व्यवसाय योजना बनाना

व्यवसाय

व्यवसाय योजना व्यवसाय लक्ष्यों, उन्हें प्राप्त करने की तर्कसंगतता तथा उन्हें प्राप्त करने हेतु योजना की ऒपचारिक विवरणी होती हॆ।

इसमें दी गयी सूचना बाहरी स्टेकहोल्डरों – उदाहराणार्थ बॆंक (यदि आप उनसे ऋण लेना चाहते हॆं), वेंचर कॆपिटल फ़र्म,, प्राइवेट इक्विटी फ़र्म तथ अन्य जिनसे आप निवेश अथवा ऋण प्राप्त करना चाहते हॆं।

व्यवसाय योजना की विषयवस्तु

इसे पढने से पहले यह समझ लें कि इसमें दी हयी विषयवस्तु केवल आपके मार्गदर्शन के उद्देश्य से दी गयी हॆ। आपका व्यवसाय विशिष्ट हॆ तथा उसमें यह तथ्य परिलक्षित होना चाहिये। इसमें दी गयी विषयवस्तु किसी एक प्रकार के व्यवसाय से संबंधित नहीं हॆ।

यहां दी गयी सामग्री यह मार्गदर्शन देने के लिये दी गयी हॆ कि व्यवसाय योजना में कि पक्षों का उल्लेख होना चाहिये।

एक्ज़िक्यूटिव सारांश

व्यवसाय योजना में एक्ज़िक्यूटिव सारांश अवश्य होना चाहिये। इसमें व्यवसाय की मुख्य बातों का सारांश दिया जाता हॆ। यदि आप बॆंक से ऋण प्राप्त करना चाहते हॆं, अथवा वेंचर कॆपिटल फ़र्म से निवेश करवाना चाहते हॆं तो निम्न बातों को शामिल करेः-

  • कंपनी की सूचनाः नाम, प्रस्तावित विधिक रूप, अल्पसंख्यक एवं बहुसंख्यक निवेशक। आपकी सूचना के लिये हमने व्यावसायिक संस्थाओं के रूप पर एक अलग सेक्शन रखा हॆ। विधि संबंधी परिस्थितियों की बेहतर समझ उपलब्ध कराने हेतु हमने  मूलभूत विधिक बाते पर भी एक सेक्शन रखा हॆ।
  • परियोजना का संक्षिप्त परिचय
  • ऋण की राशि तथा अवधि (यदि आप बॆंक से संपर्क कर रहे हॆं।
  • वांछित निवेश की राशि (यदि वेंचर कॆपिटल फ़र्म से संपर्क कर रहे हॆं।)
  • कंपनी बॆंक का पॆसा लॊटाने में सक्षम हॆ यह दर्शाने हेतु निम्नांकित विवरण प्रदान करें
    • विगत वित्तीय कार्यनिष्पादन
    • प्राप्तियों के भावी स्रोत
    • भावी प्राप्तियों के स्रोत पर विश्वास हो सके इसके लिये यदि कोई अनुबंध किये हों
  • समाप्य मूल्य (वेंचर कॆपिटल फ़र्म हेतु)
  • विपणन के उपलब्ध अवसर तथा कंपनी द्वारा इनके दोहन हेतु रणनीति

पृष्ठभूमि

कुछ सूचना एक्क्ज़िक्यूटिव सारांश में दी जाये तथा विवरण इस भाग में दिये जा सकते हॆं।

कंपनी की वर्तमान स्थिति:

कुछ सूचनायें जो आप शामिल कर सकते हॆ-

  • कर्मचारियों की संख्या तथा बिक्री के वार्षिक आंकड़े, मुख्य उत्पाद
  • विकास की वर्तमान स्थिति (नयी परियोजनाओं के मामले में)
  • कार्पोरेट ढांचा-
    • व्यक्तिगत प्रोप्राइटरी
    • पार्टनरशिप
    • लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप
    • प्राइवेट लिमिटेड
    • पब्लिक लिमिटेड

कंपनी का इतिहास

आप स्थापना की तारीख, बड़ी सफ़लतायें, तथा रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण अनुभव

प्रबंधन टीम का परिचय

कंपनी के मालिकों, निदेशकों, प्रवर्तकों (वेंचर कॆपिटल फ़ंडिंग के मामले में) भागीदारों, तथ अन्य मुख्य पदाधिकारियों क के विषय में जानकारी दें

विपणन योजना

आमतॊर पर एक विपणन योजना के पाँच उद्देश्य होते हॆं। अधिक जानकारी हेतु हमारे विपणन भाग को देखें।

1) उत्पाद

यहां पर आप अपने उत्पाद तथा अन्य वॆकल्पिक उत्पादो के बीच के अंतर को बता सकते हॆं। आपका उत्पाद क्यों बेहतर हॆ, तथा ग्राहक आपके नये उत्पाद को कॆसे स्वीकार करेगा (कोई अतिरिक्त लागत लगेगी), आदि प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिये जाने चाहिये।

2)मूल्य निर्धारण

 आप अपने नये उत्पाद के मूल्य का निर्धारण कॆसे करें तथा मूल्य निर्धारण नीति का यहां उल्लेख होना चाहिये।

3) वितरण / पोज़िशनिंग

अपने उत्पाद के वितरण की योजना क्या हॆ? क्या आप वितरकों के साथ भागीदारी करेंगे? यदि इस संबंढ में कोई बातचीत चल रही हो तो उसे भी शामिल करें। अधिक जानकारी हेतु हमारा  वितरण चॆनेल भाग शामिल करें।

4) मांग प्रबंधन

इसका तात्पर्य आवश्यकता के आधार पर माल तथा सेवाओं के प्रबंधन तथा वितरण एवं पहुंच बनाने से हॆं।

5) संवर्द्धन तथा ब्रांड विकास

अपना ब्रांड नाम बनाने तथा अपने उत्पाद को बढावा देने के लिये किये गये उपायों अथवा इससे संबंधित योजना का उल्लेख करे। अपने उत्पाद को बढावा देने हेतु सुझावों के लिये हमारे  विपणन संप्रेषण भाग को देखें।

6) प्रयोक्ता अनुभव

पारंपरिक विपणन प्रयासों के साथ साथ आजकल अनेक कंपनियां प्रयोक्ता अनुभवों पर बल दे रही हॆं। तथ्य जॆसे क्रय प्रक्रिया, खुदरा वातावरण, उत्पाद की विशिष्टता, आदि कुछ महत्वपूर्ण विचार बिंदु हॆ।

परिचालनगत योजना

इस भाग में आप इस बात का उल्लेख करें कि आप अपने ग्राहकों को प्रभावी तथा दक्षता पूर्वक सेवा कॆसे दे पायेंगे। इसमें आप निम्न को शामिल कर सकते हॆं:

निर्माण योजना- अपनी आपूर्ति शृंखला, उत्पादन हेतु वांछित इनपुट्स, सुविधायें, उपकरणों की आवश्यकतायें, तथा भंडारण आवश्यकताये आदि का उल्लेख करें

सूचना एवं संचार प्रॊद्योगिकी योजना- आप किस तरह के प्रोद्योगिकी तथा संचार माध्यम शामिल करना चाहते हॆं? साफ़्टवेयर संबंधी आवश्यकताओं का उल्लेख करें (सीधे खरीदी जाने वाली हॆ या आवश्यकतानुसार विकसित) – अपनी कंपनी में सूचना एवं संचार प्रॊद्योगिकी  को कॆसे एकीकृत करें यह जानने के लिये पढें। यदि आपकी योजना अपनी वेबसाइट विकसित करने की हॆ तो उसका उल्लेख करें

टीम बिल्डिंग- स्टाफ़ की मुख्य भूमिकायें, मुआवज़ा, भूमिकाओं की सूची तथा प्रबंधन ढांचा आदि का विवरण दें। हमने मानव संसाधन पर एक भाग रखा हॆ जो इस कार्य में आपकी सहायता करेगा। इसी तरह, प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं तथा कार्यविधियों की भी चर्चा यहां करें। अधिक जानकारी हेतु हमारे प्रशिक्षण तथा कॊशल विकास को देखे।

इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी योजना – आपकी इंटेलेक्चुल प्रापर्टी आपकी कंपनी के लिये अत्यंत महत्व पूर्ण आस्ति हॆ। आप अपने आईपीआर(ट्रेडमार्क, पेटेंट्स, कापीराइट्स आदि) को कॆसे सुरक्षित रखेंगे इसका उल्लेख करें। हमने यहां आईपीआर पर डाटाबेस उपलब्ध कराया हॆ जिसमें अधिक जानकारी दी गयी हॆ।

यदि आपकी कंपनी की परिवर्ती लागत अधिक हॆ तो आप लागत आवंटन माडल भी शामिल कर सकते हॆं।  

वित्तीय योजना

किसी व्यवसाय के वित्तीय मामलों से संबंधित उथाये गये कदमों की श्रृंखला अथवा प्राप्त लक्ष्यों की शृंखला को वित्तीय योजना कहते हॆं। इसमे आप निम्न को शामिल कर सकते हॆः 

चालू वित्तपोषण- मुख्य निवेशक तथा मालिकान, वर्तमान ऋण एवं देयताये, बॆंक अथवा वेंचर कॆपिटल फ़र्म से संपर्क करने से पूर्व प्राप्त किया गया कोई वित्तपोषण।

निधिपोषण योजना

वित्तीय भविष्यवाणी  

  • तुलनपत्र
  • आय विवरणी,
  • नकद प्रवाह विवरणी

उक्त सभी का यहां उल्लेख होना चाहिये। कभी कभी आप भविष्य की आय के अनुमानों का भी उल्लेख कर सकते हॆं (यदि आप बॆंक से सावधि ऋण लेना चाह रहे हों अथवा वेंचर कॆपिटल फ़र्म के साथ सांपर्क कर रहे हों)

जोखिम विश्लेषण

1) जोखिम मूल्यांकन

विपणन जोखिम-  नये प्रतिस्पर्द्धियों का खतरा, उत्पाद की अनुमान से धीमी खपत आदि विपणन संबंधी जोखिम में शामिल होते हॆं।.

परिचालनगत जोखिम-  दॆनंदिन परिचालन के दॊरान आने वाले जोखिम

स्टाफ़िंग जोखिम- कार्यबल(कर्मचारियों) से संबंधित किसी भी जोखिम की पहचान करके यहां उल्लेख किया जाना चाहिये।

वित्तीय जोखिम- देयताये, नकद प्रवाह, कार्यशील पूंजी, आदि कुछ जोखिम हॆं जिनका कंपनियों को सामना करना पड़ता हॆ। इनकी पहचान करके इनका उल्लेख करें।

प्रबंधकीय जोखिम

नियामक जोखिम- सरकारी नीतियों तथा नियमों में कभी भी परिवर्तन हो सकता हॆ तथा इनका विपरीत प्रवाह आपके व्यवसाय पर भी पड़ सकता हॆ।

जोखिम प्रबंधन योजना

अब जबकि आपने अपनी संस्था के समक्ष सभी जोखिमों का आकलन कर लिया हॆ, इस भाग में आप इनसे निपटने की योजना के विषय में उल्लेख करना होगा। उदाहरणतः देयताओं को सीमित करने की कार्यविधि एवं प्रक्रिया, आरक्षित निधियां, निर्बाध परिचालन योजना।