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ऐसे करें उत्तानपादासन

ऐसे करें उत्तानपादासन

 पीठ के बल लेट जायें। हथेलियां भूमि की और, पैर सीधे, पंजे मिले हुये हों । अब श्वांस भरकर एक पैर को 1 फुट तक धीरे धीरे ऊपर उठायें। 10 सैकण्ड रोके फिर धीरे धीरे पैरों को नीचे भूमि पर टिकायें। फिर क्रमशः दूसरे पैर से करें। 3 से 6 बार ।

अब यही क्रिया दोनों पैरों को एक साथ उठाकर क्रमशः करें। 3 से 6 बार ।

कमरदर्द वाले एक एक पैर से ही क्रमशः इस अभ्यास को करें।

कब्ज, गैस, मोटापा, पेटदर्द, नाभि का टलना, कमरदर्द, हृदयरोग में लाभप्रद। Read More : ऐसे करें उत्तानपादासन about ऐसे करें उत्तानपादासन

भुजंगासन

भुजंगासन

भुजंगासन:- पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियां भूमि पर रखते हुये हाथों को छाती के दोनों और रखें। कोहनियां ऊपर उठी हुई तथा भुजायें छाती से सटी हुई होनी चाहिये। पैर सीधे तथा पंजे आपस में मिले हुये हों। पंजे पीेछे की और तने हुये भूमि पर टिके हुये हों। श्वांस अन्दर भरकर छाती व सिर को धीरे धीरे ऊपर उठाइये। नाभि के पीछे वाला भाग भूमि पर टिका रहे। सिर को उपर उठाते हुये गर्दन को जितना पीछे मोड़ सकते हैं, मोड़ना चाहिये। इस स्थिती में करीब 10 से 30 सैकण्ड जितनी देर यथाशक्ति श्वासं रोक सके रूकें। श्वांस छोड़कर पूर्व स्थिती में आ जायें। सवाईकल, स्पोंडलाइटिस, पेट के रोग, स्लीपडिस्क स्त्रीरोग में लाभप्रद। 
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मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मधुमेह (डायबिटीज) दिवस पर कहा कि ऋषि प्रणीत जीवनचर्या अपनाने से इस जटिल रोग से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गौमुखासन के नियमित अभ्यास एवं सविता ध्यान से काफी राहत मिल सकती है।

डॉ. चिन्मय के अनुसार, सुबह जल्दी उठकर उगते हुए सूर्य का ध्यान, यज्ञोपैथी एवं नियमित आसनों के अभ्यास डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। डायबिटीज का मरीज अक्सर तनाव में रहता है। ऐसे में नियमित प्राणायाम एवं सात्विक आहार मन के साथ तन को शांत एवं स्वस्थ रख सकता है। Read More : मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन about मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन!

पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन!

वजन घटाने के लिए योग को सबसे कारगर और सरल तरीका माना जाता है। योग को लेकर सबसे बढि़या बात यह है कि इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। योग किसी भी उम्र वर्ग के लिए खासा लाभदायक है। गर्भवती महिलाओं को भी कुछ विशेष सावधानियों के साथ योग करने की सलाह दी जाती है। ज्ञात हो कि तनाव के चलते कई तरह की बीमारियां जन्‍म लेती हैं। लेकिन योग के आसनों के जरिये इससे निजात पाया जा सकता है। वजन घटाने और फिट रहने के लिए योग काफी कारगर है और इससे तनाव का स्‍तर घटने के साथ व्‍यक्ति का आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ता है। नीचे योग के कुछ आसनों के बारे में जिक्र किया गया है, जिसको निरंतर करने से वजन घटाने में काफी मदद मि Read More : पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन! about पेट और जांघों को पतला करने के लिए पांच आसन!

योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा

योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा

नियमित तौर पर योग करने से ना सिर्फ आपका तनाव कम होता है, शरीर स्वस्थ बना रहता है और नींद अच्छी आती है बल्कि शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं जिससे आपकी त्वचा में भी एक प्राकृतिक चमक आ जाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो योग की मदद से चर्म रोग से संबंधित समस्याएं जैसे कील-मुहांसे से छुटकारा मिलता है और हमारी त्वचा अंदर से साफ हो जाती है। एक नजर उन आसनों पर जिससे क्लियर स्किन पाने में मदद मिलती है- Read More : योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा about योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा

लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन

लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन

उर्ध्वोत्तानासन को रीढ़ विकृतियों में, कमजोर पैरों की स्थिति में, मोटापे में, ड्रॉपिंग शोल्डर व नैरो चेस्ट की स्थिति में योग चिकित्सक की सलाह अनुसार करना चाहिए तो लाभ मिलेगा। यह अति उत्तम और सरल आसन आपको स्फूर्तिवान और प्रसन्नचित्त बनाए रखने में सक्षम है।

आसन परिचय : उर्ध्व का अर्थ होता है ऊपर और तान का अर्थ तानना अर्थात शरीर को ऊपर की और तानना ही उर्ध्वोत्तानासन है। अनजाने में ही व्यक्ति कभी-कभी आलसवश दोनों हाथ ऊपर करके शरीर तान देता है। शरीर को ऊपर की ओर तानते हुए त्रिबंध की स्थिति में स्थिर रहना चाहिए। Read More : लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन about लंबाई बढ़ाए उर्ध्वोत्तानासन योगासन

बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर

बकासन से चेहरा

बक अर्थात बगुला। इस आसन को करते वक्त बगुले जैसी स्थिति हो जाती है इसी कारण इसे बकासन कहते है

बकासन योग विधि : शुरुआत में इस आसन को करते समय दोनों हाथों की हथेलियों को भूमि पर कुछ इस तरह स्थिर करें कि आपकी अंगुलियां पीछे की ओर तथा अंगुठें आगे की ओर हो। इसके बाद घुटनों को कोहनियां से ऊपर भुजाओं पर स्थिर कर दें।

श्वास अंदर भरके धीरे से आगे की झुकते हुए शरीर के भार को हथेलियों पर संभालते हुए पैरों को भूमि से ऊपर उठाएं। अभ्यास से ही इस स्थिति में हुआ जा सकता है।

वापसी के लिए पहले पैरों के पंजों को भूमि पर टिकाएं। Read More : बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर about बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर

डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

योग से सेहत संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन ठीक कर सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत नहीं कर सकता।

1- सूक्ष्म आसन ;- चालीस की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में खानपान की अनियमितता आदि से कैल्शियम की कमी हो जाती है। इसका नतीजा यह है कि घुटनों में दर्द और स्पांडलाइटिस की तकलीफ परेशान करने लगती है। इस आसन को करने से काफी लाभ होता है। Read More : डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन about डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

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