हमारे पूज्यनीय गुरु

रचन: श्री वल्लभाचार्य

शुद्धाद्वैतवाद का अर्थ, पुष्टिमार्ग की स्थापना, पुष्टिमार्गीय वैष्णव, सुबोधिनी टीका pdf, पुष्टिमार्ग दर्शन, पुष्टिमार्ग का जहाज, विट्ठलनाथ, द्वैताद्वैतवाद

रचन: श्री वल्लभाचार्य

अधरं मधुरं वदनं मधुरं
नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ १ ॥

वचनं मधुरं चरितं मधुरं
वसनं मधुरं वलितं मधुरम् ।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ २ ॥

वेणु-र्मधुरो रेणु-र्मधुरः
पाणि-र्मधुरः पादौ मधुरौ ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ ३ ॥

गीतं मधुरं पीतं मधुरं
भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम् ।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ ४ ॥

बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत

 बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत

चार दशकों तक अपने संगीत सागर में श्रोताओं को डुबकी लगवाने वाले बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत- दोनों जगह अपनी धाक जमाई।

ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान

ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान

देश की प्रसिद्ध ठुमरी गायिका गिरिजा देवी का आज कोलकाता में निधन हो गया। वो सेनिया और बनारस घराने से तुल्लुक रखती हैं। गिरिजा देवी शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत का गायन करतीं थीं। ठुमरी गायन को लोकप्रिय बनाने में इनका अहम योगदान रहा। गिरिजा देवी को सन 2016 में पद्म विभूषण एवं 1980 में भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।  

जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद'

दुनिया का कोई भी मंच हो, दिल्ली का सिरी फ़ोर्ट ऑडीटोरियम, लंदन का रॉयल अलबर्ट हॉल या फ़्रैंकफ़र्ट का मोत्सार्त हॉल या सिडनी का ऑपेरा हाउस, उस्ताद अमजद अली ख़ाँ ने अपने सरोद वादन से पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों को न सिर्फ़ मंत्रमुग्ध किया है, बल्कि उन्हें खड़े हो कर दाद देने के लिए मजबूर भी किया है.

अपने घराने और अपने पिता की तारीफ़ में तो हर कोई लिखता है लेकिन भारतीय संगीत के इन चुनिंदा नगीनों पर शायद ही किसी उस्ताद की नज़र गई है, और शायद यही वजह है कि अमजद अली ख़ाँ की किताब का नाम रखा गया है, 'मास्टर ऑन मास्टर्स.'

अमजद अली खां पर विवेचना में सुनिए-

तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय

तानसेन के गीत,  तानसेन संगीत

तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के एक महान ज्ञाता थे। उन्हे सम्राट अकबर के नवरत्नों में भी गिना जाता है

बैजू बावरा

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बैजू बावरा भारत के ध्रुपदगायक थे। उनको बैजनाथ प्रसाद और बैजनाथ मिश्र के नाम से भी जाना जाता है। वे ग्वालियर के राजा मानसिंह के दरबार के गायक थे और अकबर के दरबार के महान गायक तानसेन के समकालीन थे। उनके जीवन के बारे में बहुत सी किंवदन्तियाँ हैं जिनकी ऐतिहासिक रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है।

ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री,

ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, संगीतज्ञ एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार थे। उनका सम्बन्ध ग्वालियर घराने से था।

अकबर और तानसेन

अकबर और तानसेन

एक बार अकबर अपने दरबार में तानसेन द्वारा गायन सुन रहे थे गायन सुनने के पश्चात अकबर बोले, "तानसेन आपसे अच्छा भी कोई गायन करता है" तानसेन ने जवाब दिया, "जी महाराज, मेरे गुरुजी" अकबर ने कहा, "तानसेन जी के गुरु को दरबार में पेश किया जाए" तानसेन ने जवाब दिया, "महाराज गुरुजी यहां नहीं आ पाएंगे अगर आपको गायन सुनना है तो आपको गुरुजी के पास चलना होगा अकबर को थोड़ा बुरा लगा लेकिन वह गायन सुनने के शौकीन थे वह तानसेन के साथ उनके गुरु जी से मिलने चले गए" वहां पहुंचे तो देखागुरुजी समाधि में बैठे हुए थे अब गायन कैसे हो गा सवाल यह था कभी तानसेन जी आश्रम में बैठकर गलत गलत राग गाने लगे गलत बात सुनकर गुरु जी

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राग परिचय

राग परिचय
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सात स्वर, अलंकार सा, रे, ग, म, प ध, नि 4,891 35
शास्त्रीय संगीत में समय का महत्व 1,648 10
रागों के प्रकार 1,607 7
शुद्ध स्वर 908 4
स्वर मालिका तथा लिपि 1,025 4
रागो पर आधारित फ़िल्मी गीत 718 4
रागों का विभाजन 223 3
मध्यमग्राम-तान-बोधिनी 125 3
संगीत संबंधी कुछ परिभाषा 1,710 3
राग,पकड़,वर्ज्य स्वर,जाति,वादी स्वर,संवादी स्वर,अनुवादी स्वर,विवादी स्वर,आलाप,तान 377 3
रागांग वर्गीकरण पद्धति एवं प्रमुख रागांग 2,206 3
राग यमन (कल्याण) 978 2
सात स्वरों को ‘सप्तक’ कहा गया है 1,181 2
राग बहार 569 2
सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। 330 2
राग रागिनी पद्धति 1,368 2
राग भूपाली 1,110 2
राग दरबारी कान्हड़ा 1,036 2
आविर्भाव-तिरोभाव 774 2
राग ललित! 861 2
राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग 744 2
राग मारू बिहाग का संक्षिप्त परिचय- 1,256 1
षड्जग्राम-तान बोधिनी 136 1
रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय 283 1
राग- गौड़ सारंग 225 1
स्वर मालिका तथा लिपि 532 1
वादी - संवादी 781 1
नाद का शाब्दिक अर्थ है -१. शब्द, ध्वनि, आवाज। 508 1
थाट,थाट के लक्षण,थाटों की संख्या 1,459 1
स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ? 427 1
राग मुलतानी 397 1
सुर की समझ गायकी के लिए बहुत जरूरी है. 723 0
रागों मे जातियां 1,696 0
सुर-ताल के साथ गणित को समझना आसान 997 0
स्वर (संगीत) 667 0
कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है- 421 0
ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है 631 0
भारतीय शास्त्रीय संगीत
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अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत 2,035 12
निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद 818 8
'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है 539 6
हारमोनियम के गुण और दोष 2,251 4
ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे 1,190 4
षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है 551 3
संगीत शास्त्र परिचय 2,212 3
जानिए भारतीय संगीत के बारे में 954 3
भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी 1,019 3
रागों की उत्पत्ति ‘थाट’ से होती है। 264 3
हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति रागों पर आधारित है 582 3
भारतीय संगीत 422 3
गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी) 337 2
राग भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा हैं। 206 2
भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है 651 1
संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है 457 1
संगीत का विकास और प्रसार 845 1
रागों का सृजन 402 0
निबद्ध- अनिबद्ध गान: 315 0
स्वरों का महत्त्व क्या है? 365 0
तानपुरे अथवा सितार के खिचे हुये तार को आघात करने से तार कम्पन करता है 397 0
भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर 890 0
भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत। 152 0
नाद-साधन भी मोक्ष प्राप्ति का ऐक मार्ग है। 299 0
संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल 267 0
नाट्य-शास्त्र संगीत कला का प्राचीन विस्तरित ग्रंथ है 441 0
हिन्दुस्तानी संगीत प्रणाली में प्रचलित गायन के प्रकार 751 0
ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं 392 0
संगीत और हमारा जीवन
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गाने का रियाज़ करते समय साँस लेने के सही तरीका 837 8
नई स्वरयंत्र की सूजन 329 7
संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा 1,024 6
गुनगुनाइए गीत, याददाश्त रहेगी दुरुस्त 397 4
खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ? 529 3
टांसिल होने पर 349 3
भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज 383 3
गुरु की परिभाषा 1,141 3
रियाज़ कैसे करें 10 तरीके 727 2
गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष 454 2
संगीत के लिए हमारे जीवन में एक प्राकृतिक जगह है 325 2
गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की 427 2
संगीत सुनें और पाएं इन सात समस्याओं से छुटकारा 458 2
भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत 702 2
संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव 338 2
भारतीय कलाएँ 412 2
संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव 628 1
माइक्रोफोन के प्रकार : 507 1
गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ 980 1
वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। 495 1
अबुल फजल ने 22 नाड़ियों में सात स्वरों की व्याप्ति बताई जो इस प्रकार 198 1
नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव 642 1
कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं 423 0
चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख 653 0
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क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर 397 0
कंठध्वनि 309 0
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शास्त्रीय संगीत और योग 539 0
हिंदुस्तानी संगीत के घराने
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संगीत घराने और उनकी विशेषताएं 2,802 8
भारत में संगीत शिक्षण 1,065 1
कैराना का किराना घराने से नाता 271 0
गुरु-शिष्य परम्परा 685 0
वीडियो
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राग भीमपलासी पर आधारित गीत 674 3
नुसरत फतेह के द्वारा राग कलावती 322 1
मोरा सइयां 215 0
कर्ण स्वर 270 0
वंदेमातरम् 191 0
राग बागेश्री | पंडित जसराज जी 420 0
ब्रेथलेसऔर अरुनिकिरानी 222 0
द ब्यूटी ऑफ राग बिलासखानी तोड़ी 259 0
राग यमन 269 0
शास्त्रीय नृत्य
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भरत नाट्यम - तमिलनाडु 223 2
भारतीय नृत्य कला 770 1
नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं – 293 0
माइक्रोफोन का कार्य 256 0
हमारे पूज्यनीय गुरु
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अकबर और तानसेन 510 1
बैजू बावरा 434 1
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां 401 1
जब बेगम अख्तर ने कहा, 'बिस्मिल्लाह करो अमजद' 551 1
ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, 384 0
तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय 434 0
बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत 152 0
ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान 142 0
रचन: श्री वल्लभाचार्य 512 0
स्वर परिचय
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संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति 133 1
स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय 84 0
स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां 162 0
सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर 133 0
संगीत के स्वर 263 0
स्वर षड्ज का शास्त्रीय परिचय 174 0
स्वर ऋषभ का शास्त्रीय परिचय 147 0
स्वर गान्धार का शास्त्रीय परिचय 154 0
स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय 140 0
स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय 128 0
स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय 111 0
सिलेबस
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सिलेबस : मध्यमा महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 200 1
सिलेबस : प्रारंभिक महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 263 0
सिलेबस : सांगीत विनीत (मध्यमा पूर्व) महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 161 0
सिलेबस : उप विशारद महागुजरात गन्धर्व संगीत समिति 220 0