जेल पहुंचा गरियाने वाला लंपट तोता

किसी के घर पहुंचो और उसका तोता नमस्कार करे तो कित्ता अच्छा लगता है. लेकिन वही तोता गालियों से स्वागत करे तो? मन कहेगा कि इसकी टंगड़ी पकड़ के चीर दें. इस हलकट तोते को खैर इत्ती सजा तो नहीं मिली. लेकिन हवालात का मुंह जरूर देख लिया पट्ठे ने.

महाराष्ट्र के चंद्रापुर में एक जगह है राजुरा. यहां रहते हैं सुरेश सखरकर जिनके पास हरियल नाम का तोता था. सुरेश की सौतेली मां जानाबाई ने तोते के खिलाफ पुलिस में रपट कर दी. शिकायत ये कि तोता उनको देखते ही गंदी गालियां देता है. ये गालियां उसको सिखाई हैं उसके सौतेले बेटे ने, जो इस तरह सताकर मेरी जायदाद कब्जियाना चाहता है. अम्मा का कहना है कि पिछले दो साल से सुरेश उसको गरियाने की ट्रेनिंग दे रहा है. तोतवा उस ट्रेनिंग से और फक्कड़ गरिहा हुआ जाता है. 85 साल की अम्मा दो साल में तीन बार शिकायत कर चुकी हैं.

इंस्पेक्टर पी एस डोंगरे ने तीनों को थाने बुलाया. माता, सुरेश बचुआ और मुजरिम तोता हरियल. लेकिन तोता बहुत सयाना है. जब तक कस्टडी में रहा एक्को बार गाली नहीं निकालिस. लेकिन बूढ़ी माता जी का मानसिक उत्पीड़न हुआ है. यही एक कारण काफी था. जेल में कुछ समय रखने के बाद हरियल को वन विभाग के अफसरों को सौंप दिया गया. अब अधिकारी गाली खा रहे होंगे बेचारे.