भारतीय शास्त्रीय संगीत

हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है

संगीत पद्धति रागों

हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है । रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। थाटों की संख्या गणित की दृष्टि से ‘72’ मानी गयी है किन्तु आज मुख्यतः ‘10’ थाटों का ही क्रियात्मिक प्रयोग किया जाता है जिन के नांम हैं बिलावल, कल्याण, खमाज, भैरव, भैरवी, काफी, आसावरी, पूर्वी, मारवा और तोडी हैं। प्रत्येक राग विशिष्ट समय पर किसी ना किसी विशिष्ट भाव (मूड – थीम) का घोतक है। राग शब्द सँस्कृत के बीज शब्द ‘रंज’ से लिया गया है। अतः प्रत्येक राग में स्वरों और उन के चलन के नियम हैं जिन का पालन करना अनिवार्य है अन्यथ्वा आपेक्षित भाव का सर्जन नहीं हो सकता। हिन्दूस्तानी संगीत में प्रत्येक राग अपने निर्धारि

ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे

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किसी भी ख्याल शैली की उत्पत्ति दो प्रकार से मानी गई है- एक तो किसी व्यक्ति या जाति के नाम से, जैसे सैनी घराना, कव्वाल घराना आदि और दूसरे किसी स्थान के नाम से|
ख्याल वर्तमान में प्रचलित सर्वाधिक लोकप्रिय शैली है| वस्तुत: एक गायक का चिंतन ख्याल में उभरकर सामने आता है| स्वर एक केंद्र बिंदु है, जिस पर साधक का ध्यान लगता है|

संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है

संगीत के स्वर, हिंदुस्तानी संगीत में शुद्ध और विकृत कुल मिलाकर कितने स्वर होते हैं, संगीत की परिभाषा, संगीत के राग, संगीत के सात स्वर, संगीत के प्रकार, विकृत स्वर, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में विकृत स्वरों की संख्या कितनी है

संगीत में वह शब्द जिसका कोई निश्चित रूप हो और जिसकी कोमलता या तीव्रता अथवा उतार-चढ़ाव आदि का, सुनते ही, सहज में अनुमान हो सके, स्वर कहलाता है। भारतीय संगीत में सात स्वर (notes of the scale) हैं, जिनके नाम हैं - षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत व निषाद।
यों तो स्वरों की कोई संख्या बतलाई ही नहीं जा सकती, परंतु फिर भी सुविधा के लिये सभी देशों और सभी कालों में सात स्वर नियत किए गए हैं। भारत में इन सातों स्वरों के नाम क्रम से षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत और निषाद रखे गए हैं जिनके संक्षिप्त रूप सा, रे ग, म, प, ध और नि हैं।

'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है

'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है

'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है। रंज् का अर्थ है रंगना। जिस तरह एक चित्रकार तस्वीर में रंग भरकर उसे सुंदर बनाता है, उसी तरह संगीतज्ञ मन और शरीर को संगीत के सुरों से रंगता ही तो हैं। रंग में रंगजाना मुहावरे का अर्थ ही है कि सब कुछ भुलाकर मगन हो जाना यालीन हो जाना। संगीत का भी यही असर होता है। जो रचना मनुष्य के मन को आनंद के रंग से रंग दे वही राग कहलाती है।

भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी

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Saturday, May 27, 2006
सात स्वर, अलंकार और हारमोनियम

भारतीय संगीत आधारित है स्वरों और ताल के अनुशासित प्रयोग पर। सात स्वरों के समुह को सप्तक कहा जाता है। भारतीय संगीत सप्तक के सात स्वर हैं-

सा(षडज), रे(ऋषभ), ग(गंधार), म(मध्यम), प(पंचम), ध(धैवत), नि(निषाद)

अर्थात

सा, रे, ग, म, प ध, नि

रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है।

रागों की उत्पत्ति

हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है । रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। थाटों की संख्या गणित की दृष्टि से ‘72’ मानी गयी है किन्तु आज मुख्यतः ‘10’ थाटों का ही क्रियात्मिक प्रयोग किया जाता है जिन के नांम हैं बिलावल, कल्याण, खमाज, भैरव, भैरवी, काफी, आसावरी, पूर्वी, मारवा और तोडी हैं। प्रत्येक राग विशिष्ट समय पर किसी ना किसी विशिष्ट भाव (मूड – थीम) का घोतक है। राग शब्द सँस्कृत के बीज शब्द ‘रंज’ से लिया गया है। अतः प्रत्येक राग में स्वरों और उन के चलन के नियम हैं जिन का पालन करना अनिवार्य है अन्यथ्वा आपेक्षित भाव का सर्जन नहीं हो सकता। हिन्दूस्तानी संगीत में प्रत्येक राग अपने निर्धारि

जानिए भारतीय संगीत के बारे में

जानिए भारतीय संगीत के बारे में

भारतीय संगीत : संगीत और वाद्ययंत्रों का अविष्कार भारत में ही हुआ है। संगीत का सबसे प्राचीन ग्रंथ सामवेद है। हिन्दू धर्म का नृत्य, कला, योग और संगीत से गहरा नाता रहा है। हिन्दू धर्म मानता है कि ध्वनि और शुद्ध प्रकाश से ही ब्रह्मांड की रचना हुई है। आत्मा इस जगत का कारण है। चारों वेद, स्मृति, पुराण और गीता आदि धार्मिक ग्रंथों में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को साधने के हजारोहजार उपाय बताए गए हैं। उन उपायों में से एक है संगीत। संगीत की कोई भाषा नहीं होती। संगीत आत्मा के सबसे ज्यादा नजदीक होता है। शब्दों में बंधा संगीत विकृत संगीत माना जाता है।

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अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत

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राग परिचय

राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 6,857 23
रागों के प्रकार 2,352 22
राग बहार 759 11
शुद्ध स्वर 1,279 10
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 2,075 9
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,103 8
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,754 8
राग रागिनी पद्धति 1,681 8
वादी - संवादी 1,081 7
राग यमन (कल्याण) 1,317 7
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 548 6
राग भूपाली 1,491 6
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,084 5
रागों मे जातियां 2,039 5
स्वर मालिका तथा लिपि 822 5
स्वर मालिका तथा लिपि 1,266 5
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,977 4
आविर्भाव-तिरोभाव 1,051 4
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 968 3
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,490 3
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 83 3
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,419 3
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 434 3
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,235 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,284 3
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 1,302 2
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 664 2
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 657 2
रागों का विभाजन 324 2
षड्जग्राम-तान बोधिनी 182 2
स्वर (संगीत) 840 2
राग ललित! 1,074 1
राग मुलतानी 513 1
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 563 1
टप्पा गायन : एक परिचय 131 0
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 799 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 177 0
राग- गौड़ सारंग 304 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 381 0
संगीत और हमारा जीवन
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गुरु की परिभाषा 1,846 13
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 1,153 11
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गायकी और गले का रख-रखाव 566 5
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 799 5
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कंठध्वनि 437 4
नई स्वरयंत्र की सूजन 477 3
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 512 3
शास्त्रीय संगीत और योग 661 3
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भारतीय कलाएँ 497 1
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नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 445 0
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Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 514 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 238 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,207 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 519 0
माइक्रोफोन की हानि : 332 0
वीडियो
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राग भीमपलासी पर आधारित गीत 977 8
वंदेमातरम् 250 1
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मोरा सइयां 260 1
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द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 317 0
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 388 0
राग यमन 362 0
कर्ण स्वर 336 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 724 7
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,610 7
संगीत शास्त्र परिचय 2,583 7
हारमोनियम के गुण और दोष 2,742 6
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 520 3
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 731 3
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 668 3
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 540 3
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,225 3
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,306 3
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 935 2
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,095 2
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 288 2
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 705 2
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,413 2
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 404 2
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 603 1
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 322 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 798 1
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,179 1
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 433 1
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 217 1
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 375 0
संगीत का विकास और प्रसार 1,018 0
भारतीय संगीत 513 0
रागों का सृजन 499 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 390 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 460 0
शास्त्रीय नृत्य
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भारतीय नृत्य कला 1,017 6
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 405 3
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 133 2
माइक्रोफोन का कार्य 342 2
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 293 0
स्वर परिचय
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संगीत के स्वर 428 5
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 172 2
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 241 2
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 236 1
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 206 1
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 177 1
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 195 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 180 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 148 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 209 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 181 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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गुरु-शिष्य परम्परा 915 4
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 3,453 3
भारत में संगीत शिक्षण 1,228 0
कैराना का किराना घराने से नाता 330 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 546 3
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 628 2
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 106 2
रचन: श्री वल्लभाचार्य 720 2
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 512 2
बैजू बावरा 563 2
अकबर और तानसेन 623 1
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 571 1
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 218 1
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 206 0
सिलेबस
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सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 345 3
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 272 2
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 198 1
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 246 0