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Updated: 3 hours 28 min ago

भीतर के प्रकाश को जानों!

11 hours 47 min ago

सत्‍य के संबंध में विवाद सुनता हूं, तो आश्चर्य होता है। निश्चय ही जो विवाद में हैं, वे अज्ञान में होंगे। क्योंकि, ज्ञान तो निर्विवाद है। ज्ञान का कोई पक्ष नहीं है। सभी पक्ष अज्ञान के हैं। ज्ञान तो निष्पक्ष है। फिर, जो विवादग्रस्त विचारधाराओं और पक्षपातों में पड़ जाते हैं, वे स्वयं अपने ही हाथों सत्य के और स्वयं के बीच दीवारें खड़ी कर लेते हैं। मेरी सलाह है : विचारों को छोड़ों निर्विचार हो रहो। पक्षों को छोड़ो और निष्पक्ष हो जाओ। क्योंकि, इसी भांति वह प्रकाश उपलब्ध होता है, जो कि सत्य को उद्घाटित करता है।
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OSHO Winter Festival- Sunday Lunch

11 hours 56 min ago

"A key word for all meditators. Witness that you are not the body-Witness that you are not the mind- Witness that you are only a witness."Osho With soft sounds of Santoor floating in the air and human figurines placed all around the poolside Zorba - Meditators were truly in for a delightful treat. Read : OSHO Winter Festival- Sunday Lunch about OSHO Winter Festival- Sunday Lunch

पाप क्या है?

22 November 2017 - 6:20am

कुछ युवकों ने मुझ से पूछा : ''पाप क्या है?'' मैंने कहा, ''मूर्च्‍छा'' वस्तुत: होश पूर्वक कोई भी पाप करना असंभव है। इसलिए, मैं कहता हूं कि जो परिपूर्ण होश में हो सके, वही पुण्य है। और जो मूच्र्छा, बेहोशी के बिना न हो सके वही पाप है।
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मुझे कुछ नहीं चाहिए!

22 November 2017 - 5:19am

परमात्मा के अतिरिक्त और कोई संतुष्टिं नहीं। उसके सिवाय और कुछ भी मनुष्य के हृदय को भरने में असमर्थ है।
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OSHO Winter festival 2011

22 November 2017 - 5:10am

A heart with an OSHO quote with DJ music to make any heart dance, kicked off the OSHO Winter Festival this morning followed by a OHSO Multimedia Fair with live Music. Read : OSHO Winter festival 2011 about OSHO Winter festival 2011

जीवन कला!

21 November 2017 - 6:17am

मनुष्य को प्रतिक्षण और प्रतिपल नया कर लेना होता है। उसे अपने को ही जन्म देना होता है। स्वयं के सतत जन्म की इस कला को जो नहीं जानते हैं, वे जानें कि वे कभी के मर चुके हैं।
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The Meditation Factor -Nov 2011

21 November 2017 - 6:08am

After a day of 13 meditations, meditators enjoyed a bouquet of 13 fantastic talents from all over the world. Here is a glimpse for those of you who missed . "You forget all about control. This place is not for people who control; this place is for people who let their heart dance wherever it wants to dance! Remember a famous proverb: Talent is what you possess, genius is what possesses you. You cannot control genius; you can control talents. Here we are creating the possibility for your sleeping genius to be awake. Read : The Meditation Factor -Nov 2011 about The Meditation Factor -Nov 2011

अहंकार एकमात्र जटिलता है।

20 November 2017 - 8:25pm

अहंकार एकमात्र जटिलता है। जिन्हें सरल होना है, उन्हें इस सत्य का अनुभव करना होगा। उसकी अनुभूति होते ही सरलता वैसे ही आती है, जैसे कि हमारे पीछे हमारी छाया।
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सत्य असीम है!

20 November 2017 - 8:10pm

शब्दों या शास्त्रों की सीमा में सत्य नहीं है। असल में जहां सीमा है, वहीं सत्य नहीं है। सत्य तो असीम है। उसे जानने को बुद्धि और विचारों की परिधि को तोड़ना आवश्यक है। असीम होकर ही असीम को जाना जाता है। विचार के घेरे से मुक्त होते ही चेतना असीम हो जाती है। वैसे ही जैसे मिट्टी के घड़े को फोड़ दें, तो उसके भीतर का आकाश असीम आकाश से एक हो जाता है।
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मैं का त्याग ही संन्यास!

20 November 2017 - 7:52pm

मैं किसी गांव में गया। वहां कुछ लोग पूछते थे, ''क्या ईश्वर है? हम उसके दर्शन करना चाहते हैं!'' मैंने उनसे कहा, ''ईश्वर ही ईश्वर है- सभी कुछ वही है। लेकिन जो 'मैं' से भरे हैं, वे उसे नहीं जान सकते। उसे जानने की शर्त, स्वयं को खोना है।''
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हम ही स्वर्ग, हम ही नरक!

20 November 2017 - 7:49pm

किसी ने पूछा : ''स्वर्ग और नरक क्या हैं?'' मैंने कहा, ''हम स्वयं!''
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प्रेम बड़ा शास्‍त्र !

20 November 2017 - 7:48pm

शास्त्र क्या कहते हैं, वह नहीं- प्रेम जो कहे, वही सत्य है। क्या प्रेम से भी बड़ा कोई शास्त्र है। एक बार मोजेज किसी नदी के तट से निकलते थे। उन्होंने एक गड़रिये को स्वयं से बातें करते सुना। वह गड़रिया कह रहा था, ''ओ परमात्मा! मैंने तेरे संबंध में बहुत-सी बातें सुनी हैं। तू बहुत सुंदर है, बहुत प्रिय है, बहुत दयालु है- यदि कभी तू मेरे पास आया, तो मैं अपने स्वयं के कपड़े तुझे पहनाऊंगा और जंगली जानवरों से रात दिन तेरी रक्षा करूंगा। रोज नदी में नहलाऊंगा और अच्छी से अच्छी चीजें खाने को दूंगा- दूध, रोटी और मक्खन। मैं तुझे इतना प्रेम करता हूं। परमात्मा! Read : प्रेम बड़ा शास्‍त्र ! about प्रेम बड़ा शास्‍त्र !

ईश्वर कहां है

20 November 2017 - 7:40am

ईश्वर कहां है? ईश्वर खोजते लोग मेरे पास आते हैं। मैं उनसे कहता हूं कि ईश्वर प्रतिक्षण और प्रत्येक स्थान पर है। उसे खोजने कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। जागो और देखो। और जागकर जो भी देखा जाता है, वह परमात्मा ही है।
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Variety Show

20 November 2017 - 6:05am

In the past the awakened masters have used all kinds of devices: painting, sculpture, music, dance, drama. Every kind of device has been used to help you, because there are different types of people who can be helped in different ways: somebody through music, somebody through painting, somebody through poetry. And that's my function here: to create a buddhafield, a commune where all kinds of devices are used. But the purpose is one, the purpose is single, one-pointed. All these paths are leading you to the same goal -- to your own inner being. Read : Variety Show about Variety Show

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी

18 November 2017 - 10:30pm

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को #दिव्यांश_पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित #ओशो #गीतादर्शन 8 खण्डों का सेट गोरख वाणी पर ओशो की पुस्तक मरो हे जोगी मरो और स्वलिखित पुस्तक #कदम_कदम_बढ़ाये_जा भेट करते हुए। । Read : माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी about माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी

Oaho Gangadham Guru-Purnima festival.

18 November 2017 - 9:54pm

Beautiful glimpse from guru Purnima celebration Meditation retreat done by Sw Bharat Bharti & many Beautiful friends 
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सत्‍य का आचरण

18 November 2017 - 9:52pm

जीवन व्यर्थ है , ऐसा मत कहो

18 November 2017 - 7:40am

जीवन व्यर्थ है , ऐसा मत कहो

ऐसा कहो कि मेरे जीने के ढंग में क्या कहीं कोई भूल थी ?

क्या कहीं कोई भूल है, कि मेरा जीवन व्यर्थ हुआ जा रहा है ?

जीवन तो कोरा कागज है ;

जो लिखोगे वही पढोगे!

गालिया लिख सकते हो , गीत लिख सकते हो। और गालिया भी उसी वर्णमाला से बनती है जिससे गीत बनते है।

वर्णमाला तो निरपेक्ष है , निष्पक्ष है।

जिस कागज पर लिखते हो वह भी निरपेक्ष , निष्पक्ष।

जिस कलम से लिखते हो , वह भी निरपेक्ष , वह भी निष्पक्ष।

सब दांव तुम्हारे हाथ है। Read : जीवन व्यर्थ है , ऐसा मत कहो about जीवन व्यर्थ है , ऐसा मत कहो

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