण (सात स्वर वाला) नहीं रहता है तो किस प्रकार उससे सम्पूर्ण रागों की उत्पत्ति मानी जाएगी?
  2. ठाट सम्पूर्ण होने के साथ-साथ उसके स्वर स्वाभाविक क्रम से होने चाहिए। उदाहरण के लिए सा के बाद रेरे के बाद    के बाद  और नी आने ही चाहिए। यह बात दूसरी है कि ठाट में किसी स्वर का शुद्ध रूप न प्रयोग किया जाए, बल्कि विकृत रूप प्रयोग किया जाए। उदाहरणार्थ भैरव ठाट में कोमल रे और कल्याण ठाट में तीव्र  स्वर प्रयोग किये जाते हैं।
  3. किसी ठाट में आरोह-अवरोह दोनों का होना आवश्यक नहीं है, क्योंकि प्रत्येक ठाट के आरोह और अवरोह में कोई अन्तर नहीं होता। केवल आरोह या अवरोह को देखन से ही यह ज्ञात हो जाता है कि वह कौन सा ठाट है।
  4. ठाट गाया-बजाया नहीं जाता। अत: उसमें वादी-सम्वादी, पकड़, आलाप-तान आदि की आवश्यकता नहीं होती।
  5. ठाट में राग उत्पन्न करने की क्षमता होती है।

थाटों की संख्या

हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में आजकल 10 ठाट माने जाते हैं। इन ठाटों से समस्त राग उत्पन्न माने गये। आधुनिक काल में स्व. विष्णु नारायण भातखण्डे ने ठाट-पद्धति को प्रचार में लाने की कल्पना की और ठाटों की संख्या को 10 माना है। ठाटों के नाम और स्वर निम्नलिखित हैं–

  1. बिलावल ठाट – प्रत्येक स्वर शुद्ध।
  2. कल्याण ठाट – केवल म तीव्र और अन्य स्वर शुद्ध।
  3. खमाज ठाट – नि कोमल और अन्य स्वर शुद्ध।
  4. आसावरी ठाट – ग, ध, नि कोमल और शेष स्वर शुद्ध।
  5. काफ़ी ठाट – ग, नि कोमल और शेष स्वर शुद्ध।
  6. भैरवी ठाट – रे, ग, ध, नि कोमल और शेष स्वर शुद्ध।
  7. भैरव ठाट – रे, ध कोमल और शेष स्वर शुद्ध।
  8. मारवा ठाट – रे कोमल, मध्यम तीव्र तथा शेष स्वर शुद्ध।
  9. पूर्वी ठाट – रे, ध कोमल, म तीव्र और शेष स्वर शुद्ध।
  10. तोड़ी ठाट – रे, ग, ध कोमल, म तीव्र और शेष स्वर शुद्ध।
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