राग परिचय

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राग- कम से कम पाँच और अधिक से अधिक ७ स्वरों से मिल कर बनता है राग। राग को गाया बजाया जाता है और ये कर्णप्रिय होता है। किसी राग विशेष को विभिन्न तरह से गा-बजा कर उसके लक्षण दिखाये जाते है, जैसे आलाप कर के या कोई बंदिश या गीत उस राग विशेष के स्वरों के अनुशासन में रहकर गा के आदि।

पकड़- पकड़ वह छोटा सा स्वर समुदाय है जिसे गाने-बजाने से किसी राग विशेष का बोध हो जाये। उदाहरणार्थ- प रे ग रे, .नि रे सा गाने से कल्याण राग का बोध होता है। Read More : राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान about राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान

कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है-

बागेश्री- विरहोत्कंठिता नारी का सजीव चित्रण

गुणक्री -वासक सज्जा नायिका

तोड़ी - विरह दग्धा, विरहिणी

ललित- खंडिता नारी (वियोग श्रृंगार)

रागेश्री- विप्रलब्धा

बहार- उत्साही युवक

जोगिया - वेदना, करूणा से भरी स्त्री

सोहनी- आवेश युक्त प्रेम कलह से उग्र

भैरवी - अनेक रंग, भक्ति, करूणा, विरह, खुशी।

दरबारी - प्रौढ़, गम्भीर, राजसी व्यक्तित्व वाला

अड़ाना - चंचल, उत्साही युवक

मारवा- वेदना ग्रस्त पुरूष

मालकौंस- शान्त, सौम्य

हिंडोल -आवेश युक्त, उग्र, उदभट Read More : कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- about कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है-

वादी - संवादी

वादी और संवादी की परिभाषा, अनुवादी स्वर, विवादी स्वर, संवादी विश्लेषण, संवादी, राग वादी स्वर, samvadi swar, ठाट

राग एक माहौल या वातावरण विशेष का नाम है जो रंजक भी है। स्पष्ट रूप से इस वातावरण निर्मिती के केंद्र में वह स्वरावली है जो रागवाचक है इसे रागांग कहते हैं। इस रागांग का केंद्र बिंदु होता है वादी स्वर। इसे राग का जीव या प्राण स्वर भी कहा गया है। राग को राज्य की संज्ञा देकर वादी स्वर को उसका राजा कहा जाता है। स्पष्टतः वादी का प्रयोग अन्य स्वरों की अपेक्षा सर्वाधिक होता है तथा इस पर ठहराव भी अधिक होता है।
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थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या

बिलावल ठाट, कल्याण ठाट, खमाज ठाट, आसावरी ठाट, काफ़ी ठाट, भैरवी ठाट, भैरव ठाट, मारवा ठाट, पूर्वी ठाट, तोड़ी ठाट

सप्तक के 12 स्वरों में से 7 क्रमानुसार मुख्य स्वरों के उस समुदाय को थाट कहते हैं, जिससे राग उत्पन्न होते है। स्वरसप्तक, मेल, थाट, अथवा ठाट एक ही अर्थवाचक हैं। प्राचीन संस्कृत ग्रन्थों में मेल शब्द ही प्रयोग किया गया है। अभिनव राग मंजरी में कहा गया है– मेल स्वर समूह: स्याद्राग व्यंजन शक्तिमान, अर्थात् स्वरों के उस समूह को मेल या ठाट कहते हैं, जिसमें राग उत्पन्न करने की शक्ति हो।

थाट के लक्षण Read More : थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या about थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या

राग रागिनी पद्धति

राग रागिनी पद्धति

रागों के वर्गीकरण की यह परंपरागत पद्धति है। १९वीं सदी तक रागों का वर्गीकरण इसी पद्धति के अनुसार किया जाता था। हर एक राग का परिवार होता था। सब छः राग ही मानते थे, पर अनेक मतों के अनुसार उनके नामों में अन्तर होता था। इस पद्धति को मानने वालों के चार मत थे।

शिव मत
इसके अनुसार छः राग माने जाते थे। प्रत्येक की छः-छः रागिनियाँ तथा आठ पुत्र मानते थे। इस मत में मान्य छः राग-

1. राग भैरव, 2. राग श्री, 3. राग मेघ, 4. राग बसंत, 5. राग पंचम, 6. राग नट नारायण।

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सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है

सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है

संगीत में वह शब्द जिसका कोई निश्चित रूप हो और जिसकी कोमलता या तीव्रता अथवा उतार-चढ़ाव आदि का, सुनते ही, सहज में अनुमान हो सके, स्वर कहलाता है। भारतीय संगीत में सात स्वर (notes of the scale) हैं, जिनके नाम हैं - षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत व निषाद।

यों तो स्वरों की कोई संख्या बतलाई ही नहीं जा सकती, परंतु फिर भी सुविधा के लिये सभी देशों और सभी कालों में सात स्वर नियत किए गए हैं। भारत में इन सातों स्वरों के नाम क्रम से षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत और निषाद रखे गए हैं जिनके संक्षिप्त रूप सा, रे ग, म, प, ध और नि हैं। Read More : सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है about सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है

सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान

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सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान
वाशिंगटन, एजेंसीअ+अ-

बच्चों को यदि सुर-ताल के साथ गणित की शिक्षा दी जाए तो वे इसकी समस्याओं को अपेक्षाकृत अधिक आसानी से समझ पाते हैं।

इसका खुलासा अमेरिका में हुए एक अध्ययन से हुआ है। इसके अनुसार, संगीत के विभिन्न माध्यमों, जैसे-ताली बजाकर, ड्रम बजाकर तथा गाना गा कर बच्चों को गणित के सवालों के बारे में आसानी से समझाया जा सकता है। Read More : सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान about सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान

राग ललित!

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अपने मित्रों को मैं यह कोई नई बात नहीं बता रहा कि मुझे भारतीय शास्त्रीय संगीत से लगाव है। संगीत की जानकारी में मैं बिल्कुल शून्य हूँ लेकिन हाँ उसे मन से महसूस करके उसका आनंद लेना मुझे आता है। बचपन से ही हिन्दी फ़िल्मों के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों ने अधिकांश लोगों की तरह मेरे मन को भी मगन किया है। आज शीला और मुन्नी के दौर में इन्हीं शास्त्रीय गीतों के आधार पर बॉलीवुड में संगीत का नाम जीवित है। Read More : राग ललित! about राग ललित!

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राग परिचय

भारतीय शास्त्रीय संगीत
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संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 1,347 2
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 755 2
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 1,272 2
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 1,039 1
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 1,033 1
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 795 1
स्वरों का महत्त्व क्या है? 662 0
संगीत शास्त्र परिचय 3,146 0
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 917 0
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 861 0
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,514 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,713 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 2,033 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 645 0
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 938 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,697 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 360 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 473 0
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 907 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 431 0
संगीत का विकास और प्रसार 1,487 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,510 0
भारतीय संगीत 664 0
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 496 0
रागों का सृजन 650 0
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 3,576 0
हारमोनियम के गुण और दोष 3,565 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 505 0
संगीत और हमारा जीवन
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माइक्रोफोन के प्रकार : 1,005 2
गुरु की परिभाषा 2,974 2
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 1,975 1
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 1,027 1
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 677 1
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 162 1
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,918 1
भारतीय कलाएँ 607 1
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,356 0
संगीत सुनने से दिमाग पर होता है ऐसा असर 141 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 691 0
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,723 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 384 0
टांसिल होने पर 574 0
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 790 0
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 899 0
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 719 0
कंठध्वनि 640 0
माइक्रोफोन की हानि : 452 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 747 0
नई स्वरयंत्र की सूजन 699 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 693 0
गायकी और गले का रख-रखाव 832 0
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 1,055 0
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 861 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 800 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 680 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 323 0
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 868 0
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 778 0
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 1,155 0
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 1,020 0
शास्त्रीय संगीत और योग 905 0
माता-पिता अपने किशोर बच्चों को गानो के गलत प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं? 107 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,525 0
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 758 0
संगीत कितने प्रकार का होता है और उसका किशोरों के दिमाग पर क्या असर पड़ता है? 163 0
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 1,125 0
क्या प्रभाव पड़ता है संगीत का किशोरों पर? 113 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 967 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना 107 1
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 242 1
अकबर और तानसेन 830 1
बैजू बावरा 818 0
फकीर हरिदास और तानसेन के संगीत में क्या अंतर है? 116 0
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 822 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 325 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 288 0
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 758 0
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 790 0
पण्डित अजॉय चक्रबर्ती 99 0
बड़े गुलाम अली खान: जिन्होंने गाने के लिए रफी और लता से 50 गुना फीस ली 114 0
रचन: श्री वल्लभाचार्य 1,020 0
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 707 0
राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 9,457 1
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,688 1
राग दरबारी कान्हड़ा 1,783 1
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 868 1
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,630 1
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 1,364 1
राग यमन (कल्याण) 2,020 1
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 2,927 0
राग बहार 1,199 0
रागों के प्रकार 3,573 0
रागों मे जातियां 2,494 0
राग रागिनी पद्धति 2,313 0
राग भूपाली 2,252 0
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 2,496 0
षड्जग्राम-तान बोधिनी 267 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 612 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 262 0
शुद्ध स्वर 1,907 0
राग- गौड़ सारंग 472 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 586 0
स्वर (संगीत) 1,261 0
स्वर मालिका तथा लिपि 1,310 0
आविर्भाव-तिरोभाव 1,961 0
स्वर मालिका तथा लिपि 1,894 0
राग ललित! 1,510 0
वादी - संवादी 1,826 0
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 856 0
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 1,976 0
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 3,078 0
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 1,075 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 937 0
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 3,197 0
टप्पा गायन : एक परिचय 456 0
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 235 0
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 1,081 0
राग मुलतानी 712 0
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,769 0
रागों का विभाजन 493 0
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,614 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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गुरु-शिष्य परम्परा 1,189 1
भारत में संगीत शिक्षण 1,463 0
रामपुर सहसवां घराना भी है गायकी का मशहूर घराना 114 0
कैराना का किराना घराने से नाता 409 0
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 4,443 0
स्वर परिचय
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स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 353 1
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 282 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 513 0
संगीत के स्वर 962 0
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 342 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 309 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 294 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 253 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 251 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 295 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 247 0
वीडियो
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कर्ण स्वर 423 0
कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया 132 0
वंदेमातरम् 308 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 832 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 345 0
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 492 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 438 0
राग यमन 491 0
मोरा सइयां 344 0
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 1,718 0
सिलेबस
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सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 490 0
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 345 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 252 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 378 0
शास्त्रीय नृत्य
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लता मंगेशकर का नाम : भारतीय संगीत की आत्मा 125 0
मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज 91 0
जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार 84 0
भारतीय नृत्य कला 1,520 0
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 763 0
काशी की गिरिजा 105 0
शास्त्रीय संगीत क्या है 107 0
लोक कला की ध्वजवाहिका 79 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 390 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: 113 0
लोक और शास्त्र के अन्तरालाप की देवी 83 0
राग क्या हैं 232 0
क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में 137 0
कर्नाटक संगीत 123 0
वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति 98 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 266 0
माइक्रोफोन का कार्य 513 0
कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप 104 0
ठुमरी का नवनिर्माण 89 0
पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी 116 0
रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब 107 0
सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना 87 0
बेहद लोकप्रिय है शास्त्रीय गायकी का किराना घराना 107 0
आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना 79 0