राग परिचय

राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय-

राग बिहाग, राग परिचय, राग मालकौंस, रागों के नाम, राग केदार, रागों का समय चक्र, राग सूची, संगीत राग लिस्ट

राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय-

थाट-कल्याण

गायन समय-रात्रि का द्वितीय प्रहर

जाति-ओडव-सम्पूर्ण (आरोह मे रे,ध स्वर वर्जित हैं)

विद्वानों को इस राग के वादी तथा संवादी स्वरों मे मतभेद है-

कुछ विद्वान मारू बिहाग मे वादी स्वर-गंधार व संवादी निषाद को मानते है इसके विपरीत अन्य संगीतज्ञ इसमे वादी स्वर पंचम व संवादी स्वर षडज को उचित ठहराते हैं ।

प्रस्तुत राग मे दोनो प्रकार के मध्यम स्वरों ( शुद्ध म व तीव्र म ) का प्रयोग होता है । शेष सभी स्वर शुद्ध प्रयुक्त होते हैं ।

सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है.

सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. आईये हम सुर की प्राथमिक जानकारी हासिल करते हैं. 
स्वर
आवाज़ की एक निर्धारित तेजी और चढ़ाव को स्वर बोलते हैं. स्वर को आम बोलचाल की भाषा में सुर भी कहते हैं. 
सप्तक
संगीत में सबसे पहली बात हम सीखते है कि संगीत में कुल सात सुर होते हैं. ये सात सुर सब तरह के संगीत के लिए, चाहे गाने के लिए या बजाने के लिए, सबसे बुनियादी इकाई हैं. इन सात सुरों को तरह तरह के क्रम में लगा कर राग बनते हैं. सात सुरों के इस समूह को सप्तक कहते हैं. सात सुर ये हैं: 
1.स - षडज
2.रे - ऋषभ
3.ग - गंधार 

आविर्भाव-तिरोभाव

आविर्भाव का अर्थ, तिरोभाव का अर्थ, आविर्भाव का पर्यायवाची

आविर्भाव व तिरोभाव भारतीय संगीत में अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। किसी भी राग के स्वरों को ऐसे क्रम में लगाना, जिससे किसी दूसरे राग की छाया दृष्टिगोचर होने लगे उसे तिरोभाव कहते हैं। परन्तु राग के मार्मिक स्वर पुन: लगाकर राग का आविर्भाव किया जाता है जिससे रागरूप स्पष्ट अपने रूप में आ जाए, आविर्भाव कहलाता है।
आविर्भाव-तिरोभाव बहुत कलापूर्ण है और अनुभवी, राग विज्ञान के दक्ष लोगों द्वारा ही संभव है अन्यथा इसमें राग स्वरूप नष्ट होने की अधिक संभावना रहती है।

 

राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग

राग भैरव बन्दिश, raag bhairav, राग अहीर भैरव, संगीत राग, राग अहीर भैरव नोट्स, राग भैरवी, राग भीमपलासी

राग भैरव की उत्पत्ति भैरव थाट से  है. इसमें रे और ध कोमल लगते हैं, बाकी स्वर शुद्ध लगते हैं. कोमल रे और ध को आंदोलित किया जाता है.
ये भोर का राग है, सुबह 4 बजे से 7 बजे तक इसे गाया-बजाया जाता है. सुबह का रियाज़ ज़्यादातर संगीतकार भैरव में ही करते हैं. आरोह और अवरोह में सातों स्वर लगते हैं इसलिए इस राग की जाति है संपूर्ण.
आरोह- सा रे ग म प ध नि सां
अवरोह- सां नि ध प म ग रे सा
पकड़- ग म ध s ध s प, ग म रे s रे सा

नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज।

नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज।

्रिम नाद उत्पन्न करता है। संगीत दामोदर में नाद तीन प्रकार का माना गया है—प्राणिभव, अप्राणिभव और उभयसंभव। जो सुख आदि अंगों से उत्पन्न किया जाता है वह प्राणिभव, जो वीणा आदि से निकलता है वह अप्राणिभव और जो बाँसुरी से निकाला जाता है वह उभय- संभव है। नाद के बिना गीत, स्वर, राग आदि कुछ भी संभव नहीं। ज्ञान भी उसके बिना नहीं हो सकता। अतः नाद परज्योति वा ब्रह्मरुप है और सारा जगत् नादात्मक है। इस दृष्टि से नाद दो प्रकार का है— आहत और अनाहत। अनाहत नाद को केवल योगी ही सुन सकते हैं। इठयोग दीपिका में लिखा है कि जिनको तत्वबोध न हो सके वे नादोपासना करें। अँतस्थ नाद सुनने के लिये चाहिए कि एकाग्रचित होकर शां

ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है

ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है

ठुमरी भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक गायन शैली है। इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है। अर्थात जिसमें राग की शुद्धता की तुलना में भाव सौंदर्य को ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।[1] यह विविध भावों को प्रकट करने वाली शैली है जिसमें श्रृंगार रस की प्रधानता होती है साथ ही यह रागों के मिश्रण की शैली भी है जिसमें एक राग से दूसरे राग में गमन की भी छूट होती है और रंजकता तथा भावाभिव्यक्ति इसका मूल मंतव्य होता है। इसी वज़ह से इसे अर्ध-शास्त्रीय गायन के अंतर्गत रखा जाता है।

Pages

राग परिचय

राग परिचय
Total views Views today
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 5,867 25
स्वर मालिका तथा लिपि 1,134 8
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,485 7
राग भूपाली 1,296 7
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 985 7
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 1,743 6
वादी - संवादी 916 5
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 856 5
टप्पा गायन : एक परिचय 54 5
रागों के प्रकार 1,899 4
राग रागिनी पद्धति 1,529 4
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 464 4
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,831 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,156 3
आविर्भाव-तिरोभाव 929 3
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 897 3
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,118 2
स्वर (संगीत) 752 2
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,311 2
राग यमन (कल्याण) 1,147 2
राग बहार 659 1
रागों मे जातियां 1,847 1
शुद्ध स्वर 1,100 1
राग- गौड़ सारंग 264 1
स्वर मालिका तथा लिपि 696 1
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,366 1
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 703 1
षड्जग्राम-तान बोधिनी 166 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 383 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 154 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 333 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 500 0
राग ललित! 967 0
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 1,882 0
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 575 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 542 0
राग मुलतानी 452 0
रागों का विभाजन 272 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
Total views Views today
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 524 11
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,325 7
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 950 4
हारमोनियम के गुण और दोष 2,494 4
संगीत शास्त्र परिचय 2,388 3
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 718 2
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,071 2
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,047 2
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 521 2
स्वरों का महत्त्व क्या है? 405 1
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 597 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,169 1
भारतीय संगीत 468 1
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 617 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,301 0
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 451 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 373 0
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 328 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 187 0
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 640 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 337 0
संगीत का विकास और प्रसार 932 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 297 0
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 846 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 456 0
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 248 0
रागों का सृजन 442 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 350 0
वीडियो
Total views Views today
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 837 9
कर्ण स्वर 300 1
वंदेमातरम् 211 1
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 356 1
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 464 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 238 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 285 0
राग यमन 314 0
मोरा सइयां 232 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
Total views Views today
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 3,146 8
गुरु-शिष्य परम्परा 772 3
कैराना का किराना घराने से नाता 309 2
भारत में संगीत शिक्षण 1,148 1
शास्त्रीय नृत्य
Total views Views today
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 9 7
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 259 6
भारतीय नृत्य कला 886 4
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 80 3
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 333 2
माइक्रोफोन का कार्य 304 0
संगीत और हमारा जीवन
Total views Views today
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,062 5
गुरु की परिभाषा 1,374 5
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 946 4
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 914 4
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 388 3
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 709 3
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,127 2
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 544 2
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 675 2
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,118 2
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 255 1
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 488 1
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 459 1
माइक्रोफोन के प्रकार : 586 1
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 760 1
गायकी और गले का रख-रखाव 457 1
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 477 1
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 686 1
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 482 0
टांसिल होने पर 398 0
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 637 0
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 422 0
माइक्रोफोन की हानि : 296 0
कंठध्वनि 386 0
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 462 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 519 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 32 0
नई स्वरयंत्र की सूजन 394 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 385 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 562 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 475 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 222 0
शास्त्रीय संगीत और योग 601 0
भारतीय कलाएँ 452 0
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 479 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 722 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
Total views Views today
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 514 4
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 44 2
बैजू बावरा 505 1
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 185 1
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 167 1
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 591 1
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 467 0
रचन: श्री वल्लभाचार्य 621 0
अकबर और तानसेन 561 0
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 448 0
स्वर परिचय
Total views Views today
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 188 2
संगीत के स्वर 336 1
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 190 1
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 154 1
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 158 0
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 201 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 176 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 165 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 151 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 118 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 188 0
सिलेबस
Total views Views today
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 226 1
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 254 1
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 298 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 179 0