राग परिचय

‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है

‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है। रंज् का अर्थ है - रंगना। जिस तरह एक चित्रकार तस्वीर में रंग भरकर उसे सुंदर बनाता है, उसी तरह संगीतज्ञ मन और शरीर को संगीत के सुरों से रंगता ही तो हैं। कि उसमें कितने स्वर हैं। आरोह का अर्थ है चढना और अवरोह का उतरना। संगीत में स्वरों को क्रम उनकी ऊँचाई-निचाई के आधार पर तय किया गया है। ‘सा’ से ऊँची ध्वनि ‘रे’ की, ‘रे’ से ऊँची ध्वनि ‘ग’ की और ‘नि’ की ध्वनि सबसे अधिक ऊँची होती है। जिस तरह हम एक के बाद एक सीढ़ियाँ चढ़ते हुए किसी मकान की ऊपरी मंजिल तक पहुँचते हैं उसी तरह गायक सा-रे-ग-म-प-ध-नि-सां का सफर तय करते हैं। इसी को 'आरोह' कहते हैं। इसके विपरीत ऊ

संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है

संगीत के स्वर, हिंदुस्तानी संगीत में शुद्ध और विकृत कुल मिलाकर कितने स्वर होते हैं, संगीत की परिभाषा, संगीत के राग, संगीत के सात स्वर, संगीत के प्रकार, विकृत स्वर, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में विकृत स्वरों की संख्या कितनी है

संगीत में वह शब्द जिसका कोई निश्चित रूप हो और जिसकी कोमलता या तीव्रता अथवा उतार-चढ़ाव आदि का, सुनते ही, सहज में अनुमान हो सके, स्वर कहलाता है। भारतीय संगीत में सात स्वर (notes of the scale) हैं, जिनके नाम हैं - षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत व निषाद।
यों तो स्वरों की कोई संख्या बतलाई ही नहीं जा सकती, परंतु फिर भी सुविधा के लिये सभी देशों और सभी कालों में सात स्वर नियत किए गए हैं। भारत में इन सातों स्वरों के नाम क्रम से षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत और निषाद रखे गए हैं जिनके संक्षिप्त रूप सा, रे ग, म, प, ध और नि हैं।

संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव

संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव

संगीत सुनने के कई फायदे हैं। यह बात तो सभी को मालूम है पर कोई आपसे पूछ बैठे कि जरा बताइए कि क्या इन फायदों के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है तो आप सोच में पड़ जाएँगे। दरअसल हर तरह के संगीत को सुनने से आप पर अच्छा प्रभाव पड़े यह भी कतई जरूरी नहीं है। तो आइए रॉक म्यूजिक और शास्त्रीय संगीत सुनने से क्या प्रभाव पड़ता है इसे शोध की नजर से देखते हैं। इंटेल इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर ने यह बात शोध से साबित की है। संस्था ने इस शोध में करीब 1500 बच्चों पर अलग-अलग तरह के संगीत का प्रभाव परखा।

टप्पा गायन : एक परिचय

टप्पा गायन

टप्पा शब्द हिंदी भाषा का शब्द है यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक गायन शैली है यह गायन शैली अत्यंत चंचल प्रकार की है  इसमें केवल स्थाई और अंतरा दो ही भाग होते हैं जो द्रुपद और खयाल की अपेक्षा अधिक संक्षिप्त होते हैं । इस शैली में करुण रस श्रृंगार रस की प्रधानता रहती है। परंतु रविंद्र संगीत में टप्पा गीत अधिकतर पूजा से संबंधित होते हैं। इसमें श्रंगार एक और प्रेम रस का अभाव रहता है ऐसा माना जाता है मियां छोरी ने बेसरा गीती के आधार पर इस का विकास किया था इस शैली का विकास अवध के दरबार में हुआ परंतु इसका उद्गम पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र में हुआ ऐसा हम इसलिए भी कह सकते हैं क्योंकि अधिकतर शब्द इसमें प

अमवा महुअवा के झूमे डरिया

Sharda Sinha

अमवा महुअवा के झूमे डरिया  - 2
तानी ताका न बलम , तानी ताका न बलमुआ ओरिया । 

अमवा मोजर गइले महुआ कुचाई गइले 
अमवा मोजर गइले महुआ कुचाई गइले 
रसवा से भरी गइले कुल डरिया हो जी रसवा से भरी गइले कुल डरिया
तानी ताका न बलम , तानी ताका न बलमुआ ओरिया । 

महुआ बिनन हम गइली महुआ बगिया 
महुआ बिनन हम गइली महुआ बगिया 
रहिया जे छेकले देवर पापिया  हो जी रहिया जे छेकले देवर पापिया
तानी ताका न बलम , तानी ताका न बलमुआ ओरिया । 

गायकी और गले का रख-रखाव

एक गायक के लिए गला भगवान का दिया हुआ एक प्राकृतिक वाद्ययंत्र है जो बड़ी बखूबी से संगीत की ऐसी ऐसी ध्वनियों की प्रस्तुति कर सकता है जो किसी और इंसान के बनाए हुए वाद्ययंत्र के लिए संभव नहीं है. अच्छी सुरीली आवाज़ ईश्वर की दें है और इसलिए गायकी की चाह रखने वाले लोगों को, खासकर कलाकारों को अपने गले का अनिवार्य रूप से अपने गले का ध्यान रखना चाहिए. बहुत से बड़े बड़े गायक कलाकार और संगीतकार हैं जो विचारपूर्वक ध्यान रखते भी हैं. आइये जानें कि संगीत और सुर की साधना के साथ साथ गले का ध्यान कैसे रखा जाये ताकि बेहतर से बेहतर गायकी की ऊंचाईयों को छुआ जा सके.

अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं

अल्कोहल ड्रिंक्स

 अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं. इसकी वजह है कि अल्कोहल ड्रिंक्स ये दोनों ही आपके शरीर से पानी निकालते हैं और गले में सूखापन लाते हैं. इसीलिए अगर आप अगर अपनी संगीत साधना को लेकर गम्भीर हैं तो कॉफी और अल्कोहल ड्रिंक्स से कोसों दूर रहें.

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई है। ‘स्वन’ शब्द के लिए अंग्रेजी में ‘Phone’ शब्द है। ध्वनि का लघुत्तम अनुभवगम्य विच्छिन्न खण्ड स्वन विज्ञान में ‘स्वन’ कहलाता है। ‘ध्वनि’ शब्द संस्कृत ‘ध्वन्’ (आवाज करना, शब्द करना) धातु के साथ इण (इ) प्रत्यय संम्पृक्त करने से बनता है। इसका अर्थ होता है-‘आवाज’ या ‘आवाज करना’। व्यक्ति जब बोलता है, तो उसके मुख-विवर से वायु निकलती है जो वागेन्द्रिय के माध्यम से कुछ वाणी (आवाज) प्रकट करती है, उसी को ‘ध्वनि’ कहा जाता है। संस्कृत में उसके लिए ध्वन और ध्वनन तथा स्वन और स्वनन शब्दों का प्रयोग किया गया है। किंतु सभी का आशय एक ही है। डॉ.

राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत

यह राग काफी थाट से निकलता है। आरोह में ः?रे"' और ः?ध"' नहीं लगता और अवरोह में सब स्वर लगते हैं, इसलिये इस की जाति औडव-सम्पूर्ण मानी जाती है। इसमें ः?ग"' और ः?नी"' कोमल लगते हैं। वादी स्वर ः?म"' और सम्वादी स्वर ः?स"' माना जाता है।

गाने-बजाने का समय दिन का तीसरा प्रहर है।

आरोह--ड, स, ज्ञ, म प ड सं।

अवरोह--सं, ड, ध प, म ज्ञ रे स।

पकड़--ड स म, म ज्ञ, प म, ज्ञ म ज्ञ रे स।

रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत

रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत

मनमोहन मन में हो तुम्ही -कैसे कहूंअदाना अदाना
चाह बर्बाद करेगी – शाहजहां बागेश्री बागेश्री
शुभ घड़ी आई रे- बागेश्री बागेश्री
दीवाने तुम कि दीवाने हम -बागेश्री बागेश्री
जा रे बेईमान तुझे जन लिया- बागेश्री बागेश्री
बेदर्दी हुआ बलमा -बागेश्री बागेश्री
दगाबाज्ज तू नहीं बलमा मोरा बागेश्री
राधा ना बोले ना बोले आजाद बागेश्री बागेश्री
जाग दर्द ए इश्क जाग- अनारकली बागेश्री बागेश्री
चमन में रंग ए बहार उतरा तो मैंने देखा – ग़ज़ल गुलाम अली बागेश्री बागेश्री

Pages

राग परिचय

राग परिचय
Total views Views today
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 5,915 33
रागों के प्रकार 1,921 17
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,133 13
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 866 9
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 997 8
रागों मे जातियां 1,853 6
स्वर मालिका तथा लिपि 1,140 6
राग यमन (कल्याण) 1,153 5
राग रागिनी पद्धति 1,535 5
राग भूपाली 1,302 5
शुद्ध स्वर 1,107 5
वादी - संवादी 921 5
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 469 5
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 1,748 5
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 902 4
राग बहार 663 4
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 1,887 4
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,372 4
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,492 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,161 3
राग ललित! 971 3
टप्पा गायन : एक परिचय 57 3
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 707 3
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,833 2
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 547 2
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,312 1
रागों का विभाजन 273 1
षड्जग्राम-तान बोधिनी 168 1
स्वर (संगीत) 753 1
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 334 1
स्वर मालिका तथा लिपि 698 1
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 501 1
आविर्भाव-तिरोभाव 930 1
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 579 1
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 383 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 154 0
राग- गौड़ सारंग 264 0
राग मुलतानी 452 0
संगीत और हमारा जीवन
Total views Views today
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,077 15
गुरु की परिभाषा 1,381 7
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 428 6
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 485 5
टांसिल होने पर 402 4
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 641 4
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 468 4
नई स्वरयंत्र की सूजन 398 4
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,135 4
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 393 4
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 547 3
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 680 3
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,120 2
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 688 2
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 917 2
गायकी और गले का रख-रखाव 459 2
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 711 2
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 724 1
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 947 1
माइक्रोफोन की हानि : 297 1
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 460 1
कंठध्वनि 387 1
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 33 1
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 763 1
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 386 1
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 476 1
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 480 1
भारतीय कलाएँ 453 1
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 483 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 255 0
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 488 0
माइक्रोफोन के प्रकार : 586 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 520 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 562 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 222 0
शास्त्रीय संगीत और योग 601 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
Total views Views today
हारमोनियम के गुण और दोष 2,511 13
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 536 10
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,335 8
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,080 7
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,054 6
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 622 5
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,173 4
संगीत का विकास और प्रसार 936 4
स्वरों का महत्त्व क्या है? 408 3
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 455 3
रागों का सृजन 444 2
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 600 2
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 331 2
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 642 2
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 526 2
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 849 2
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 458 2
संगीत शास्त्र परिचय 2,390 1
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 188 1
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 298 1
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 351 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 718 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,301 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 373 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 337 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 953 0
भारतीय संगीत 469 0
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 249 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
Total views Views today
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 519 5
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 594 3
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 469 2
अकबर और तानसेन 562 1
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 449 1
रचन: श्री वल्लभाचार्य 624 1
बैजू बावरा 505 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 185 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 167 0
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 46 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
Total views Views today
भारत में संगीत शिक्षण 1,153 4
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 3,157 4
कैराना का किराना घराने से नाता 309 0
गुरु-शिष्य परम्परा 772 0
वीडियो
Total views Views today
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 841 3
कर्ण स्वर 302 2
वंदेमातरम् 213 2
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 240 2
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 286 1
राग यमन 315 1
मोरा सइयां 232 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 464 0
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 356 0
सिलेबस
Total views Views today
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 302 3
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 228 1
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 255 1
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 180 0
स्वर परिचय
Total views Views today
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 160 2
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 203 2
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 119 1
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 177 1
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 188 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 190 0
संगीत के स्वर 338 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 190 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 165 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 154 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 151 0
शास्त्रीय नृत्य
Total views Views today
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 81 1
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 12 1
भारतीय नृत्य कला 888 0
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 333 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 260 0
माइक्रोफोन का कार्य 305 0