संस्था के अंतर्नियम का सत्यापन, स्टाम्पन और हस्ताक्षर

संस्था के बहिर्नियम

पंजीकरण के लिए जमा करने से पहले संस्था के अंतर्नियम की ध्यान से और बारीकी से जाँच (वेटिंग) कर लेने में समझदारी है, क्योंकि उसमें कारोबार का इरादा और उसकी सीमा परिभाषित रहती है।

संस्था के बहिर्नियम और अंतर्नियम में कारोबार की भावी संभावनाओं का उल्लेख होना चाहिए, ताकि बाद में संशोधन करने से बचा जा सके।

वेटिंग प्रक्रिया के लिए कंपनियों के रजिस्ट्रार से सलाह ली जा सकती है।

कंपनियों के रजिस्ट्रार से सत्यापन के बाद संस्था के बहिर्नियम और अंतर्नियम को छपवा लें।

 

संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम की स्टांपिंग

संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम को अंतिम रूप देने का बाद, उसपर स्टाम्प्स के रजिस्ट्रार के यहाँ स्टाम्प लगवाने की जरूरत होती है।

स्टाम्प शुल्क कंपनी की प्राधिकृत शेयर पूँजी पर निर्भर करती है, जो संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम में दी गई है।

संस्था के अंतर्नियम और संस्था के बहिर्नियम पर स्टाम्प शुल्क Stamp Duty for Memorandum and Articles of Association और स्टाम्पिंग के बारे में अकसर पूछे जानेवाले प्रश्नों FAQ of estamping  के लिए क्लिक करेः

  

संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम पर हस्ताक्षर

कंपनी के पंजीकरण के लिए संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम की स्टाम्पित और हस्ताक्षरित प्रतियाँ जमा करने की जरूरत पड़ेगी।

संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम के समर्थन के लिए कम से कम दो समर्थनकर्ताओं की जरूरत होती है। हर समर्थनकर्ता के बारे में निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिएः

क) पिता का नाम

ख) पिता का व्यवसाय

ग) स्थायी पता

घ) अभ्यर्थी द्वारा अभिदत्त शेयरों की संख्या

ii. हस्ताक्षर प्रक्रिया में कम से कम एक प्रोफेशनल (वकील, सीए या अधिवक्ता) को बतौर गवाह होना चाहिए।

 iii. सुनिश्चित करें कि संस्था के बहिर्नियम और संस्था के अंतर्नियम स्टाम्पिंग की तारीख के बाद निष्पादित और हस्ताक्षरित हों।