संगीत और हमारा जीवन

संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

संगीत के मोहन-सुर संगीत की मादकता जीव जगत पर जो प्रभाव पड़ता है, वह किसी से छिपा नहीं है। संगीत की स्वरलहरी पर मुग्ध होकर हिरन का व्याध के बाण से विद्ध होना, महाविषधर भुजंग का सपेरे के वशवर्ती होना हम बहुत दिनों से सुनते आ रहे हैं। किन्तु वर्तमान युग में संगीत के प्रभाव से मनुष्य की व्याधियों का उपचार करने का प्रयोग भी होने लगा है। एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जबकि विज्ञान चिकित्सा अपने रोगियों के लिए मिक्सचर, पिल या पाउडर की व्यवस्था न करके दिन-रात में उसके लिए दो-तीन बार संगीत श्रवण का व्यवस्था पत्र देंगे।

नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

कई माता पिता को संगीत के लाभों के बारे में सुना है नवजात शिशुओं पर संगीत की

प्रभाव।विभिन्न धुनों, यहां तक कि आज के आधार पर, टुकड़ों नवजात शिशुओं पर एक लाभदायक प्रभाव हो सकता है जो चिकित्सा के विशेष पाठ्यक्रम, देखते हैं।अलग अलग धुन की रिकॉर्डिंग के साथ एक एमपी 3 प्लेयर के रूप में भी इस तरह के एक सरल उपकरण का उपयोग कर
बच्चे के भावनात्मक विकास और उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।लेकिन हर धुन एक सकारात्मक प्रभाव का उत्पादन करने में सक्षम है, तो यह इसे सही ढंग से चयन करने के लिए महत्वपूर्ण है।टुकड़ों का चयन करने के लिए संगीत का

कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार

कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार

आपका व्‍यक्तित्‍व कई चीजों से मिलकर बनता है. और इस सबमें अहम किरदार निभाती है आवाज. मधुर आवाज खुद-ब-खुद आपको खींच लेती है अपनी ओर. आप चाहकर भी उससे अपना ध्यान नहीं हटा पाते. आपकी नजरें उस आवाज के मालिक को तलाशने लगती हैं. चाह होती है, तो बस उसके दीदार की, जिसने आपके कदमों को बांध लिया है किसी मीठी जंजीर की तरह.
कई बार हमें ऐसे लोग मिल जाते हैं, जिनकी वाणी हमें किसी मोहपाश की तरह जकड़ लेती है. और शायद यही वजह है कि हम उनकी बातों ज्‍यादा तवज्जो देते हैं. ये उनकी आवाज का जादू नहीं, तो फिर और क्या है.

संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव

संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव

रेडियो तरंगों की तरह संगीत की भी शक्तिशाली तरंगें होती हैं। वे अपने प्रभाव क्षेत्र को प्रभावित करती हैं। उनसे वातावरण अनुप्राणित होता है। पदार्थों में हलचल मचती है और प्राणियों की मनोदशा पर उसका अनोखा प्रभाव पड़ता है। प्राणियों में मनुष्य की बौद्धिक एवं संवेदनात्मक क्षमता अन्य प्राणियों से विशिष्ट है। इसलिए संगीत का उस पर असाधारण प्रभाव पड़ता है। यों भाव संवेदना प्राणि मात्र पर पड़ती है। वे अपने सामान्य क्रिया कलाप रोक कर वादन ध्वनि के साथ लहराने लगते हैं। उनमें शब्द ज्ञान तो होता नहीं इसलिए गायनों का अर्थ समझने में असमर्थ रहने पर भी वे गीतों के साथ जुड़े हुए भाव संचार को ग्रहण करते और उससे

रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज

भारतीय संस्कृति को अपनी परम्पराओं, विशालता, जीवन्तता के कारण सर्वत्र सराहा गया है व विश्वभर में विद्यमान संस्कृतियों में श्रेष्ठतम माना गया है । भारतीय संस्कृति ने प्राचीन काल से ही विदेशियों को प्रभावित किया है । भारतीय चिन्तन के अनुसार भारतीय सभ्यता व संस्कृति की संवाहक हैं कलाएं । जीवन में सकारात्मक प्रवृत्ति, उल्लास व उत्साह भरने के लिए कलाएं मनुष्य को सदैव प्रेरित करती आई हैं जिनमें से सबसे उत्कृष्ट ललित कलाओं को माना गया है । इन ललित कलाओं में संगीत का स्थान सर्वोपरि है । संगीत एक ऐसी विधा है जो मानव चित्त पर विशेष व अमिट छाप छोड़ती है । भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व के अन्य देशों क

कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं

आप जब गाते हों तो हो सकता है की आपको लगता हो की बहुत अच्छा गाना गाते हैं लेकिन यह कैसे पता चले की आप सच में एक अच्छे गायक हैं । अगर आप अपनी आवाज़ को अच्छे से जांचना चाहते हों तो ऐसा आप कर सकते हैं । इसके लिए आपको बस अपने आप को ध्यान से सुनने की ज़रुरत है और औरों से अपनी आवाज़ के बारे में सुझाव लेना ज़रूरी है

भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर

भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर

पाश्चात्य संगीत की थ्योरी के जनक का श्रेय यूनानी दार्शनिक अरस्तु को जाता है जो ईसा से 300 वर्ष पूर्व हुये थे। अब पिछले कई वर्षों से पाश्चात्य संगीतज्ञ्य भारतीय संगीत की परम्पराओं में दिलचस्पी ले रहे हैं। 22 श्रुतियों के भारतीय सप्तक को उन्हों नें 24 अणु स्वरों (माईक्रोटोन्स) में बाँटने की कोशिश भी करी है। वास्तव में उन्हों ने अपने 12 सेमीटोन्स को दुगुणा कर दिया है। उस के लिये ऐक नया ‘की-बोर्ड’ (पियानो की तरह का वाद्य) बनाया गया था जिस में ऐक सफेद और ऐक काला परदा (की) जोडा गया था परन्तु वह प्रयोग सफल नहीं हुआ। इस की तुलना में भारत के उच्च कोटि के वादक और गायक 22 श्रुतियों का सक्ष्मता के साथ

माइक्रोफोन की हानि :

माइक्रोफोन

माइक्रोफोन की हानि :

- माइक्रोफोन की आवाज की गुणवत्ता उतनी अच्छी नही होती.

- जब भी हम माइक्रोफोन में कुछ बोलते है तो उसके आसपास की हलचल भी माइक्रोफोन की आवाज की गुणवत्ता को कम करती है.

- बिना तार पर काम करने वाले माइक्रोफोन में बैटरी का इस्तेमाल होता है जो सिर्फ एक निर्धारित समय तक ही काम करती है.

- इनकी कीमत इनकी गुणवत्ता पर आधारित होती है. अगर आप अच्छी कीमत का माइक्रोफोन खरीदते हो तभी आपको आवाज़ की अच्छी गुणवत्ता मिलती है.

 

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राग परिचय

भारतीय शास्त्रीय संगीत
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भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,333 8
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,646 5
हारमोनियम के गुण और दोष 2,785 4
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 750 2
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 952 2
भारतीय संगीत 523 2
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 293 1
रागों का सृजन 503 1
संगीत शास्त्र परिचय 2,601 1
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 711 1
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 440 1
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 560 1
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 412 1
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 736 1
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 615 1
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 326 1
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,114 1
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 527 1
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 398 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 474 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 811 0
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 673 0
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,191 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,426 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,236 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 222 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 382 0
संगीत का विकास और प्रसार 1,028 0
राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 6,942 6
राग मुलतानी 521 3
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,440 3
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,789 3
रागों के प्रकार 2,386 3
राग भूपाली 1,514 3
आविर्भाव-तिरोभाव 1,082 3
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 983 3
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 1,325 3
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 2,113 3
राग यमन (कल्याण) 1,334 2
रागों का विभाजन 329 2
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,119 2
राग बहार 770 2
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 441 2
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,097 2
वादी - संवादी 1,101 2
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 668 2
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 95 1
रागों मे जातियां 2,053 1
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,989 1
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,244 1
शुद्ध स्वर 1,297 1
राग- गौड़ सारंग 312 1
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 389 1
स्वर मालिका तथा लिपि 839 1
स्वर मालिका तथा लिपि 1,279 1
राग ललित! 1,082 1
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 676 1
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 807 0
राग रागिनी पद्धति 1,699 0
षड्जग्राम-तान बोधिनी 184 0
राग दरबारी कान्हड़ा 1,296 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 180 0
स्वर (संगीत) 853 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 568 0
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 555 0
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,510 0
टप्पा गायन : एक परिचय 137 0
स्वर परिचय
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संगीत के स्वर 448 4
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 198 1
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 174 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 179 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 151 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 212 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 183 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 245 0
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 239 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 208 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 183 0
संगीत और हमारा जीवन
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गुरु की परिभाषा 1,880 3
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 1,173 2
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 735 2
माइक्रोफोन के प्रकार : 676 2
गायकी और गले का रख-रखाव 574 2
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 607 2
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 517 1
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 558 1
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 778 1
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 792 1
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 554 1
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 811 1
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,277 1
नई स्वरयंत्र की सूजन 485 1
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 612 1
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 240 0
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 531 0
शास्त्रीय संगीत और योग 665 0
भारतीय कलाएँ 504 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,221 0
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 780 0
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,065 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 523 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 289 0
टांसिल होने पर 443 0
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 571 0
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 570 0
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 525 0
कंठध्वनि 443 0
माइक्रोफोन की हानि : 335 0
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 534 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 574 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 73 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 453 0
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 844 0
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,349 0
वीडियो
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राग भीमपलासी पर आधारित गीत 1,003 3
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 391 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 320 0
राग यमन 364 0
मोरा सइयां 262 0
कर्ण स्वर 339 0
वंदेमातरम् 252 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 267 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 533 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 3,479 2
भारत में संगीत शिक्षण 1,235 1
कैराना का किराना घराने से नाता 338 1
गुरु-शिष्य परम्परा 928 1
हमारे पूज्यनीय गुरु
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अकबर और तानसेन 631 2
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 577 1
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 556 1
रचन: श्री वल्लभाचार्य 733 1
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 517 0
बैजू बावरा 568 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 222 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 209 0
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 630 0
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 110 0
शास्त्रीय नृत्य
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भारतीय नृत्य कला 1,029 2
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 415 1
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 299 1
माइक्रोफोन का कार्य 349 1
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 141 0
सिलेबस
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सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 349 1
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 248 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 200 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 274 0