राग परिचय

राग ललित!

राग मधुवंती, राग परिचय भाग, कौन सा राग कब गाया जाता है, रागों के नाम, सप्तक किसे कहते है, राग के प्रकार, राग सूची,

अपने मित्रों को मैं यह कोई नई बात नहीं बता रहा कि मुझे भारतीय शास्त्रीय संगीत से लगाव है। संगीत की जानकारी में मैं बिल्कुल शून्य हूँ लेकिन हाँ उसे मन से महसूस करके उसका आनंद लेना मुझे आता है। बचपन से ही हिन्दी फ़िल्मों के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों ने अधिकांश लोगों की तरह मेरे मन को भी मगन किया है। आज शीला और मुन्नी के दौर में इन्हीं शास्त्रीय गीतों के आधार पर बॉलीवुड में संगीत का नाम जीवित है। Read More : राग ललित! about राग ललित!

‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है

‘राग’ शब्द संस्कृत

‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है। रंज् का अर्थ है - रंगना। जिस तरह एक चित्रकार तस्वीर में रंग भरकर उसे सुंदर बनाता है, उसी तरह संगीतज्ञ मन और शरीर को संगीत के सुरों से रंगता ही तो हैं। कि उसमें कितने स्वर हैं। आरोह का अर्थ है चढना और अवरोह का उतरना। संगीत में स्वरों को क्रम उनकी ऊँचाई-निचाई के आधार पर तय किया गया है। ‘सा’ से ऊँची ध्वनि ‘रे’ की, ‘रे’ से ऊँची ध्वनि ‘ग’ की और ‘नि’ की ध्वनि सबसे अधिक ऊँची होती है। जिस तरह हम एक के बाद एक सीढ़ियाँ चढ़ते हुए किसी मकान की ऊपरी मंजिल तक पहुँचते हैं उसी तरह गायक सा-रे-ग-म-प-ध-नि-सां का सफर तय करते हैं। इसी को 'आरोह' कहते हैं। इसके विपरीत ऊ Read More : ‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है about ‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है

टप्पा गायन : एक परिचय

टप्पा गायन

टप्पा शब्द हिंदी भाषा का शब्द है यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक गायन शैली है यह गायन शैली अत्यंत चंचल प्रकार की है  इसमें केवल स्थाई और अंतरा दो ही भाग होते हैं जो द्रुपद और खयाल की अपेक्षा अधिक संक्षिप्त होते हैं । इस शैली में करुण रस श्रृंगार रस की प्रधानता रहती है। परंतु रविंद्र संगीत में टप्पा गीत अधिकतर पूजा से संबंधित होते हैं। इसमें श्रंगार एक और प्रेम रस का अभाव रहता है ऐसा माना जाता है मियां छोरी ने बेसरा गीती के आधार पर इस का विकास किया था इस शैली का विकास अवध के दरबार में हुआ परंतु इसका उद्गम पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र में हुआ ऐसा हम इसलिए भी कह सकते हैं क्योंकि अधिकतर शब्द इसमें प Read More : टप्पा गायन : एक परिचय about टप्पा गायन : एक परिचय

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई है। ‘स्वन’ शब्द के लिए अंग्रेजी में ‘Phone’ शब्द है। ध्वनि का लघुत्तम अनुभवगम्य विच्छिन्न खण्ड स्वन विज्ञान में ‘स्वन’ कहलाता है। ‘ध्वनि’ शब्द संस्कृत ‘ध्वन्’ (आवाज करना, शब्द करना) धातु के साथ इण (इ) प्रत्यय संम्पृक्त करने से बनता है। इसका अर्थ होता है-‘आवाज’ या ‘आवाज करना’। व्यक्ति जब बोलता है, तो उसके मुख-विवर से वायु निकलती है जो वागेन्द्रिय के माध्यम से कुछ वाणी (आवाज) प्रकट करती है, उसी को ‘ध्वनि’ कहा जाता है। संस्कृत में उसके लिए ध्वन और ध्वनन तथा स्वन और स्वनन शब्दों का प्रयोग किया गया है। किंतु सभी का आशय एक ही है। डॉ. Read More : स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? about स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत

रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत

मनमोहन मन में हो तुम्ही -कैसे कहूंअदाना अदाना
चाह बर्बाद करेगी – शाहजहां बागेश्री बागेश्री
शुभ घड़ी आई रे- बागेश्री बागेश्री
दीवाने तुम कि दीवाने हम -बागेश्री बागेश्री
जा रे बेईमान तुझे जन लिया- बागेश्री बागेश्री
बेदर्दी हुआ बलमा -बागेश्री बागेश्री
दगाबाज्ज तू नहीं बलमा मोरा बागेश्री
राधा ना बोले ना बोले आजाद बागेश्री बागेश्री
जाग दर्द ए इश्क जाग- अनारकली बागेश्री बागेश्री
चमन में रंग ए बहार उतरा तो मैंने देखा – ग़ज़ल गुलाम अली बागेश्री बागेश्री
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स्वर मालिका तथा लिपि

स्वर मालिका तथा लिपि

भारतीय संगीत शास्त्री अन्य कई बातों में भी पाश्चात्य संगीत कारों से कहीं आगे और प्रगतिशील थे। भारतीयों ने ऐक ‘सप्तक’ ( सात स्वरों की क्रमबद्ध लडी – ‘सा री ग म प ध और नि’ को 22 श्रुतियों (इन्टरवल) में बाँटा था जब कि पाश्चात्य संगीत में यह दूरी केवल 12 सेमीटोन्स में ही विभाजित करी गयी है। भारतीयों ने स्वरों के नामों के प्रथम अक्षर के आधार पर ‘सरगमें’ बनायी जिन्हें गाया जा सकता है। ईरानियों और उन के पश्चात मुसलमानों ने भी भारतीय स्वर मालाओं (सरगमों) को अपनाया है। Read More : स्वर मालिका तथा लिपि about स्वर मालिका तथा लिपि

राग भूपाली

राग भूपाली

राग भूपाली
राग परिचय--

: यह राग भूप के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह पूर्वांग प्रधान राग है। इसका विस्तार तथा चलन अधिकतर मध्य सप्तक के पूर्वांग व मन्द्र सप्तक में किया जाता है। यह चंद्र प्रकाश के समान शांत स्निग्ध वातावरण पैदा करने वाला मधुर राग है। जिसका प्रभाव वातावरण में बहुत ही जल्दी घुल जाता है। रात्रि के रागों में राग भूपाली सौम्य है। शांत रस प्रधान होने के कारण इसके गायन से वातावरण गंभीर व उदात्त बन जाता है। राग भूपाली कल्याण थाट का राग है। Read More : राग भूपाली about राग भूपाली

शुद्ध स्वर

विकृत स्वर, तीव्र स्वर, कोमल स्वर, स्वर के भेद, संगीत के स्वर, हिंदुस्तानी संगीत में शुद्ध और विकृत कुल मिलाकर कितने स्वर होते हैं, सप्तक के प्रकार, संगीत के सात सुर

सा, रे, ग, म, प, ध, नि शुद्ध स्वर कहे जाते हैं। इनमें सा और प तो अचल स्वर माने गए हैं, क्योंकि ये अपनी जगह पर क़ायम रहते हैं। बाकी पाँच स्वरों के दो-दो रूप कर दिए गए हैं, क्योंकि ये अपनी जगह पर से हटते हैं, इसलिए इन्हें कोमल व तीव्र नामों से पुकारते हैं। इन्हें विकृत स्वर भी कहा जाता है। Read More : शुद्ध स्वर about शुद्ध स्वर

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राग परिचय

संगीत और हमारा जीवन
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गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 717 6
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,459 3
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,878 3
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 413 3
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गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 2,057 2
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 1,221 2
गुरु की परिभाषा 3,230 2
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गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 846 1
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 754 1
माइक्रोफोन के प्रकार : 1,089 1
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 1,114 1
गायकी और गले का रख-रखाव 899 1
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 910 1
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 841 1
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 817 1
शास्त्रीय संगीत और योग 954 1
क्या प्रभाव पड़ता है संगीत का किशोरों पर? 140 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 1,120 0
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माइक्रोफोन की हानि : 474 0
कंठध्वनि 695 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 815 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 187 0
आइआइटी कानपुर ने भी माना राग दरबारी सुनने से तेज होता है दिमाग, दूर कर सकते रोग 72 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 741 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 719 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 357 0
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 953 0
भारतीय कलाएँ 635 0
माता-पिता अपने किशोर बच्चों को गानो के गलत प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं? 129 0
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 1,072 0
संगीत कितने प्रकार का होता है और उसका किशोरों के दिमाग पर क्या असर पड़ता है? 192 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,606 0
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 811 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 1,379 4
हारमोनियम के गुण और दोष 3,769 2
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 3,793 2
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 977 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 1,122 1
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 1,050 1
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 1,102 1
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 999 1
रागों का सृजन 687 1
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 528 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 704 0
संगीत शास्त्र परिचय 3,319 0
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 910 0
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 1,494 0
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,601 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,804 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,815 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 2,153 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 693 0
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 834 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 394 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 499 0
संगीत का विकास और प्रसार 1,576 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 451 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,617 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 859 0
भारतीय संगीत 697 0
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 541 0
स्वर परिचय
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स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 328 4
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 405 1
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 374 1
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 310 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 567 0
संगीत के स्वर 1,020 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 353 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 279 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 276 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 324 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 280 0
राग परिचय
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राग रागिनी पद्धति 2,450 3
राग यमन (कल्याण) 2,204 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,926 2
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 3,461 2
रागों का विभाजन 547 1
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 3,174 1
राग बहार 1,295 1
रागों के प्रकार 3,932 1
रागों मे जातियां 2,633 1
षड्जग्राम-तान बोधिनी 291 1
राग भूपाली 2,406 1
शुद्ध स्वर 2,097 1
स्वर (संगीत) 1,367 1
स्वर मालिका तथा लिपि 1,486 1
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 945 1
स्वर मालिका तथा लिपि 2,086 1
आविर्भाव-तिरोभाव 2,152 1
राग ललित! 1,682 1
वादी - संवादी 2,007 1
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 1,461 1
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 1,140 1
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,769 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 649 0
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,808 0
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 2,634 0
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 10,057 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 298 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 657 0
राग- गौड़ सारंग 531 0
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,784 0
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 912 0
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 2,138 0
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 3,333 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 993 0
टप्पा गायन : एक परिचय 546 0
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 275 0
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 1,125 0
राग मुलतानी 761 0
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,868 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 786 3
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 755 1
बैजू बावरा 860 1
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 301 1
उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना 154 0
फकीर हरिदास और तानसेन के संगीत में क्या अंतर है? 138 0
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 869 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 343 0
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 849 0
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 278 0
पण्डित अजॉय चक्रबर्ती 119 0
बड़े गुलाम अली खान: जिन्होंने गाने के लिए रफी और लता से 50 गुना फीस ली 139 0
रचन: श्री वल्लभाचार्य 1,085 0
अकबर और तानसेन 883 0
वीडियो
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राग भीमपलासी पर आधारित गीत 1,876 1
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 516 1
राग यमन 520 1
कर्ण स्वर 444 0
कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया 149 0
वंदेमातरम् 336 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 903 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 371 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 489 0
मोरा सइयां 376 0
सिलेबस
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सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 378 1
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 412 1
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 526 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 268 0
शास्त्रीय नृत्य
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शास्त्रीय संगीत क्या है 141 1
राग क्या हैं 337 1
आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना 116 0
लता मंगेशकर का नाम : भारतीय संगीत की आत्मा 142 0
मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज 128 0
जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार 117 0
भारतीय नृत्य कला 1,625 0
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 832 0
काशी की गिरिजा 121 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: 143 0
लोक कला की ध्वजवाहिका 100 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 415 0
लोक और शास्त्र के अन्तरालाप की देवी 98 0
कर्नाटक संगीत 162 0
क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में 180 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 293 0
माइक्रोफोन का कार्य 565 0
कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप 143 0
वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति 133 0
पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी 148 0
ठुमरी का नवनिर्माण 123 0
रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब 149 0
सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना 129 0
बेहद लोकप्रिय है शास्त्रीय गायकी का किराना घराना 129 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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भारत में संगीत शिक्षण 1,586 0
रामपुर सहसवां घराना भी है गायकी का मशहूर घराना 147 0
कैराना का किराना घराने से नाता 434 0
गुरु-शिष्य परम्परा 1,271 0
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 4,730 0