अमृतसर: रावण दहन के वक़्त ट्रेन की चपेट में आई भीड़, 50 की मौत

स्थानीय पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने बीबीसी को बताया कि अमृतसर के जोड़ा फाटक पर एक रेलवे ट्रैक के पास रावण दहन किया जा रहा था. इस दौरान बहुत सारे लोग ट्रैक पर भी बैठे हुए थे.

शाम 6.30 बजे के क़रीब जब रावण के पुतले को आग लगाई गई तो मंच से लोगों से पीछे हटने की अपील की गई.

इसी दौरान लोग पीछे हटे और ट्रैक पर ट्रेन आ गई. इससे वहां मौजूद भीड़ का एक बड़ा हिस्सा ट्रेन की चपेट में आ गया.

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर ने बीबीसी पंजाबी को बताया कि 50 से ज़्यादा लोग मृत बताए जा रहे हैं और 100 से ज़्यादा ज़ख़्मी हैं

इस कार्यक्रम में मंच पर पंजाब के उपमुख्यमंत्री नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू भी मौजूद थीं.

डिप्टी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अस्पतालों और एंबुलेंसों को अलर्ट पर रखा गया है.

 

हादसे पर राजनीतिक हलकों की ओर से भी दुख जताया गया है. पंजाब के विपक्षी दल शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट कर दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है और प्रशासन से सवाल पूछा है.

 

उन्होंने लिखा, "अमृतसर के जोड़ा गेट पर दशहरा देखने आए निर्दोष श्रद्धालुओं को तेज़गति ट्रेन ने कुचल दिया, इस हादसे के बारे में सुनकर मुझे बहुत दुख हो रहा है. स्थानीय आयोजकों और पुलिस को जवाब देना चाहिए कि रेलवे ट्रेक के पास रावण दहन की इजाज़त कैसे दी गई."

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घटना पर दुख जताया है.

उन्होंने लिखा, "अमृतसर से एक बड़े ट्रेन हादसे की खबर आ रही है. मैं इलाके के अपने कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि राहत और बचाव कार्य में मदद करें. संकट की इस घड़ी में हर मुमकिन मदद दें.

जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने लिखा है, "बहुत ही दुखद है कि ट्रेन हादसे में 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. मृतकों और घायलों के परिजनों को मेरी गहरी संवेदनाएं."