संगीत सम्राट तानसेन

तानसेन या मियां तानसेन या रामतनु पाण्डेय

अकबर और तानसेन

अकबर और तानसेन

एक बार अकबर अपने दरबार में तानसेन द्वारा गायन सुन रहे थे गायन सुनने के पश्चात अकबर बोले, "तानसेन आपसे अच्छा भी कोई गायन करता है" तानसेन ने जवाब दिया, "जी महाराज, मेरे गुरुजी" अकबर ने कहा, "तानसेन जी के गुरु को दरबार में पेश किया जाए" तानसेन ने जवाब दिया, "महाराज गुरुजी यहां नहीं आ पाएंगे अगर आपको गायन सुनना है तो आपको गुरुजी के पास चलना होगा अकबर को थोड़ा बुरा लगा लेकिन वह गायन सुनने के शौकीन थे वह तानसेन के साथ उनके गुरु जी से मिलने चले गए" वहां पहुंचे तो देखागुरुजी समाधि में बैठे हुए थे अब गायन कैसे हो गा सवाल यह था कभी तानसेन जी आश्रम में बैठकर गलत गलत राग गाने लगे गलत बात सुनकर गुरु जी Read More : अकबर और तानसेन about अकबर और तानसेन