विटामिन डी टेस्ट

विटामिन डी के फ़ायदे

विटामिन डी के फ़ायदे

यूं तो इसे चमत्कारिक विटामिन कहा जाता है, मगर विटामिन डी का दूसरी बीमारियों से ताल्लुक़ पूरी तरह से साबित नहीं हो सका है.

सबसे बड़ा दावा ये किया जाता है कि विटामिन डी से हमारी रोगों से लड़ने की ताक़त बढ़ती है, बेहतर होती है.

लंदन में हुए एक रिसर्च ये पता चला है कि विटामिन डी से हमारी सांस की नली में होने वाले इन्फेक़्शन से बचाव होता है.

उम्र बढ़ने के साथ दस बीमारियां लग जाती हैं. माना जाता है कि विटामिन डी इस दौरान हमारे लिए मददगार होता है. Read More : विटामिन डी के फ़ायदे about विटामिन डी के फ़ायदे

विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी

विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी

ब्रिटेन में हर इंसान को रोज़ाना 10 माइक्रोग्राम विटामिन डी सप्लीमेंट की ज़रूरत बताई गई है. इसे सूरज की रोशनी से भी हासिल किया जा सकता है. लेकिन, किसी के शरीर में अगर विटामिन डी की भारी कमी है, तो वो सप्लीमेंट भी ले सकता है.

कनाडा और अमरीका में 15 माइक्रोग्राम विटामिन डी की ज़रूरत बताई गई है. अमरीका के ज़्यादातर दूध, ब्रेकफ़ास्ट, अनाजों, मार्जरीन, दही और संतरे के जूस में विटामिन डी मिलाकर बेचा जाता है. Read More : विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी about विटामिन डी की कितनी मात्रा ज़रूरी

सूरज की रोशनी कितनी कारगर

सूरज की रोशनी कितनी कारगर

अगर आप खुले हाथ बाहर वक़्त बिताते हैं, तो उन पर पड़ने वाली सूरज की रोशनी आपकी विटामिन डी की ज़रूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है, ख़ास तौर से मार्च से अक्तूबर के बीच.

जो लोग ऐसे माहौल को हासिल कर सकते हैं, सारा लेलैंड के मुताबिक़ उन्हें विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की ज़रूरत नहीं. लेकिन, जिन्हें इतनी भी सूरज की रोशनी नहीं मिलती, उन्हें विटामिन डी सप्लीमेंट लेना चाहिए.

कई रिसर्च से तो ये भी पता चला है कि ज़्यादा विटामिन डी सप्लीमेंट खाने से भी फ्रैक्चर का ख़तरा 20-30 फ़ीसदी बढ़ जाता है. ख़ास तौर से बुज़ुर्गों में. Read More : सूरज की रोशनी कितनी कारगर about सूरज की रोशनी कितनी कारगर

विटामिन डी सप्लीमेंट- कितना फ़ायदेमंद

विटामिन डी सप्लीमेंट- कितना फ़ायदेमंद

भले ही रिसर्च, विटामिन डी के बीमारियों और सेहत से संबंध को पक्के तौर पर साबित नहीं कर सकी हैं. पर, इस में कोई दो राय नहीं कि विटामिन डी हमारे लिए बहुत अहम है. हां, सूरज की रोशनी ज़्यादा ज़रूरी है, विटामिन डी सप्लीमेंट उतने कारगर नहीं हैं, जितना दावा किया जाता है.

जानकार कहते हैं कि जिनके शरीर में विटामिन डी की भारी कमी है, उन्हें तो सप्लीमेंट से फ़ायदा हो सकता है. मगर, एक सामान्य इंसान को अगर पर्याप्त सूरज की रोशनी मिलती रहे, तो उसे विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की ज़रूरत नहीं है. Read More : विटामिन डी सप्लीमेंट- कितना फ़ायदेमंद about विटामिन डी सप्लीमेंट- कितना फ़ायदेमंद

डिप्रेशन पर विटामिन डी का असर

डिप्रेशन पर विटामिन डी का असर

सूरज की रोशनी से बार-बार वाबस्ता होने से हमारा मूड बेहतर होता है. इसका ये निष्कर्ष निकाला जाता है कि विटामिन डी हमें डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है. लेकिन, डिप्रेशन का विटामिन डी से सीधा संबंध है, ये बात भी रिसर्च से पक्के तौर पर साबित नहीं हो सकी है.

असल में सेरोटिनिन नाम का पिगमेंट होता है, जिसका संबंध हमारे मूड से होता है, जो हमें सूरज की रोशनी से मिलता है. इसी तरह नींद को नियमित करने वाला पिगमेंट मेलाटोनिन भी हमें विटामिन डी के ज़रिए हासिल होता है. इन में से किसी की भी कमी हमारे अंदर डिप्रेशन वाले लक्षण पैदा करती है. Read More : डिप्रेशन पर विटामिन डी का असर about डिप्रेशन पर विटामिन डी का असर

हर बीमारी का ताल्लुक़ विटामिन डी से नहीं

विटामिन डी से नहीं

तमाम बीमारियों को विटामिन डी की कमी से जोड़ने की जो रिसर्च हैं, उन पर लगातार सवाल उठते रहे हैं.

न्यूज़ीलैंड की ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के इयान रीड ने इस बारे में काफ़ी पढ़ाई की है. रीड कहते हैं कि बीमार होने पर हम घर में रहते हैं. खुले में नहीं जाते. तो, हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है. शायद यही वजह है कि किसी भी बीमारी के बाद शरीर में विटामिन डी की कमी दिखती है. मगर ये सोच सही नहीं.

विटामिन डी से आंतों में कैल्शियम की तादाद सही रहती है. इससे आंतों का कैंसर होने की आशंका कम हो जाती है. Read More : हर बीमारी का ताल्लुक़ विटामिन डी से नहीं about हर बीमारी का ताल्लुक़ विटामिन डी से नहीं