शास्त्रीय नृत्य

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति जिसका अर्थ है श्रोताओं को मन के अनुसार बांध कर सामान भाव से संतुष्ट कर देना. उन्होंने ठुमरी को नीचे से ऊपर पहुँचाया और अगर उन्हें संगीत का वाज्ञेयकार कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.

"मुझे याद है 1972 में टाउनहॉल मैदान में एक कार्यक्रम के दौरान वो मंच पर आईं और उन्होंने राग यमन, मालकौंस के बाद कई बंदिशें सुनाई लेकिन उसके बाद जब ठुमरी शुरू हुई तो उपस्थित जनसमूह ने उन्हें कुछ देर और गाने का आग्रह किया. बड़े ही मीठे स्वर में उन्होंने कहा 'आप लोग जाए न देबा’ और वे एक घंटे तक अनवरत जाती रहीं. Read More : वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति about वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब

रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब

शास्त्रीय संगीत में घरानों की परंपरा बड़ी पुरानी है. आपने जब भी किसी शास्त्रीय कलाकार का नाम सुना होगा ज्यादातर मौकों पर उसके साथ एक घराने का नाम भी सुना होगा. घराना शब्द हिंदी के घर और संस्कृत के गृह शब्द से बना है. क्या आपने कभी सोचा कि इन घरानों का मतलब क्या है? दरअसल इस सवाल का जवाब बहुत आसान है. घराने से सीधा मतलब है एक विशेष किस्म की गायकी.

भारतीय शास्त्रीय संगीत में तमाम घराने हुए हैं. हर घराने में थोड़ा बहुत फर्क है. ये फर्क गायकी के अंदाज से लेकर बंदिशों तक में दिखाई और सुनाई देता है. |

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आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना

फैयाज खान साहब को आगरा घराने की शुरुआत करने वाला माना जाता है. दरअसल आगरा घराने की पहचान पहले ध्रुपद गायकी में थी बाद में ख्याल गायकी में भी इस घराने के कलाकारों ने अपनी अलग पहचान बनाई.

आगरा घराने की गायकी को दमदार गायकी कहा जाता है क्योंकि इस घराने के गायक स्वरों में दमदार प्रस्तुति देते हैं. इस घराने की गायकी में लयकारी का महत्व काफी ज्यादा है. इस घराने के बड़े कलाकारों में सीए व्यास, जितेंद्र अभिषेकी, विजय किचलू, सुमति मुटाटकर का नाम लिया जाता है. Read More : आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना about आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना

जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

शास्त्रीय संगीत की दुनिया में मल्लिकार्जुन मंसूर, केसरबाई, किशोरी अमोनकर, श्रुति साडोलकर, पद्मा तलवलकर और अश्विनी भीड़े देशपांडे जैसे नामचीन कलाकारों की क्या कद है, ये बताने की जरूरत नहीं है. ये सभी कलाकार अतरौली घराने के हैं.

इस घराने की शुरुआत महान कलाकार अल्लादिया खान ने की थी. इस घराने की गायकी को कठिन इसलिए भी माना जाता है क्योंकि इसमें वक्र स्वर समूहों को प्रस्तुत किया जाता है. आपको हाल ही में अपने लाखों चाहने वालों को अलविदा कह गईं किशोरी ताई की गायकी सुनाते हैं. Read More : जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार about जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप

कर्नाटक गायन शैली

वर्णम: इसके तीन मुख्य भाग पल्लवी, अनुपल्लवी तथा मुक्तयीश्वर होते हैं। वास्तव में इसकी तुलना हिंदुस्तानी शैली के ठुमरी के साथ की जा सकती है।

जावाली: यह प्रेम प्रधान गीतों की शैली है। भरतनाट्यम के साथ इसे विशेष रूप से गाया जाता है। इसकी गति काफी तेज होती है।

तिल्लाना: उत्तरी भारत में प्रचलित तराना के समान ही कर्नाटक संगीत में तिल्लाना शैली होती है। यह भक्ति प्रधान गीतों की गायन शैली है। Read More : कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप about कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप

भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार:

भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार

भारतीय शास्त्रीय संगीत आधारित है स्वरों व ताल के अनुशासित प्रयोग पर।सात स्वरों व बाईस श्रुतियों के प्रभावशाली प्रयोग से विभिन्न तरह के भाव उत्पन्न करने की चेष्टा की जाती है। सात स्वरों के समुह को सप्तक कहा जाता है। भारतीय संगीत सप्तक के ये सात स्वर इस प्रकार हैं 
षडज (सा), ऋषभ(रे), गंधार(ग), मध्यम(म), पंचम(प), धैवत(ध), निषाद(नि)।
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क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

ठुमरी, टप्पा, भजन और खयाल इत्यादि सब कुछ पर समान अधिकार होने के अलावा उनकी अकृत्रिम सुमधुर आवाज़, भरपूर तैयारी और भक्ति भावना से ओत-प्रोत प्रस्तुतिकरण उन्हें अविस्मरणीय बनाता था. खुद भाव प्रमण होकर शब्दों से खेलना और उसके माध्यम रुलाना हँसाना उन्हें खूब आता था.

वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ भट्टाचार्य बताते हैं, 'मैंने 1970 से लेकर 2017 तक लगातार, बनारस में हुए उनके हर कार्यक्रम को सुना है और मुझे यह कहने में कोई गुरेज़ नहीं कि उनकी ख्याल गायकी में चारों वाणी सुनाई देती थी. अतिविलम्बित, दीर्घविलम्बित, मध्यविलम्बित और अंत में तेज़ तान के साथ जाती थी. Read More : क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में about क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी

पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी

पंडित भीमसेन जोशी को बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था। वह किराना घराने के संस्थापक अब्दुल करीम खान से बहुत प्रभावित थे। 1932 में वह गुरु की तलाश में घर से निकल पड़े। अगले दो वर्षो तक वह बीजापुर, पुणे और ग्वालियर में रहे। उन्होंने ग्वालियर के उस्ताद हाफिज अली खान से भी संगीत की शिक्षा ली। लेकिन अब्दुल करीम खान के शिष्य पंडित रामभाऊ कुंडालकर से उन्होने शास्त्रीय संगीत की शुरूआती शिक्षा ली। घर वापसी से पहले वह कलकत्ता और पंजाब भी गए। इसके पहले सात साल पहले शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान को भारत रत्न से अलंकृत किया गया था। वर्ष 1936 में पंडित भीमसेन जोशी ने जाने-माने खयाल गायक थे। वहाँ उन्होंन Read More : पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी about पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी

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राग परिचय

राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 8,713 8
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 963 4
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 2,776 4
रागों का विभाजन 406 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,611 3
स्वर मालिका तथा लिपि 1,108 3
आविर्भाव-तिरोभाव 1,655 3
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 1,266 3
राग यमन (कल्याण) 1,822 2
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,656 2
राग बहार 1,087 2
रागों के प्रकार 3,222 2
रागों मे जातियां 2,330 2
राग रागिनी पद्धति 2,149 2
स्वर मालिका तथा लिपि 1,721 2
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,416 2
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 755 2
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 1,774 2
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 178 1
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 1,008 1
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,448 1
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 2,621 1
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,534 1
राग भूपाली 2,034 1
स्वर (संगीत) 1,115 1
टप्पा गायन : एक परिचय 338 1
राग मुलतानी 626 0
षड्जग्राम-तान बोधिनी 227 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 555 0
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 2,322 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 227 0
शुद्ध स्वर 1,663 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 500 0
राग- गौड़ सारंग 412 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 747 0
वादी - संवादी 1,607 0
राग ललित! 1,372 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 853 0
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,926 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 3,343 6
हारमोनियम के गुण और दोष 3,311 4
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 418 2
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 1,127 2
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 728 2
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 805 1
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 795 1
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 940 1
संगीत का विकास और प्रसार 1,351 1
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 814 1
भारतीय संगीत 600 1
रागों का सृजन 610 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 464 0
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 846 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 575 0
संगीत शास्त्र परिचय 2,942 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 961 0
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,367 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,623 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,564 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,852 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 573 0
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 627 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 317 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 444 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 396 0
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 1,148 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,359 0
संगीत और हमारा जीवन
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रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 1,751 4
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,583 4
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 707 3
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 723 2
क्या प्रभाव पड़ता है संगीत का किशोरों पर? 75 2
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 936 2
गायकी और गले का रख-रखाव 771 2
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,709 2
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 298 1
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 725 1
गुरु की परिभाषा 2,723 1
शास्त्रीय संगीत और योग 829 1
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 704 1
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 907 1
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,252 1
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 341 1
कंठध्वनि 547 1
माइक्रोफोन के प्रकार : 893 1
नई स्वरयंत्र की सूजन 623 1
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 972 1
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 616 1
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 764 1
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 1,050 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 636 0
भारतीय कलाएँ 575 0
माता-पिता अपने किशोर बच्चों को गानो के गलत प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं? 83 0
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 937 0
संगीत कितने प्रकार का होता है और उसका किशोरों के दिमाग पर क्या असर पड़ता है? 114 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,419 0
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 970 0
संगीत सुनने से दिमाग पर होता है ऐसा असर 90 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 643 0
टांसिल होने पर 528 0
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 733 0
माइक्रोफोन की हानि : 403 0
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 658 0
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 616 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 669 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 139 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 750 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 298 3
अकबर और तानसेन 755 2
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 729 2
पण्डित अजॉय चक्रबर्ती 42 2
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 263 1
रचन: श्री वल्लभाचार्य 931 1
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 648 0
फकीर हरिदास और तानसेन के संगीत में क्या अंतर है? 74 0
बैजू बावरा 729 0
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 733 0
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 708 0
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 204 0
बड़े गुलाम अली खान: जिन्होंने गाने के लिए रफी और लता से 50 गुना फीस ली 52 0
वीडियो
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नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 445 2
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 378 1
राग यमन 453 1
वंदेमातरम् 286 1
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 308 1
मोरा सइयां 318 0
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 1,527 0
कर्ण स्वर 388 0
कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया 89 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 722 0
शास्त्रीय नृत्य
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लता मंगेशकर का नाम : भारतीय संगीत की आत्मा 91 2
क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में 46 2
आगरा का भी है अपना शास्त्रीय घराना 24 1
काशी की गिरिजा 43 1
लोक कला की ध्वजवाहिका 44 1
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 666 1
शास्त्रीय संगीत क्या है 46 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार: 33 1
ठुमरी का नवनिर्माण 51 1
माइक्रोफोन का कार्य 465 1
पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी 51 1
रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब 29 0
बेहद लोकप्रिय है शास्त्रीय गायकी का किराना घराना 48 0
मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज 44 0
जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार 38 0
भारतीय नृत्य कला 1,362 0
लोक और शास्त्र के अन्तरालाप की देवी 41 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 364 0
राग क्या हैं 96 0
वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति 21 0
कर्नाटक संगीत 58 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 226 0
कर्नाटक गायन शैली के प्रमुख रूप 34 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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गुरु-शिष्य परम्परा 1,107 2
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 4,170 1
कैराना का किराना घराने से नाता 380 1
भारत में संगीत शिक्षण 1,393 0
रामपुर सहसवां घराना भी है गायकी का मशहूर घराना 48 0
स्वर परिचय
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संगीत के स्वर 863 1
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 225 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 251 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 210 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 268 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 242 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 438 0
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 304 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 269 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 261 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 229 0
सिलेबस
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सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 439 0
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 306 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 233 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 343 0