राग परिचय

कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है-

बागेश्री- विरहोत्कंठिता नारी का सजीव चित्रण

गुणक्री -वासक सज्जा नायिका

तोड़ी - विरह दग्धा, विरहिणी

ललित- खंडिता नारी (वियोग श्रृंगार)

रागेश्री- विप्रलब्धा

बहार- उत्साही युवक

जोगिया - वेदना, करूणा से भरी स्त्री

सोहनी- आवेश युक्त प्रेम कलह से उग्र

भैरवी - अनेक रंग, भक्ति, करूणा, विरह, खुशी।

दरबारी - प्रौढ़, गम्भीर, राजसी व्यक्तित्व वाला

अड़ाना - चंचल, उत्साही युवक

मारवा- वेदना ग्रस्त पुरूष

मालकौंस- शान्त, सौम्य

हिंडोल -आवेश युक्त, उग्र, उदभट

वादी - संवादी

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राग एक माहौल या वातावरण विशेष का नाम है जो रंजक भी है। स्पष्ट रूप से इस वातावरण निर्मिती के केंद्र में वह स्वरावली है जो रागवाचक है इसे रागांग कहते हैं। इस रागांग का केंद्र बिंदु होता है वादी स्वर। इसे राग का जीव या प्राण स्वर भी कहा गया है। राग को राज्य की संज्ञा देकर वादी स्वर को उसका राजा कहा जाता है। स्पष्टतः वादी का प्रयोग अन्य स्वरों की अपेक्षा सर्वाधिक होता है तथा इस पर ठहराव भी अधिक होता है।

थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या

बिलावल ठाट, कल्याण ठाट, खमाज ठाट, आसावरी ठाट, काफ़ी ठाट, भैरवी ठाट, भैरव ठाट, मारवा ठाट, पूर्वी ठाट, तोड़ी ठाट

सप्तक के 12 स्वरों में से 7 क्रमानुसार मुख्य स्वरों के उस समुदाय को थाट कहते हैं, जिससे राग उत्पन्न होते है। स्वरसप्तक, मेल, थाट, अथवा ठाट एक ही अर्थवाचक हैं। प्राचीन संस्कृत ग्रन्थों में मेल शब्द ही प्रयोग किया गया है। अभिनव राग मंजरी में कहा गया है– मेल स्वर समूह: स्याद्राग व्यंजन शक्तिमान, अर्थात् स्वरों के उस समूह को मेल या ठाट कहते हैं, जिसमें राग उत्पन्न करने की शक्ति हो।

थाट के लक्षण

राग रागिनी पद्धति

राग रागिनी पद्धति

रागों के वर्गीकरण की यह परंपरागत पद्धति है। १९वीं सदी तक रागों का वर्गीकरण इसी पद्धति के अनुसार किया जाता था। हर एक राग का परिवार होता था। सब छः राग ही मानते थे, पर अनेक मतों के अनुसार उनके नामों में अन्तर होता था। इस पद्धति को मानने वालों के चार मत थे।

शिव मत
इसके अनुसार छः राग माने जाते थे। प्रत्येक की छः-छः रागिनियाँ तथा आठ पुत्र मानते थे। इस मत में मान्य छः राग-

1. राग भैरव, 2. राग श्री, 3. राग मेघ, 4. राग बसंत, 5. राग पंचम, 6. राग नट नारायण।

सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है

सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है

संगीत में वह शब्द जिसका कोई निश्चित रूप हो और जिसकी कोमलता या तीव्रता अथवा उतार-चढ़ाव आदि का, सुनते ही, सहज में अनुमान हो सके, स्वर कहलाता है। भारतीय संगीत में सात स्वर (notes of the scale) हैं, जिनके नाम हैं - षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत व निषाद।

यों तो स्वरों की कोई संख्या बतलाई ही नहीं जा सकती, परंतु फिर भी सुविधा के लिये सभी देशों और सभी कालों में सात स्वर नियत किए गए हैं। भारत में इन सातों स्वरों के नाम क्रम से षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत और निषाद रखे गए हैं जिनके संक्षिप्त रूप सा, रे ग, म, प, ध और नि हैं।

सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान

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सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान
वाशिंगटन, एजेंसीअ+अ-

बच्चों को यदि सुर-ताल के साथ गणित की शिक्षा दी जाए तो वे इसकी समस्याओं को अपेक्षाकृत अधिक आसानी से समझ पाते हैं।

इसका खुलासा अमेरिका में हुए एक अध्ययन से हुआ है। इसके अनुसार, संगीत के विभिन्न माध्यमों, जैसे-ताली बजाकर, ड्रम बजाकर तथा गाना गा कर बच्चों को गणित के सवालों के बारे में आसानी से समझाया जा सकता है।

राग ललित!

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अपने मित्रों को मैं यह कोई नई बात नहीं बता रहा कि मुझे भारतीय शास्त्रीय संगीत से लगाव है। संगीत की जानकारी में मैं बिल्कुल शून्य हूँ लेकिन हाँ उसे मन से महसूस करके उसका आनंद लेना मुझे आता है। बचपन से ही हिन्दी फ़िल्मों के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों ने अधिकांश लोगों की तरह मेरे मन को भी मगन किया है। आज शीला और मुन्नी के दौर में इन्हीं शास्त्रीय गीतों के आधार पर बॉलीवुड में संगीत का नाम जीवित है।

रागों के प्रकार

रागों के प्रकार

मुग़ल़कालीन शासन के दौरान ही शायद रागों के गाने बजाने का निर्धारित समय कभी प्रचलन में आया। जिन्हें उनकी प्रकृति के आधार पर विभाजित किया गया। जिनका वर्णन निम्न प्रकार से दिया जा सकता है:-

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राग परिचय

राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 5,867 25
स्वर मालिका तथा लिपि 1,134 8
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 985 7
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,485 7
राग भूपाली 1,296 7
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 1,743 6
वादी - संवादी 916 5
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 856 5
टप्पा गायन : एक परिचय 54 5
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 464 4
रागों के प्रकार 1,899 4
राग रागिनी पद्धति 1,529 4
आविर्भाव-तिरोभाव 929 3
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 897 3
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,831 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,156 3
स्वर (संगीत) 752 2
राग यमन (कल्याण) 1,147 2
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,311 2
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,118 2
राग- गौड़ सारंग 264 1
स्वर मालिका तथा लिपि 696 1
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,366 1
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 703 1
राग बहार 659 1
रागों मे जातियां 1,847 1
शुद्ध स्वर 1,100 1
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 333 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 500 0
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 1,882 0
राग ललित! 967 0
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 575 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 542 0
राग मुलतानी 452 0
रागों का विभाजन 272 0
षड्जग्राम-तान बोधिनी 166 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 383 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 154 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 524 11
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,325 7
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 950 4
हारमोनियम के गुण और दोष 2,494 4
संगीत शास्त्र परिचय 2,388 3
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,047 2
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 521 2
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 718 2
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,071 2
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,169 1
भारतीय संगीत 468 1
स्वरों का महत्त्व क्या है? 405 1
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 597 1
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,301 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 373 0
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 451 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 187 0
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 328 0
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 640 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 337 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 297 0
संगीत का विकास और प्रसार 932 0
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 846 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 456 0
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 248 0
रागों का सृजन 442 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 350 0
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 617 0
वीडियो
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राग भीमपलासी पर आधारित गीत 837 9
वंदेमातरम् 211 1
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 356 1
कर्ण स्वर 300 1
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 238 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 464 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 285 0
राग यमन 314 0
मोरा सइयां 232 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 3,146 8
गुरु-शिष्य परम्परा 772 3
कैराना का किराना घराने से नाता 309 2
भारत में संगीत शिक्षण 1,148 1
शास्त्रीय नृत्य
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‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 9 7
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 259 6
भारतीय नृत्य कला 886 4
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 80 3
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 333 2
माइक्रोफोन का कार्य 304 0
संगीत और हमारा जीवन
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गुरु की परिभाषा 1,374 5
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,062 5
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 914 4
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 946 4
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 388 3
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 709 3
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,127 2
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 544 2
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 675 2
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,118 2
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Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 475 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 222 0
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हमारे पूज्यनीय गुरु
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तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 514 4
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 44 2
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 185 1
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 167 1
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 591 1
बैजू बावरा 505 1
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 467 0
रचन: श्री वल्लभाचार्य 621 0
अकबर और तानसेन 561 0
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 448 0
स्वर परिचय
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संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 188 2
संगीत के स्वर 336 1
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 190 1
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 154 1
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 201 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 176 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 165 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 151 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 118 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 188 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 158 0
सिलेबस
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सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 254 1
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 226 1
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 298 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 179 0