लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर या वृहद हैड्रॉन संघट्टक (अंग्रेज़ी: Large Hadron Collider; LHC के रूप में संक्षेपाक्षरित) विश्व का सबसे विशाल और शक्तिशाली कण त्वरक है। यह सर्न की महत्वाकांक्षी परियोजना है। यह जेनेवा के समीप फ़्रान्स और स्विट्ज़रलैण्ड की सीमा पर ज़मीन के नीचे स्थित है। इसकी रचना २७ किलोमीटर परिधि वाले एक छल्ले-नुमा सुरंग में हुई है, जिसे आम भाषा में लार्ड आफ द रिंग कहा जा रहा है। इसी सुरंग में इस त्वरक के चुम्बक, संसूचक (डिटेक्टर), बीम-लाइन एवं अन्य उपकरण लगे हैं। सुरंग के अन्दर दो बीम पाइपों में दो विपरीत दिशाओं से आ रही ७ TeV (टेरा एले़ट्रान वोल्ट्) की प्रोट्रॉन किरण-पुंजों (बीम) को आपस में संघट्ट (टक्कर) किया जायेगा जिससे वही स्थिति उत्पन्न की जायेगी जो ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के समय बिग बैंग के रूप में हुई थी। ग्यातव्य है कि ७ TeV उर्जा वाले प्रोटॉन का वेग प्रकाश के वेग के लगभग बराबर होता है। एल एच सी की सहायता से किये जाने वाले प्रयोगों का मुख्य उद्देश्य स्टैन्डर्ड मॉडेल की सीमाओं एवं वैधता की जाँच करना है। स्टैन्डर्ड मॉडेल इस समय कण-भौतिकी का सबसे आधुनिक सैद्धान्तिक व्याख्या या मॉडल है। 

विशिष्टताएं
एल एच सी के सामान्य विशिष्टताएं (पैरामीटर्स)
संघट्ट की उर्जा- 7 TeV
प्रवेश (इन्जेक्शन) उर्जा- 450 GeV
द्विध्रुव (Dipole) चुम्बक के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र (7 TeV पर)- 8.33 टेस्ला
प्रदीप्ति (Luminosity) - 1×1034 cm−2s−1
प्रोटॉन बीम धारा का मान- 0.56 अम्पीयर/A

विज्ञान के क्षेत्र

 विज्ञान के क्षेत्र

वाशिंगटन : साल 2014 3डी प्रिंटिंग और धूमकेतु पर उपग्रह के पदार्पण जैसी क्रांतिकारी खोजों का साल रहा और आने वाले साल में विज्ञान के क्षेत्र में महान आविष्कारों के होने की पूरी संभावना है.

विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिष्ठित शोध पत्रिका ‘नेचर’ के अनुसार, आने वाला साल भी नई खोजों वाला साबित होगा और साल की पहली बड़ी खबर मार्च में ब्रह्मांड की स्थापना का रहस्य खोजने के लिए चल रहे अभियान के तहत लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के दो वर्ष के बाद दोबारा शुरू होने के साथ मिल सकती है.