शास्त्रीय नृत्य

सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना

ग्वालियर घराना

ख्याल गायकी में ग्वालियर घराने को सबसे पुराना माना जाता है. इस घराने को शुरू करने वालों में नत्थन पीरबख्श का योगदान अहम माना जाता है.| ग्वालियर घराने की गायकी में स्वरों की बढ़त सरल होती है. इस घराने की बड़ी पहचान गंभीर किस्म की गायकी है. गंभीर किस्म की पहचान के पीछे पारंपरिक बंदिशों का गाया जाना है.

किसी भी राग के बीच में पेश की जाने वाली तानें भी इस घराने में बड़ी विविधता के साथ पेश की जाती हैं. संगीत सम्राट विष्णु दिगंबर पलुस्कर इसी घराने से थे. Read More : सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना about सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति जिसका अर्थ है श्रोताओं को मन के अनुसार बांध कर सामान भाव से संतुष्ट कर देना. उन्होंने ठुमरी को नीचे से ऊपर पहुँचाया और अगर उन्हें संगीत का वाज्ञेयकार कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.

"मुझे याद है 1972 में टाउनहॉल मैदान में एक कार्यक्रम के दौरान वो मंच पर आईं और उन्होंने राग यमन, मालकौंस के बाद कई बंदिशें सुनाई लेकिन उसके बाद जब ठुमरी शुरू हुई तो उपस्थित जनसमूह ने उन्हें कुछ देर और गाने का आग्रह किया. बड़े ही मीठे स्वर में उन्होंने कहा 'आप लोग जाए न देबा’ और वे एक घंटे तक अनवरत जाती रहीं. Read More : वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति about वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब

रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब

शास्त्रीय संगीत में घरानों की परंपरा बड़ी पुरानी है. आपने जब भी किसी शास्त्रीय कलाकार का नाम सुना होगा ज्यादातर मौकों पर उसके साथ एक घराने का नाम भी सुना होगा. घराना शब्द हिंदी के घर और संस्कृत के गृह शब्द से बना है. क्या आपने कभी सोचा कि इन घरानों का मतलब क्या है? दरअसल इस सवाल का जवाब बहुत आसान है. घराने से सीधा मतलब है एक विशेष किस्म की गायकी.

भारतीय शास्त्रीय संगीत में तमाम घराने हुए हैं. हर घराने में थोड़ा बहुत फर्क है. ये फर्क गायकी के अंदाज से लेकर बंदिशों तक में दिखाई और सुनाई देता है. |

  Read More : रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब about रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब

आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना

फैयाज खान साहब को आगरा घराने की शुरुआत करने वाला माना जाता है. दरअसल आगरा घराने की पहचान पहले ध्रुपद गायकी में थी बाद में ख्याल गायकी में भी इस घराने के कलाकारों ने अपनी अलग पहचान बनाई.

आगरा घराने की गायकी को दमदार गायकी कहा जाता है क्योंकि इस घराने के गायक स्वरों में दमदार प्रस्तुति देते हैं. इस घराने की गायकी में लयकारी का महत्व काफी ज्यादा है. इस घराने के बड़े कलाकारों में सीए व्यास, जितेंद्र अभिषेकी, विजय किचलू, सुमति मुटाटकर का नाम लिया जाता है. Read More : आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना about आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना

जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

शास्त्रीय संगीत की दुनिया में मल्लिकार्जुन मंसूर, केसरबाई, किशोरी अमोनकर, श्रुति साडोलकर, पद्मा तलवलकर और अश्विनी भीड़े देशपांडे जैसे नामचीन कलाकारों की क्या कद है, ये बताने की जरूरत नहीं है. ये सभी कलाकार अतरौली घराने के हैं.

इस घराने की शुरुआत महान कलाकार अल्लादिया खान ने की थी. इस घराने की गायकी को कठिन इसलिए भी माना जाता है क्योंकि इसमें वक्र स्वर समूहों को प्रस्तुत किया जाता है. आपको हाल ही में अपने लाखों चाहने वालों को अलविदा कह गईं किशोरी ताई की गायकी सुनाते हैं. Read More : जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार about जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप

कर्नाटक गायन शैली

वर्णम: इसके तीन मुख्य भाग पल्लवी, अनुपल्लवी तथा मुक्तयीश्वर होते हैं। वास्तव में इसकी तुलना हिंदुस्तानी शैली के ठुमरी के साथ की जा सकती है।

जावाली: यह प्रेम प्रधान गीतों की शैली है। भरतनाट्यम के साथ इसे विशेष रूप से गाया जाता है। इसकी गति काफी तेज होती है।

तिल्लाना: उत्तरी भारत में प्रचलित तराना के समान ही कर्नाटक संगीत में तिल्लाना शैली होती है। यह भक्ति प्रधान गीतों की गायन शैली है। Read More : कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप about कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप

भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार:

भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार

भारतीय शास्त्रीय संगीत आधारित है स्वरों व ताल के अनुशासित प्रयोग पर।सात स्वरों व बाईस श्रुतियों के प्रभावशाली प्रयोग से विभिन्न तरह के भाव उत्पन्न करने की चेष्टा की जाती है। सात स्वरों के समुह को सप्तक कहा जाता है। भारतीय संगीत सप्तक के ये सात स्वर इस प्रकार हैं 
षडज (सा), ऋषभ(रे), गंधार(ग), मध्यम(म), पंचम(प), धैवत(ध), निषाद(नि)।
Read More : भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: about भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार:

क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

ठुमरी, टप्पा, भजन और खयाल इत्यादि सब कुछ पर समान अधिकार होने के अलावा उनकी अकृत्रिम सुमधुर आवाज़, भरपूर तैयारी और भक्ति भावना से ओत-प्रोत प्रस्तुतिकरण उन्हें अविस्मरणीय बनाता था. खुद भाव प्रमण होकर शब्दों से खेलना और उसके माध्यम रुलाना हँसाना उन्हें खूब आता था.

वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ भट्टाचार्य बताते हैं, 'मैंने 1970 से लेकर 2017 तक लगातार, बनारस में हुए उनके हर कार्यक्रम को सुना है और मुझे यह कहने में कोई गुरेज़ नहीं कि उनकी ख्याल गायकी में चारों वाणी सुनाई देती थी. अतिविलम्बित, दीर्घविलम्बित, मध्यविलम्बित और अंत में तेज़ तान के साथ जाती थी. Read More : क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में about क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

Pages

राग परिचय

वीडियो
Total views Views today
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 1,954 40
कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया 156 6
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 524 4
मोरा सइयां 382 4
कर्ण स्वर 453 4
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 909 3
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 491 1
राग यमन 525 1
वंदेमातरम् 343 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 373 0
राग परिचय
Total views Views today
रागों के प्रकार 4,008 15
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 10,112 9
शुद्ध स्वर 2,120 8
राग ललित! 1,715 6
रागों मे जातियां 2,650 6
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 2,165 5
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 2,646 5
स्वर मालिका तथा लिपि 2,115 4
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,879 4
आविर्भाव-तिरोभाव 2,170 3
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 3,345 3
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 3,489 3
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 1,136 3
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 3,199 3
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 664 2
स्वर मालिका तथा लिपि 1,501 2
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,807 2
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 1,146 2
टप्पा गायन : एक परिचय 559 2
राग मुलतानी 764 2
राग बहार 1,303 2
राग भूपाली 2,414 2
वादी - संवादी 2,016 1
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 1,466 1
राग यमन (कल्याण) 2,208 1
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 657 1
राग दरबारी कान्हड़ा 1,944 1
स्वर (संगीत) 1,381 0
राग- गौड़ सारंग 535 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 955 0
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 917 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 1,004 0
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 275 0
रागों का विभाजन 551 0
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,779 0
षड्जग्राम-तान बोधिनी 292 0
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,826 0
राग रागिनी पद्धति 2,457 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 300 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
Total views Views today
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 4,762 9
भारत में संगीत शिक्षण 1,604 5
रामपुर सहसवां घराना भी है गायकी का मशहूर घराना 152 1
गुरु-शिष्य परम्परा 1,277 0
कैराना का किराना घराने से नाता 436 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
Total views Views today
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 1,020 8
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,836 7
संगीत शास्त्र परिचय 3,330 5
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 1,064 3
संगीत का विकास और प्रसार 1,584 3
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 1,388 2
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,632 2
भारतीय संगीत 702 2
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 545 2
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 3,820 2
हारमोनियम के गुण और दोष 3,787 2
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,610 2
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,810 1
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 400 1
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 839 1
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 1,113 1
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 985 1
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 1,511 1
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 912 1
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 694 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 2,157 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 501 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 460 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 865 0
रागों का सृजन 691 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 532 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 706 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 1,128 0
शास्त्रीय नृत्य
Total views Views today
राग क्या हैं 353 6
भारतीय नृत्य कला 1,637 5
काशी की गिरिजा 126 3
शास्त्रीय संगीत क्या है 147 2
कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप 147 2
जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार 121 2
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 838 2
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 418 1
लोक कला की ध्वजवाहिका 103 1
लोक और शास्त्र के अन्तरालाप की देवी 99 1
कर्नाटक संगीत 167 1
क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में 185 1
ठुमरी का नवनिर्माण 128 1
रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब 152 1
बेहद लोकप्रिय है शास्त्रीय गायकी का किराना घराना 133 1
लता मंगेशकर का नाम : भारतीय संगीत की आत्मा 143 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: 146 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 299 0
माइक्रोफोन का कार्य 567 0
वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति 135 0
पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी 151 0
सबसे पुराना माना जाता है ग्वालियर घराना 130 0
आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना 116 0
मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज 130 0
संगीत और हमारा जीवन
Total views Views today
माइक्रोफोन के प्रकार : 1,096 6
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 1,139 4
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 1,028 3
नई स्वरयंत्र की सूजन 759 2
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 747 2
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 723 2
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,613 2
क्या प्रभाव पड़ता है संगीत का किशोरों पर? 143 2
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 1,234 2
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,889 2
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 1,103 1
टांसिल होने पर 609 1
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 757 1
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 721 1
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 1,115 1
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 824 1
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 966 1
गुरु की परिभाषा 3,248 1
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 1,081 1
संगीत कितने प्रकार का होता है और उसका किशोरों के दिमाग पर क्या असर पड़ता है? 194 1
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 813 1
संगीत सुनने से दिमाग पर होता है ऐसा असर 185 1
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 724 1
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 414 0
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 847 0
माइक्रोफोन की हानि : 477 0
कंठध्वनि 699 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 818 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 188 0
आइआइटी कानपुर ने भी माना राग दरबारी सुनने से तेज होता है दिमाग, दूर कर सकते रोग 94 0
गायकी और गले का रख-रखाव 901 0
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 2,069 0
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 913 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 842 0
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 1,225 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 360 0
भारतीय कलाएँ 636 0
माता-पिता अपने किशोर बच्चों को गानो के गलत प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं? 131 0
शास्त्रीय संगीत और योग 957 0
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,473 0
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 2,201 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
Total views Views today
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 349 5
उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना 160 4
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 853 3
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 282 2
अकबर और तानसेन 887 2
पण्डित अजॉय चक्रबर्ती 122 1
बड़े गुलाम अली खान: जिन्होंने गाने के लिए रफी और लता से 50 गुना फीस ली 142 1
फकीर हरिदास और तानसेन के संगीत में क्या अंतर है? 140 1
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 874 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 302 0
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 787 0
रचन: श्री वल्लभाचार्य 1,091 0
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 759 0
बैजू बावरा 861 0
स्वर परिचय
Total views Views today
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 411 4
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 378 1
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 284 1
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 577 1
संगीत के स्वर 1,032 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 356 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 328 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 280 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 279 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 324 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 313 0
सिलेबस
Total views Views today
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 530 2
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 380 1
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 412 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 269 0