राग परिचय

स्वर (संगीत)

स्वर (संगीत)

ध्वनियों में हम प्राय: दो भेद रखते हैं, जिनमें से एक को स्वर और दूसरे को कोलाहल या रव कहते हैं। कुछ लोग बातचीत की ध्वनि को भी एक भेद मानते हैं। Read More : स्वर (संगीत) about स्वर (संगीत)

ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है

ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है

ठुमरी भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक गायन शैली है। इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है। अर्थात जिसमें राग की शुद्धता की तुलना में भाव सौंदर्य को ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।[1] यह विविध भावों को प्रकट करने वाली शैली है जिसमें श्रृंगार रस की प्रधानता होती है साथ ही यह रागों के मिश्रण की शैली भी है जिसमें एक राग से दूसरे राग में गमन की भी छूट होती है और रंजकता तथा भावाभिव्यक्ति इसका मूल मंतव्य होता है। इसी वज़ह से इसे अर्ध-शास्त्रीय गायन के अंतर्गत रखा जाता है। Read More : ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है about ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है

राग ललित!

राग मधुवंती, राग परिचय भाग, कौन सा राग कब गाया जाता है, रागों के नाम, सप्तक किसे कहते है, राग के प्रकार, राग सूची,

अपने मित्रों को मैं यह कोई नई बात नहीं बता रहा कि मुझे भारतीय शास्त्रीय संगीत से लगाव है। संगीत की जानकारी में मैं बिल्कुल शून्य हूँ लेकिन हाँ उसे मन से महसूस करके उसका आनंद लेना मुझे आता है। बचपन से ही हिन्दी फ़िल्मों के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों ने अधिकांश लोगों की तरह मेरे मन को भी मगन किया है। आज शीला और मुन्नी के दौर में इन्हीं शास्त्रीय गीतों के आधार पर बॉलीवुड में संगीत का नाम जीवित है। Read More : राग ललित! about राग ललित!

‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है

‘राग’ शब्द संस्कृत

‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है। रंज् का अर्थ है - रंगना। जिस तरह एक चित्रकार तस्वीर में रंग भरकर उसे सुंदर बनाता है, उसी तरह संगीतज्ञ मन और शरीर को संगीत के सुरों से रंगता ही तो हैं। कि उसमें कितने स्वर हैं। आरोह का अर्थ है चढना और अवरोह का उतरना। संगीत में स्वरों को क्रम उनकी ऊँचाई-निचाई के आधार पर तय किया गया है। ‘सा’ से ऊँची ध्वनि ‘रे’ की, ‘रे’ से ऊँची ध्वनि ‘ग’ की और ‘नि’ की ध्वनि सबसे अधिक ऊँची होती है। जिस तरह हम एक के बाद एक सीढ़ियाँ चढ़ते हुए किसी मकान की ऊपरी मंजिल तक पहुँचते हैं उसी तरह गायक सा-रे-ग-म-प-ध-नि-सां का सफर तय करते हैं। इसी को 'आरोह' कहते हैं। इसके विपरीत ऊ Read More : ‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है about ‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है

टप्पा गायन : एक परिचय

टप्पा गायन

टप्पा शब्द हिंदी भाषा का शब्द है यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक गायन शैली है यह गायन शैली अत्यंत चंचल प्रकार की है  इसमें केवल स्थाई और अंतरा दो ही भाग होते हैं जो द्रुपद और खयाल की अपेक्षा अधिक संक्षिप्त होते हैं । इस शैली में करुण रस श्रृंगार रस की प्रधानता रहती है। परंतु रविंद्र संगीत में टप्पा गीत अधिकतर पूजा से संबंधित होते हैं। इसमें श्रंगार एक और प्रेम रस का अभाव रहता है ऐसा माना जाता है मियां छोरी ने बेसरा गीती के आधार पर इस का विकास किया था इस शैली का विकास अवध के दरबार में हुआ परंतु इसका उद्गम पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र में हुआ ऐसा हम इसलिए भी कह सकते हैं क्योंकि अधिकतर शब्द इसमें प Read More : टप्पा गायन : एक परिचय about टप्पा गायन : एक परिचय

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई है। ‘स्वन’ शब्द के लिए अंग्रेजी में ‘Phone’ शब्द है। ध्वनि का लघुत्तम अनुभवगम्य विच्छिन्न खण्ड स्वन विज्ञान में ‘स्वन’ कहलाता है। ‘ध्वनि’ शब्द संस्कृत ‘ध्वन्’ (आवाज करना, शब्द करना) धातु के साथ इण (इ) प्रत्यय संम्पृक्त करने से बनता है। इसका अर्थ होता है-‘आवाज’ या ‘आवाज करना’। व्यक्ति जब बोलता है, तो उसके मुख-विवर से वायु निकलती है जो वागेन्द्रिय के माध्यम से कुछ वाणी (आवाज) प्रकट करती है, उसी को ‘ध्वनि’ कहा जाता है। संस्कृत में उसके लिए ध्वन और ध्वनन तथा स्वन और स्वनन शब्दों का प्रयोग किया गया है। किंतु सभी का आशय एक ही है। डॉ. Read More : स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? about स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत

रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत

मनमोहन मन में हो तुम्ही -कैसे कहूंअदाना अदाना
चाह बर्बाद करेगी – शाहजहां बागेश्री बागेश्री
शुभ घड़ी आई रे- बागेश्री बागेश्री
दीवाने तुम कि दीवाने हम -बागेश्री बागेश्री
जा रे बेईमान तुझे जन लिया- बागेश्री बागेश्री
बेदर्दी हुआ बलमा -बागेश्री बागेश्री
दगाबाज्ज तू नहीं बलमा मोरा बागेश्री
राधा ना बोले ना बोले आजाद बागेश्री बागेश्री
जाग दर्द ए इश्क जाग- अनारकली बागेश्री बागेश्री
चमन में रंग ए बहार उतरा तो मैंने देखा – ग़ज़ल गुलाम अली बागेश्री बागेश्री
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स्वर मालिका तथा लिपि

स्वर मालिका तथा लिपि

भारतीय संगीत शास्त्री अन्य कई बातों में भी पाश्चात्य संगीत कारों से कहीं आगे और प्रगतिशील थे। भारतीयों ने ऐक ‘सप्तक’ ( सात स्वरों की क्रमबद्ध लडी – ‘सा री ग म प ध और नि’ को 22 श्रुतियों (इन्टरवल) में बाँटा था जब कि पाश्चात्य संगीत में यह दूरी केवल 12 सेमीटोन्स में ही विभाजित करी गयी है। भारतीयों ने स्वरों के नामों के प्रथम अक्षर के आधार पर ‘सरगमें’ बनायी जिन्हें गाया जा सकता है। ईरानियों और उन के पश्चात मुसलमानों ने भी भारतीय स्वर मालाओं (सरगमों) को अपनाया है। Read More : स्वर मालिका तथा लिपि about स्वर मालिका तथा लिपि

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राग परिचय

राग परिचय
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रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 4,866 42
रागों के प्रकार 5,151 10
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 11,820 8
स्वर (संगीत) 2,145 8
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 952 7
राग रागिनी पद्धति 2,977 6
वादी - संवादी 2,871 5
राग ललित! 2,241 5
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 1,184 5
राग भूपाली 2,913 3
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 1,241 3
स्वर मालिका तथा लिपि 2,723 3
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 3,486 3
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 1,745 3
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 2,679 3
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 4,270 3
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 2,266 3
रागों मे जातियां 3,124 3
शुद्ध स्वर 2,659 2
स्वर मालिका तथा लिपि 2,069 2
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 1,431 2
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 3,923 2
षड्जग्राम-तान बोधिनी 369 1
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 847 1
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 2,253 1
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 3,019 1
राग दरबारी कान्हड़ा 2,349 1
राग- गौड़ सारंग 713 1
आविर्भाव-तिरोभाव 2,988 1
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 1,429 1
राग यमन (कल्याण) 2,643 1
रागों का विभाजन 693 1
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 374 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 1,256 0
टप्पा गायन : एक परिचय 847 0
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 363 0
राग मुलतानी 942 0
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 2,154 0
राग बहार 1,665 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 1,057 7
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 1,118 2
बैजू बावरा 1,012 1
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 437 1
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 894 1
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 369 1
रचन: श्री वल्लभाचार्य 1,323 1
अकबर और तानसेन 1,082 1
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 945 1
फकीर हरिदास और तानसेन के संगीत में क्या अंतर है? 199 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 359 0
पण्डित अजॉय चक्रबर्ती 174 0
बड़े गुलाम अली खान: जिन्होंने गाने के लिए रफी और लता से 50 गुना फीस ली 212 0
उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना 276 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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संगीत शास्त्र परिचय 4,039 6
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 733 3
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 4,455 3
हारमोनियम के गुण और दोष 4,408 3
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 1,207 3
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,910 2
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 1,411 2
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 530 2
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 1,298 2
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 1,718 2
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 1,074 2
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 2,310 2
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 2,077 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 2,541 1
संगीत का विकास और प्रसार 1,900 1
भारतीय संगीत 830 1
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 623 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 1,320 1
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 1,926 1
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 2,174 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 907 0
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 1,261 0
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 1,387 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 585 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 554 0
रागों का सृजन 801 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 860 0
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 1,068 0
वीडियो
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राग भीमपलासी पर आधारित गीत 2,668 5
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 1,131 4
कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया 255 1
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 615 1
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 640 1
वंदेमातरम् 408 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 423 0
राग यमन 646 0
मोरा सइयां 454 0
कर्ण स्वर 514 0
संगीत और हमारा जीवन
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गुरु की परिभाषा 3,839 4
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 2,691 3
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 2,542 2
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 982 2
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 2,288 1
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 1,269 1
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 1,045 1
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 888 1
नई स्वरयंत्र की सूजन 928 1
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 1,346 1
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 989 1
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 927 1
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 478 0
टांसिल होने पर 694 0
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 1,443 0
माइक्रोफोन की हानि : 552 0
कंठध्वनि 849 0
माइक्रोफोन के प्रकार : 1,293 0
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 801 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 966 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 258 0
आइआइटी कानपुर ने भी माना राग दरबारी सुनने से तेज होता है दिमाग, दूर कर सकते रोग 244 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 928 0
गायकी और गले का रख-रखाव 1,074 0
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 1,120 0
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 1,495 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 438 0
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 1,272 0
भारतीय कलाएँ 720 0
माता-पिता अपने किशोर बच्चों को गानो के गलत प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं? 179 0
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 1,298 0
शास्त्रीय संगीत और योग 1,127 0
संगीत कितने प्रकार का होता है और उसका किशोरों के दिमाग पर क्या असर पड़ता है? 279 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,915 0
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 952 0
क्या प्रभाव पड़ता है संगीत का किशोरों पर? 187 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 1,669 0
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 1,717 0
संगीत सुनने से दिमाग पर होता है ऐसा असर 258 0
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,701 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 840 0
शास्त्रीय नृत्य
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राग क्या हैं 675 2
कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप 294 2
सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना 267 2
जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार 214 1
भारतीय नृत्य कला 2,017 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: 237 1
ठुमरी का नवनिर्माण 182 1
रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब 262 1
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 1,057 0
शास्त्रीय संगीत क्या है 287 0
काशी की गिरिजा 175 0
लोक कला की ध्वजवाहिका 164 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 487 0
लोक और शास्त्र के अन्तरालाप की देवी 149 0
कर्नाटक संगीत 339 0
क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में 282 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 421 0
माइक्रोफोन का कार्य 747 0
वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति 223 0
पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी 252 0
बेहद लोकप्रिय है शास्त्रीय गायकी का किराना घराना 194 0
आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना 181 0
लता मंगेशकर का नाम : भारतीय संगीत की आत्मा 202 0
मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज 208 0
सिलेबस
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सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 482 1
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 314 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 520 0
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 665 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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रामपुर सहसवां घराना भी है गायकी का मशहूर घराना 220 1
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 5,696 1
भारत में संगीत शिक्षण 1,941 1
कैराना का किराना घराने से नाता 513 0
गुरु-शिष्य परम्परा 1,607 0
स्वर परिचय
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संगीत के स्वर 1,246 1
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 488 1
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 480 1
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 406 1
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 420 1
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 343 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 338 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 389 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 578 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 407 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 780 0