संगीत संबंधी कुछ परिभाषा

संगीत संबंधी कुछ परिभाषा

संगीत- बोलचाल की भाषा में सिर्फ़ गायन को ही संगीत समझा जाता है मगर संगीत की भाषा में गायन, वादन व नृत्य तीनों के समुह को संगीत कहते हैं। संगीत वो ललित कला है जिसमें स्वर और लय के द्वारा हम अपने भावों को प्रकट करते हैं। कला की श्रेणी में ५ ललित कलायें आती हैं- संगीत, कविता, चित्रकला, मूर्तिकला और वास्तुकला। इन ललित कलाओं में संगीत को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

संगीत पद्धतियाँ- भारतवर्ष में मुख्य दो प्रकार का संगीत प्रचार में है जिन्हें संगीत पद्धति कहते हैं। उत्तरी संगीत पद्धति व दक्षिणी संगीत पद्धति । ये दोनों पद्धतियाँ एक दूसरे से अलग ज़रूर हैं मगर कुछ बातें दोनों में समान रूप से पायी जाती हैं।

ध्वनि- वो कुछ जो हम सुनते हैं वो ध्वनि है मगर संगीत का संबंध केवल उस ध्वनि से है जो मधुर है और कर्णप्रिय है। ध्वनि की उत्पत्ति कंपन से होती है। संगीत में कंपन (वाइब्रेशन) को आंदोलन कहते हैं। किसी वाद्य के तार को छेड़ने पर तार पहले ऊपर जाकर अपने स्थान पर आता है और फिर नीचे जाकर अपने स्थान पर आता है। इस प्रकार एक आंदोलन पूरा होता है। एक सेकंड मॆं तार जितनी बार आंदोलित होता है, उसकी आंदोलन संख्या उतनी मानी जाती है। जब किसी ध्वनि की आंदोलन एक गति में रहती है तो उसे नियमित और जब आंदोलन एक रफ़्तार में नहीं रहती तो उसे अनियमित आंदोलन कहते हैं। इस तरह जब किसी ध्वनि की अंदोलन कुछ देर तक चलती रहती है तो उसे स्थिर आंदोलन और जब वो जल्द ही समाप्त हो जाती है तो उसे अस्थिर आंदोलन कहते हैं।

नाद- संगीत में उपयोग किये जाने वाली मधुर ध्वनि को नाद कहते हैं। अगर ध्वनि को धीरे से उत्पन्न किया जाये तो उसे छोटा नाद और ज़ोर से उत्पन्न किया जाये तो उसे बड़ा नाद कहते हैं।

श्रुति- एक सप्तक (सात स्वरों का समुह) में सा से नि तक असंख्य नाद हो सकते हैं। मगर संगीतज्ञों का मानना है कि इन सभी नादों में से सिर्फ़ २२ ही संगीत में प्रयोग किये जा सकते हैं, जिन्हें ठीक से पहचाना जा सकता है। इन बाइस नादों को श्रुति कहते हैं।

स्वर- २२ श्रुतियों में से मुख्य बारह श्रुतियों को स्वर कहते हैं। इन स्वरों के नाम हैं - सा(षडज), रे(ऋषभ), ग(गंधार), म(मध्यम), प(पंचम), ध(धैवत), नि(निषाद) अर्थात सा, रे, ग, म, प ध, नि स्वरों के दो प्रकार हैं- शुद्ध स्वर और विकृत स्वर। बारह स्वरों में से सात मुख्य स्वरों को शुद्ध स्वर कहते हैं अर्थात इन स्वरों को एक निश्चित स्थान दिया गया है और वो उस स्थान पर शुद्ध कहलाते हैं। इनमें से ५ स्वर ऐसे हैं जो शुद्ध भी हो सकते हैं और विकृत भी अर्थात शुद्ध स्वर अपने निश्चित स्थान से हट कर थोड़ा सा उतर जायें या चढ़ जायें तो वो विकृत हो जाते हैं। उदाहरणार्थ- अगर शुद्ध ग आठवीं श्रुति पर है और वो सातवीं श्रुति पर आ जाये और वैसे ही गाया बजाया जाये तो उसे विकृत ग कहेंगे। जब कोई स्वर अपनी शुद्ध प्रकार से नीचे होता है तो उसे कोमल विकृत और जब अपने निश्चित स्थान से ऊपर हट जाये और गाया जाये तो उसे तीव्र कहते हैं। सा और प अचल स्वर हैं जिनके सिर्फ़ शुद्ध रूप ही हो सकते हैं।

सप्तक- क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समुह को सप्तक कहते हैं। ये सात स्वर हैं- सा, रे, ग, म, प, ध, नि । जैसे-जैसे हम सा से ऊपर चढ़ते जाते हैं, इन स्वरों की आंदोलन संख्या बढ़ती जाती है। 'प' की अंदोलन संख्या 'सा' से डेढ़ गुनी ज़्यादा होती है। 'सा' से 'नि' तक एक सप्तक होता है, 'नि' के बाद दूसरा सप्तक शुरु हो जाता है जो कि 'सा' से ही शुरु होगा मगर इस सप्तक के 'सा' की आंदोलन संख्या पिछले सप्तक के 'सा' से दुगुनी होगी। इस तरह कई सप्तक हो सकते हैं मगर गाने बजाने में तीन सप्तकों का प्रयोग करते हैं।
१) मन्द्र २) मध्य ३) तार । संगीतज्ञ साधारणत: मध्य सप्तक में गाता बजाता है और इस सप्तक के स्वरों का प्रयोग सबसे ज़्यादा करता है। मध्य सप्तक के पहले का सप्तक मंद्र और मध्य सप्तक के बाद आने वाला सप्तक तार सप्तककहलाता है।

 

 

 

Vote: 
Average: 4 (1 vote)
Rag content type: 

राग परिचय

राग परिचय
Total views Views today
शुद्ध स्वर 1,280 1
राग दरबारी कान्हड़ा 1,285 0
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 177 0
राग- गौड़ सारंग 304 0
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 381 0
स्वर (संगीत) 840 0
स्वर मालिका तथा लिपि 822 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 563 0
स्वर मालिका तथा लिपि 1,268 0
आविर्भाव-तिरोभाव 1,051 0
राग ललित! 1,075 0
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 2,084 0
वादी - संवादी 1,081 0
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 968 0
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 548 0
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 1,302 0
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 2,075 0
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 665 0
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 657 0
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,490 0
टप्पा गायन : एक परिचय 131 0
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 799 0
‘राग’ शब्द संस्कृत की धातु 'रंज' से बना है 84 0
राग मुलतानी 513 0
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,419 0
राग यमन (कल्याण) 1,318 0
रागों का विभाजन 324 0
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 1,103 0
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,754 0
राग बहार 759 0
रागों के प्रकार 2,352 0
रागों मे जातियां 2,039 0
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 1,235 0
राग रागिनी पद्धति 1,681 0
राग भूपाली 1,492 0
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,977 0
सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 6,858 0
षड्जग्राम-तान बोधिनी 182 0
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 434 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
Total views Views today
रचन: श्री वल्लभाचार्य 723 1
बैजू बावरा 563 0
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 571 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 218 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 206 0
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 547 0
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 628 0
अमवा महुअवा के झूमे डरिया 106 0
अकबर और तानसेन 623 0
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 512 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
Total views Views today
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 1,179 0
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,415 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 1,226 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,306 0
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 433 0
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 540 0
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 404 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 217 0
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 725 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 375 0
संगीत का विकास और प्रसार 1,019 0
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 603 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 322 0
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 935 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 1,095 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 520 0
भारतीय संगीत 513 0
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 289 0
रागों का सृजन 499 0
अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,612 0
हारमोनियम के गुण और दोष 2,742 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 390 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 460 0
संगीत शास्त्र परिचय 2,583 0
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 705 0
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 668 0
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 731 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 798 0
शास्त्रीय नृत्य
Total views Views today
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 405 0
भरत नाट्यम - तमिलनाडु 293 0
राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत 133 0
माइक्रोफोन का कार्य 342 0
भारतीय नृत्य कला 1,017 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
Total views Views today
कैराना का किराना घराने से नाता 330 0
गुरु-शिष्य परम्परा 915 0
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 3,453 0
भारत में संगीत शिक्षण 1,228 0
सिलेबस
Total views Views today
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 198 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 272 0
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 345 0
सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 246 0
संगीत और हमारा जीवन
Total views Views today
गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 1,265 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 282 0
टांसिल होने पर 436 0
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 722 0
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 568 0
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 559 0
क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 519 0
कंठध्वनि 437 0
माइक्रोफोन की हानि : 332 0
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 525 0
माइक्रोफोन के प्रकार : 668 0
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 570 0
नई स्वरयंत्र की सूजन 477 0
अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं 68 0
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 836 0
नई स्वरयंत्र की सूजन(मानव गला) 445 0
गायकी और गले का रख-रखाव 566 0
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 595 0
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज 609 0
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 1,333 0
Sounds magic ध्वनियों का इंद्रजाल 514 0
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 238 0
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 512 0
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 551 0
पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य 771 0
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 778 0
शास्त्रीय संगीत और योग 661 0
भारतीय कलाएँ 497 0
गुरु की परिभाषा 1,846 0
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,207 0
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 549 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 799 0
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 765 0
कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार 1,058 0
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 1,153 0
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 519 0
स्वर परिचय
Total views Views today
संगीत के स्वर 428 0
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 236 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 195 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 206 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 180 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 172 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 177 0
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 148 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 209 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 181 0
संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 241 0
वीडियो
Total views Views today
वंदेमातरम् 250 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 529 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 264 0
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 388 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 318 0
राग यमन 362 0
मोरा सइयां 260 0
राग भीमपलासी पर आधारित गीत 977 0
कर्ण स्वर 336 0