संगीत और हमारा जीवन

भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत

भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत

भारतीय संगीत मूल रूप में ही आध्यात्मिक संगीत है। भारतीय संगीत को ईश्वर प्राप्ति का मार्ग माना है तो कहीं साक्षात ईश्वर माना गया है। अध्यात्म अर्थात व्यक्ति के मन को ईश्वर में लगाना व व्यक्ति को ईश्वर का साक्षात्कार कराना अध्यात्म कहलाता है संगीत को अध्यात्मिक अभिव्यक्ति का साधन मानकर संगीत की उपासना की गई है। संगीत को ईश्वर उपासना हेतु मन को एकाग्र करने का सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। वेदों में उपासना मार्ग अत्यंत सहज तथा ईश्वर से सीधा सम्पर्क स्थापित करने का सरल मार्ग बताया है। संगीत ने भी उपासना मार्ग को अपनाया है।

अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार

अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार

अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार है -

1. षड्ञ (सा) मयूर की आवाज से प्रतिस्ठित हुआचतुर्थ नाड़ी से इसका अभ्यूदय।

2. त्रषभ (रे) पपीहा (चातक) की आवाज से सप्तदश से नवम् नाड़ी तक व्याप्ति।

3. गान्धार (ग) बकरे की आवाज से गृहीता नवम् से त्रयोदश नाड़ी तक व्याप्ति।

4. मध्यम (म) सारस की आवाज से गृहीत। त्रयोदश से सप्तदश नाड़ी तक व्याप्ति।

5. पंचम (प) कोयल के सुरीले कंठ से गृहीत सप्तदश नाड़ी से विशं नाड़ी तक व्याप्ति।

6. धैवत (ध) मेढ़क की आवाज से गृहीत। विशं से द्वाविशं नाड़ी तक व्याप्ति।

संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है

संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है

गुलज़ार साहब कहते है

" संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है , सुबह उठ कर पूजा के श्लोक , तकरीबन उसी समय दूधवाला आता है अपनी की साइकिल की घंटी और साथ में सिटी बजाने से लेकर एक फ़क़ीर के गाने की आवाज़ से लेकर हमारी माँ की खाना पकाते समय की गुनगुनाहट , और रात में लोरियों की गरमाहट , संगीत हमारे जीवन की खाली जगह को भर देता है और इसीलिए संगीत सब को पसंद है "

रियाज़ कैसे करें 10 तरीके

सुरसाधना, खरज का रियाज, सरगम सीखना, गायकी टिप्स, गायन सीखना, हारमोनियम बजाना कैसे सीखे

रियाज़ करने की शुरुआत के लिए आप इस प्रकार से कोशिश करें -
1) संगीत सीखने का सबसे पहला पाठ और रियाज़ ओंकार . 3 महीनो तक आप रोज़ सुबह कम से कम 30 मिनट 'सा' के स्वर में ओंकार का लगातार अभ्यास करें.
2) अगर आप और समय दे सकते हैं तो ओंकार रियाज़ करने के बाद 5 मिनट आराम कर के, सरगम आरोह अवरोह का धीमी गति में 30 मिनट तक रियाज़ करें. जल्दबाजी नहीं करें.
3) सरगम का रियाज़ करते समय स्वर ठीक से लगाने का पूरा ध्यान रखें. अगर स्वर ठीक से नहीं लग रहा है तो बार बार कोशिश करें. संगीत अभ्यास में लगन की जरूरत होती है और शुरुआत में बहुत धीरज और इत्मीनान चाहिए.

गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष

गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष

खाँसी रोग कई कारणों से पैदा होता है और यदि जल्दी दूर न किया जाए तो विकट रूप धारण कर लेता है। एक कहावत है, रोग का घर खाँसी। खाँसी यूँ तो एक मामूली-सी व्याधि मालूम पड़ती है, पर यदि चिकित्सा करने पर भी जल्दी ठीक न हो तो इसे मामूली नहीं समझना चाहिए, क्योंकि ऐसी खाँसी किसी अन्य व्याधि की सूचक होती है। आयुर्वेद ने खाँसी के 5 भेद बताए हैं अर्थात वातज, पित्तज, कफज ये तीन और क्षतज व क्षयज से मिलाकर 5 प्रकार के रोग मनुष्यों को होते हैं।

चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख

चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख

गीत स्वयं की अनुभूति है, स्वयं को जानने की शक्ति है एवं एक सौन्दर्यपूर्ण ध्वनि कल्पना है जिसका सृजन करने केलिए एक ऐसे अनुशासन की सीमा को ज्ञात करना है, जिसकी सीमा में रहते हुए भी असीम कल्पना करने का अवकाश है। मनुष्य अनुशासन की परिधि में रहकर संगीत को प्रकट करता है, किन्तु प्रत्येक व्यक्ति के विचार, संवेदना, बुद्धिमता एवं कल्पना में विविधता होने के कारण प्रस्तुति में भी विविधता अवश्य होती है। इसी प्रकार देश एवं काल क्रमानुसार संगीत के मूल तत्व समाज में उनके प्रयोग और प्रस्तुतिकरण की शैलियों में परिवर्तन होना स्वाभाविक है। संगीत कला में भी प्रत्येक गुण की राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक अवस्थाओं

संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

संगीत के मोहन-सुर संगीत की मादकता जीव जगत पर जो प्रभाव पड़ता है, वह किसी से छिपा नहीं है। संगीत की स्वरलहरी पर मुग्ध होकर हिरन का व्याध के बाण से विद्ध होना, महाविषधर भुजंग का सपेरे के वशवर्ती होना हम बहुत दिनों से सुनते आ रहे हैं। किन्तु वर्तमान युग में संगीत के प्रभाव से मनुष्य की व्याधियों का उपचार करने का प्रयोग भी होने लगा है। एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जबकि विज्ञान चिकित्सा अपने रोगियों के लिए मिक्सचर, पिल या पाउडर की व्यवस्था न करके दिन-रात में उसके लिए दो-तीन बार संगीत श्रवण का व्यवस्था पत्र देंगे।

नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

कई माता पिता को संगीत के लाभों के बारे में सुना है नवजात शिशुओं पर संगीत की

प्रभाव।विभिन्न धुनों, यहां तक कि आज के आधार पर, टुकड़ों नवजात शिशुओं पर एक लाभदायक प्रभाव हो सकता है जो चिकित्सा के विशेष पाठ्यक्रम, देखते हैं।अलग अलग धुन की रिकॉर्डिंग के साथ एक एमपी 3 प्लेयर के रूप में भी इस तरह के एक सरल उपकरण का उपयोग कर
बच्चे के भावनात्मक विकास और उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।लेकिन हर धुन एक सकारात्मक प्रभाव का उत्पादन करने में सक्षम है, तो यह इसे सही ढंग से चयन करने के लिए महत्वपूर्ण है।टुकड़ों का चयन करने के लिए संगीत का

Pages

राग परिचय

राग परिचय
Total views Views today
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 2,801 35
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 19 17
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,152 12
रागों के प्रकार 824 10
रागों मे जातियां 1,233 10
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 1,633 9
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 761 9
राग बहार 366 9
राग रागिनी पद्धति 987 9
राग दरबारी कान्हड़ा 660 8
वादी - संवादी 476 8
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 688 7
आविर्भाव-तिरोभाव 466 7
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 239 7
शुद्ध स्वर 576 6
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 1,147 6
राग यमन (कल्याण) 485 5
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 702 5
स्वर (संगीत) 447 5
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 451 5
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 918 5
राग मुलतानी 283 4
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 371 4
राग भूपाली 600 4
षड्जग्राम-तान बोधिनी 26 4
स्वर मालिका तथा लिपि 315 4
स्वर मालिका तथा लिपि 663 4
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 183 4
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 217 4
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 155 3
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 223 3
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 430 2
राग- गौड़ सारंग 134 2
राग ललित! 591 2
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 210 1
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 335 1
शास्त्रीय नृत्य
Total views Views today
भारतीय नृत्य कला 490 18
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 199 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 144 0
माइक्रोफोन का कार्य 171 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
Total views Views today
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 1,340 12
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 575 12
हारमोनियम के गुण और दोष 1,436 10
संगीत का विकास और प्रसार 613 10
संगीत शास्त्र परिचय 1,698 9
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 619 8
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 496 6
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 448 5
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 905 5
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 273 4
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 549 4
भारतीय संगीत 283 3
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 234 3
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 255 3
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 426 3
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 121 2
रागों का सृजन 270 2
स्वरों का महत्त्व क्या है? 248 2
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 365 2
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 607 2
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 185 2
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 221 2
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 198 2
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 322 1
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 314 1
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 38 1
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 85 1
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 250 0
संगीत और हमारा जीवन
Total views Views today
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 573 12
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 484 7
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 348 6
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 365 5
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 364 5
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 434 5
शास्त्रीय संगीत और योग 407 4
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 766 4
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 287 4
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 259 4
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 278 4
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 240 4
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 573 3
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 478 3
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 475 3
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 113 3
माइक्रोफोन के प्रकार : 331 3
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 264 3
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 216 2
गुरु की परिभाषा 694 2
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 346 2
गायकी और गले का रख-रखाव 217 2
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 323 1
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 106 1
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 251 1
भारतीय कलाएँ 268 1
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 492 1
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 368 1
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 194 1
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 271 1
माइक्रोफोन की हानि : 197 1
कंठध्वनि 181 1
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 341 0
टांसिल होने पर 247 0
नई स्वरयंत्र की सूजन 202 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
Total views Views today
भारत में संगीत शिक्षण 826 7
गुरु-शिष्य परम्परा 476 6
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 1,457 4
कैराना का किराना घराने से नाता 194 3
वीडियो
Total views Views today
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 315 5
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 311 5
राग यमन 187 4
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 196 2
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 171 1
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 252 1
मोरा सइयां 160 1
कर्ण स्वर 202 1
वंदेमातरम् 126 1
स्वर परिचय
Total views Views today
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 27 4
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 22 4
संगीत के स्वर 131 4
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 97 4
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 49 2
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 40 2
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 78 2
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 60 1
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 70 1
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 29 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 19 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
Total views Views today
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 88 3
रचन: श्री वल्लभाचार्य 311 2
अकबर और तानसेन 370 2
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 282 2
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 296 2
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 452 2
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 301 1
बैजू बावरा 300 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 90 0
सिलेबस
Total views Views today
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 179 1
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 142 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 116 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 162 0