संगीत और हमारा जीवन

नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला)

स्वर यंत्र, गले के अंदर सूजन, श्वसनीशोथ के उपचार, कंठ रोग, गले के रोग का इलाज

नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला)

कारण :-

अधिक सर्दी लगना, पानी में अधिक भींगना, अधिक देर तक गाना गाना, गले में धूल का कण जमना, धुंआ मुंह में जाना, अधिक जोर से बोलना तथा अचानक मौसम परिवर्तन के कारण यह रोग होता है।

लक्षण :-

इस रोग में स्वरयंत्र की श्लैष्मिक झिल्ली फूल जाती है और उससे लसदार श्लेष्मा निकलने लगता है। गला कुटकुटाना और जलन होना, कड़ा श्लेष्मा निकलना, कुत्ते की तरह आवाज होना, सूखी खांसी आना, आवाज खराब होना या गला बैठ जाना, बुखार होना, प्यास अधिक लगना, भूख न लगना, सांस लेने में कष्ट होना आदि इस रोग के मुख्य लक्षण है।

क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर

मंच संचालन का तरीका, एंकरिंग टिप्स, एंकरिंग कैसे करे, पत्रकार बनने के लिए योग्यता

जब भी हम टीवी एंकर्स के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में जो नाम सबसे पहले आते हैं, उनमें शामिल हैं अमिताभ बच्चन, अर्चना पूरन सिंह, रक्षंदा खान, मंदिरा बेदी, शेखर सुमन, जावेद जाफरी, साजिद खान, सिमी ग्रेवाल, अमन वर्मा, मिनी माथुर, रागेश्वरी, रुबी भाटिया, तबस्सुम और इला अरुण. टीवी के इन तमाम एंकर्स की फेहरिस्त को गौर से देखें, तो एक बात सामने आती हैं कि टीवी एंकरिंग भी एक करियर के लिए एक अच्छा विकल्प है. मनोरंजन से भरपूर वर्तमान दौर में टेलीविजन रोजगार का बेहतर माध्यम बन गया है.

टांसिल होने पर

टांसिल होने पर

अनन्नास का जूस गर्म करके पियें। टांसिल के रोगी को अनन्नास के टुकड़े पर नींबू का रस निचोड़ कर खिलाना चाहिए, टॉसिल का रोग नष्ट हो जायेगा और पानी से कुल्ला करें, लाभ होगा। थोड़ी वेदना होगी, डरें नहीं। जिन लोगों को छाले होते रहते हैं वे खाने के बाद थोड़ी सौंफ लिया करें। छालें नहीं होंगे। देशी घी में कपूर मिलाकर नित्य चार बार लगायें और लार गिराऐं। फिर कुल्ला कर लें। पान में चना के बराबर कपूर का टुकडा रखकर चबाएं और पीक थूकते जाएं। ध्यान रहे पीक पेट में न जाए। मसूड़े फूलना, दर्द होना, टीस उठना आदि होने पर भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक समान भाग पीसकर, छानकर मसूडे पर रगड़ें और लार टपका

नई स्वरयंत्र की सूजन

श्वसनीशोथ के उपचार, स्वर यंत्र, गले के अंदर सूजन, ब्रोंकाइटिस के लिए स्थायी इलाज, श्वसनीशोथ के लक्षण, ब्रोंकाइटिस की दवा, कंठ रोग, ब्रोंकाइटिस उपचार

नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला)

कारण :-

अधिक सर्दी लगना, पानी में अधिक भींगना, अधिक देर तक गाना गाना, गले में धूल का कण जमना, धुंआ मुंह में जाना, अधिक जोर से बोलना तथा अचानक मौसम परिवर्तन के कारण यह रोग होता है।

लक्षण :-

इस रोग में स्वरयंत्र की श्लैष्मिक झिल्ली फूल जाती है और उससे लसदार श्लेष्मा निकलने लगता है। गला कुटकुटाना और जलन होना, कड़ा श्लेष्मा निकलना, कुत्ते की तरह आवाज होना, सूखी खांसी आना, आवाज खराब होना या गला बैठ जाना, बुखार होना, प्यास अधिक लगना, भूख न लगना, सांस लेने में कष्ट होना आदि इस रोग के मुख्य लक्षण है।

गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की

गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की

अक्सर ज्यादा धूम्रपान करने (बीड़ी, सिगरेट पीने से), शराब पीने, खाने में ठंडी चीजे खाने से, ठंडी चीजों के खाने के बाद तुरंत ही गर्म चीजें खाने से, पेट में बहुत ज्यादा कब्ज रहने से, कच्चे फल खाने या फिर नाक तथा गला खराब करने वाली चीजों को सूंघने से, अम्लीय (खट्टे) चीजों को खाने से या ज्यादा देर तक बातें करने के कारण गले में खराबी आ जाती है जिससे गले में सूजन, दर्द, खुश्की तथा थूक निगलने में परेशानी या गला बैठ जाना आदि रोग पैदा हो जाते हैं।

लक्षण

वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है।

संगीत के तत्व, जीवन में संगीत का महत्व, संगीत का प्रभाव निबंध, संगीत द्वारा विभिन्न बीमारियों का इलाज, भारतीय संगीत में कुल कितने स्वर शुद्ध एवं विकृत होते हैं, संगीत और जीवन, दोपहर के राग, संगीत आणि आरोग्य

प्राचीन काल से ही संगीत को बारंबार चिकित्सीय कारक के रूप में उपयोग में लाया जाता रहा है। भारत में संगीत, मधुर ध्वनि के माध्यम से एक योग प्रणाली की तरह है, जो मानव जीव पर कार्य करती है तथा आत्मज्ञान की हद के लिए उनके उचित कार्यों को जागृत तथा विकसित करती हैं, जोकि हिंदू दर्शन और धर्म का अंतिम लक्ष्य है। मधुर लय भारतीय संगीत का प्रधान तत्व है।'राग' का आधार मधुर लय है। विभिन्न'राग' केन्द्रीय तंत्रिका प्रणाली से संबंधित अनेक रोगों के इलाज में प्रभावी पाए गए हैं। चिकित्सा के रूप में संगीत के प्रयोग करने से पहले यह अवश्य पता करना चाहिए कि किस प्रकार के संगीत का उपयोग हो.

कंठध्वनि

स्वर (Voice) या कंठध्वनि की उत्पत्ति उसी प्रकार के कंपनों से होती है जिस प्रकार वाद्ययंत्र से ध्वनि की उत्पत्ति होती है। अत: स्वरयंत्र और वाद्ययंत्र की रचना में भी कुछ समानता है। वायु के वेग से बजनेवाले वाद्ययंत्र के समकक्ष मनुष्य तथा अन्य स्तनधारी प्राणियों में निम्नलिखित अंग होते हैं :

1. कंपक (Vibrators) इसमें स्वर रज्जुएँ (Vocal cords)Clone भी सम्मिलित हैं।

2. अनुनादक अवयव (resonators) इसमें निम्नलिखित अंग सम्मिलित हैं :

क. नासा ग्रसनी (nasopharynx), ख. ग्रसनी (pharynx),

पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य

चरण स्पर्श का महत्व, पैर छूने के फायदे

पैर छूने से ऊर्जा का संचार होता है
भारतीय सभ्यता और संस्कृति बहुत प्राचीन हैं | ऋषि मुनियों द्वारा स्थापित इस संस्कृति का आधार गूढ़ वैज्ञानिक रहस्य है | इन ऋषियों ने काफी शोध के बाद हमारी सभ्यता और संस्कृति के लिए कुछ नियम बनाएं हैं और उन्हें शास्त्रों में संजों के रखा है | ऐसा ही एक नियम है भारतीय सभ्यता में "पैर छूना " जो सिर्फ एक अभिवादन और आदर करने का तरीका नहीं है बल्कि उसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी काम करता है | हम सिर्फ पैर ही क्योंछूते हैं ? शरीर का कोई और हिस्सा जैसे पेट, पीठ और टांग छू कर आशीर्वाद क्यों नहीं लेते ? क्यूंकि इसके पीछे भी एक तार्किक वैज्ञानिक कारण है |

Pages

आप भी अपने लेख फिज़िका माइंड वेबसाइट पर प्रकाशित कर सकते है|

आप अपने लेख WhatsApp No 7454046894 पर भेज सकते है जो की पूरी तरह से निःशुल्क है | आप 1000 रु (वार्षिक )शुल्क जमा करके भी वेबसाइट के साधारण सदस्य बन सकते है और अपने लेख खुद ही प्रकाशित कर सकते है | शुल्क जमा करने के लिए भी WhatsApp No पर संपर्क करे. या हमें फ़ोन काल करें 7454046894

 

 

 

राग परिचय

राग परिचय
Total views Views today
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 4,942 36
स्वर मालिका तथा लिपि 547 15
रागों के प्रकार 1,620 11
राग यमन (कल्याण) 991 10
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,192 9
शुद्ध स्वर 916 6
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 1,469 6
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 729 4
रागों मे जातियां 1,702 4
राग भूपाली 1,116 4
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,654 4
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 724 4
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,260 3
राग दरबारी कान्हड़ा 1,038 2
स्वर मालिका तथा लिपि 1,032 2
आविर्भाव-तिरोभाव 778 2
राग ललित! 865 2
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 1,717 2
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 747 2
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,209 2
रागों का विभाजन 225 1
राग बहार 575 1
षड्जग्राम-तान बोधिनी 137 1
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 333 1
राग- गौड़ सारंग 227 1
स्वर (संगीत) 670 1
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 379 1
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 430 1
राग मुलतानी 401 0
राग रागिनी पद्धति 1,369 0
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 999 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 126 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 284 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 424 0
वादी - संवादी 782 0
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 511 0
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 632 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
Total views Views today
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 2,817 10
भारत में संगीत शिक्षण 1,068 3
कैराना का किराना घराने से नाता 273 1
गुरु-शिष्य परम्परा 689 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत
Total views Views today
संगीत शास्त्र परिचय 2,225 7
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,200 7
हारमोनियम के गुण और दोष 2,258 6
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 589 6
संगीत का विकास और प्रसार 853 6
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 758 6
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,046 5
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,025 4
रागों का सृजन 406 3
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 958 3
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 894 3
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 554 2
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 542 2
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 266 2
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 822 2
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 459 1
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 654 1
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 154 1
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 443 1
भारतीय संगीत 424 1
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 208 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 316 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 367 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 338 0
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 398 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 301 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 268 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 393 0
संगीत और हमारा जीवन
Total views Views today
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 736 7
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 331 5
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 846 4
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 535 4
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 341 4
गुरु की परिभाषा 1,148 3
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 427 2
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 859 2
टांसिल होने पर 353 2
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 430 2
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 400 2
माइक्रोफोन के प्रकार : 511 2
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 461 2
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 499 2
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 342 2
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 236 1
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 400 1
कंठध्वनि 311 1
गायकी और गले का रख-रखाव 351 1
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 982 1
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 199 1
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 591 1
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 644 0
शास्त्रीय संगीत और योग 540 0
भारतीय कलाएँ 413 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,025 0
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 630 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 654 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 454 0
माइक्रोफोन की हानि : 270 0
नई स्वरयंत्र की सूजन 331 0
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 702 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 527 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 436 0
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 384 0
स्वर परिचय
Total views Views today
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 139 4
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 150 3
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 135 2
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 177 1
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 129 1
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 112 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 85 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 163 0
संगीत के स्वर 264 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 154 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 141 0
वीडियो
Total views Views today
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 677 2
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 422 1
राग यमन 270 0
मोरा सइयां 217 0
कर्ण स्वर 272 0
वंदेमातरम् 193 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 224 0
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 323 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 261 0
शास्त्रीय नृत्य
Total views Views today
भारतीय नृत्य कला 773 2
माइक्रोफोन का कार्य 259 2
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 294 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 224 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
Total views Views today
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 438 2
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 553 2
रचन: श्री वल्लभाचार्य 515 2
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 386 1
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 144 1
अकबर और तानसेन 511 0
बैजू बावरा 434 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 154 0
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 403 0
सिलेबस
Total views Views today
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 162 1
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 263 0
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 201 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 220 0