हरित वित्त

हरित वित्त एक ऐसा बाज़ार-आधारित निवेश या उधार कार्यक्रम है, जो जोखिम मूल्यांकन में पर्यावरणीय प्रभावों को भी शामिल करता है, या पर्यावरण संबंधी प्रोत्साहनों के माध्यम से व्यवसायगत निर्णय संचालित करता है। भारत में, सिडबी ने अत्यंत लघु, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में हरित और ऊर्जा-दक्ष प्रौद्योगिकियों के लिए ऋणपोषण को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। केएफ़डब्ल्यू, जर्मनी तथा जेआईसीए, जापान से द्विपक्षीय ऋण-व्यवस्था के अधीन, सिडबी स्वच्छ उत्पादन और ऊर्जा-दक्ष प्रौद्योगिकियों / उत्पादन प्रक्रियाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विशिष्ट ऋण योजनाएँ चला रहा है। ये विशिष्ट योजनाएँ दोहरे दृष्टिकोण के साथ काम करती है, अर्थात् हरित या ऊर्जा-दक्ष प्रौद्योगिकियों में निवेश प्रोत्साहित करने के लिए रियायती ऋण तथा उद्यम-समूहों के लिए समूह-विशिष्ट संबंधी सूचनाओं का प्रचार-प्रसार शुरू करना।

हरित वित्तीयन एवं विकास में सिडबी की भूमिका पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 

ऊर्जा बचत के लिए सिडबी की वित्तीयन योजना

दि जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेन्सी (जेआईसीए) ने अत्यंत लघु, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की ऊर्जा बचत परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए सिडबी को ऋण-व्यवस्था उपलब्ध कराई है। इस योजना के अंतर्गत, सिडबी और साथ ही साथ बैंकों /राज्य वित्त निगमों एवं गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफ़सी) को पुनर्वित्त के माध्यम से, अत्यंत लघु, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि एमएसएमई इकाइयों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जा सके कि वे ऊर्जा खपत कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने और दीर्घकालिक लाभप्रदता में वृद्धि करने के उद्देश्य से, संयंत्र एवं मशीनों /उत्पादन प्रक्रियाओं में ऊर्जा बचत संबंधी निवेश करें।

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इस योजना के अंतर्गत पात्र ऊर्जा बचत उपकरणों की सूची देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।

आईडीबीआई बैंक की पर्यावरण संबंधी सेवाएँ

आईडाबीआई बैंक ने पर्यावरणीय बैंकिंग के क्षेत्र में भारतीय बैंकिंग जगत में पथप्रदर्शक भूमिका अदा की है और इस क्षेत्र में 17 वर्ष से अधिक से सक्रिय है।

आईडाबीआई बैंक ने एक विशिष्ट दल गठित किया है, जो ग्राहकों को जलवायु परिवर्तन और विशेष रूप से कार्बन क्रेडिट संबंधी सलाहकार सेवाएँ उपलब्ध कराने पर कार्य कर रहा है, ताकि वे स्वच्छ विकास कार्यप्रणाली /क्योटो प्रोटोकॉल के कार्बन क्रेडिट तथा स्वैच्छिक उत्सर्जन कमी प्राधिकरणों से संबंधित मामलों की देखरेख कर सकें।

इस दल ने कार्बन क्रेडिट की प्राप्यराशियों के प्रति अग्रिम वित्तपोषण उपलब्ध कराने के लिए संरचित उत्पाद तैयार किया है। यह उत्पाद भारतीय परियोजना विकासकर्ताओं ने काफी पसंद किया है।

यह कार्बन क्रेडिट दल भारतीय चिलर उपयोगकर्ताओं को उच्च कार्बन चिलर से ऊर्जा-दक्ष न्यून कार्बन चिलर में रूपांतरित होने के लिए सर्वांगीण समाधान उपलब्ध कराने में विश्व बैंक के साथ घनिष्ठता से जुड़ा हुआ है। इस कार्यक्रम के विस्तृत विवरण के लिए यहाँ क्लिक करें।  

आईडीबीआई बैंक ‘’आईडीबीआई कार्बन डेवलेपमेन्ट्स’’ नाम का एक समाचार पत्रिका भी प्रकाशित करता है। इस पत्रिका में यूरोपियन यूनियन भत्तों का मूल्यन, प्रमाणित उत्सर्जन कमी, सीडीएम परियोजना पंजीकरण में हुई प्रगति तथा कार्बन बाज़ार में होने वाली अन्य घटनाएँ शामिल होती हैं।  

 

लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ऊर्जा बचत संबंधी अन्य बैंकों की योजनाएँ

  • ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा की योजना
  • ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए बैंक ऑफ़ इंडिया की योजना
  • विभिन्न बैंको की ऊर्जा योजनाओं का डेटाबेस

 

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