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अहंकार विनाश :राम भक्त हनुमान और बाली युद्ध

जब बाली को ब्रह्मा जी से ये वरदान प्राप्त हुआ,,
की जो भी उससे युद्ध करने उसके सामने आएगा,,
उसकी आधी ताक़त बाली के शरीर मे चली जायेगी,,

और इससे बाली हर युद्ध मे अजेय रहेगा,,

सुग्रीव, बाली दोनों ब्रम्हा के औरस ( वरदान द्वारा प्राप्त ) पुत्र थे,,

और ब्रम्हा जी की कृपा बाली पर सदैव बनी रहती थी,,

बाली को अपने बल पर बड़ा घमंड था,,
उसका घमंड तब और भी बढ़ गया,,
जब उसने तीनों लोकों पर विजय पाए हुए रावण से युद्ध किया और रावण को अपनी पूँछ से बांध कर छह महीने तक पूरी दुनिया घूमी,,

गिर के जंगलों में बना है सबसे अनोखा पोलिंग बूथ

गुजरात में है गिर. यहां के जंगलों में मोर के नाम रखे गए हैं. एक पुराना मंदिर है. सुंदर दृश्य हैं और खास बात ये है कि यहां एक अनोखा पोलिंग बूथ है, जहां सिर्फ एक वोटर है. मतदान कराने वाले अधिकारी यहां आते हैं और पांच बजे तक रुकते भी हैं. यानी पूरे नियम का पालन होता है. आप भी देख लीजिए इस सुंदर जगह को.

 

जाति एक वह बीमारी है जो कभी नहीं जाती

बाबर और राणा सांगा में भयानक युद्ध चल रहा था ।
बाबर ने युद्ध में पहली बार तोपों का इस्तेमाल किया था । उन दिनों युद्ध केवल दिन में लड़ा जाता था, शाम के समय दोनों तरफ के सैनिक अपने अपने शिविरों
में आराम करते थे । फिर सुबह युद्ध होता था !
लड़ते लड़ते शाम हो चली थी , दोनों तरफ के सैनिक अपने शिविरों में भोजन तैयार कर रहे थे ।
बाबर टहलते हुए अपने शिविर के बाहर खड़ा दुश्मन सेना के कैम्प को देख रहा था तभी उसे राणा सांगा की सेना के 

अमरीका में अब नहीं चलेगा 'चाइना मोबाइल'

चीनी सरकार के अधिग्रहण वाली कंपनी चाइना मोबाइल ने साल 2011 में अमरीका के यूएस फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन (एफ़सीसी) के पास लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अर्जी दी थी.

लेकिन अमरीका के वाणिज्य विभाग ने इस अर्जी को ख़ारिज करने की सलाह दी है.

हाल में अमरीका और चीन के बीच के शुरू हुए ट्रेड वॉर के बाद वाणिज्य विभाग की तरफ से यह सलाह दी गई है.

वाणिज्य विभाग में संचार एवं सूचना के सहायक सचिव डेविड जे रेडिल ने कहा है, ''चाइना मोबाइल के साथ तमाम तरह की बातचीत और वार्ता के बाद अमरीकी कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में जो ख़तरे बताए गए थे, वे अभी भी सुलझाए नहीं जा सके हैं.''

भगवान बुद्ध के विचार

भगवान बुद्ध

चार श्रेष्ठ सत्य -
१. दुनिया में दुःख है।
२. दुखों का कोई-न-कोई कारण है। 
३. दुखों का निवारण संभव है।
४. दुःख निवारण के लिए मार्ग है ।

- दुखों का मूल कारण अज्ञानता है। 
  अज्ञानता के कारण ही इंसान मोह-माया और तृष्णा में फंसा रहता है।
- अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिए अष्टांग मार्ग का पालन  आवश्यक है जो कि इस प्रकार है-
१. सही समझ, 
२. सही विचार, 
३. सही वाणी, 
४. सही कार्य, 
५. सही आजीविका, 
६. सही प्रयास, 
७. सही सजगता और 
८. सही एकाग्रता

 

बुद्धवाणी : बुद्धि से ही यह समस्त संसार प्रकाशवान है

बुद्धवाणी : बुद्धि से ही यह समस्त संसार प्रकाशवान है

■ पांचों इंद्रियों की मदद से जो ज्ञान मिलता है वही बुद्धि है। बुद्धि का होना ही सत्य है। बुद्धि से ही यह समस्त संसार प्रकाशवान है।
■ न यज्ञ से कुछ होता है और न ही धार्मिक किताबों को पढ़ने मात्र से।
 ■ पूजा-पाठ से पाप नहीं धुलते।
■ जैसा मैं हूं, वैसे ही दूसरा प्राणी है। जैसे दूसरा प्राणी है, वैसा ही मैं हूं इसलिए न किसी को मारो, न मारने की इजाजत दो।
■ किसी बात को इसलिए मत मानो कि दूसरों ने ऐसा कहा है या यह रीति-रिवाज है या बुजुर्ग ऐसा कहते हैं।
 मानो उसी बात को, जो कसौटी पर खरी उतरे।

फर्जी मैसेज रोकने में विफल हो रहा व्हाट्सएप, जा रही है लोगों की जान

फर्जी मैसेज

सोशल मीडिया के इस दौर में स्मार्टफोन लोगों को बेवकूफ बना रहा है। तेजी से फैलती झूठी खबरें न सिर्फ लोगों को गुमराह कर रही हैं, बल्कि लोगों की जान भी ले रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में सांप्रदायिक हिंसा के 822 मामले सामने आए थे।

पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश के दो निर्दोष लोगों को भीड़ ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में एक व्हाट्सऐप वीडियो सर्कुलेट हुआ था, जिसमें लोगों से कहा गया था कि दो लोग किसी आदमी के शरीर से अंग निकालने के लिए उसकी हत्या करने जा रहे हैं।

इन 9 देशों में 'ख़त्म हो रहा है धर्म' (ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, फिनलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, न्यूज़ीलैंड और स्विटज़रलैंड)

ख़त्म हो रहा

सेंसस रिपोर्ट पर आधारित जानकारी के मुताबिक़ इन देशों में धर्म पर विश्वास ना करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

डलास में 'अमेरिकन फिज़िकल सोसायटी' की बैठक में रखे गए शोध के नतीजों से संकेत मिलता है कि इन देशों में धर्म का अस्तित्व 'बस ख़त्म होने को है'.

ये देश हैं ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, फिनलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, न्यूज़ीलैंड और स्विटज़रलैंड.

शोध करने वाली टीम ने इन देशों में पिछले सौ सालों की जनगणना के आंकड़े जमा किए गए.

इनमें धर्म को लेकर लोगों के जवाबों के आधार पर शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे.

21 जून को योग दिवस क्यों मनाया जाता है ?

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी जिसमें उन्होंने कहा:

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2018 : 21 जून यानि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2018: ये हैं योग करने के बड़े फायदे, बदल सकते हैं आपकी जिंदगी

21 जून यानि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस। योग इस दुनिया को भारत की ओर से दिया गया एक ऐसा उपहार है जो जीवन को एक नई दिशा प्रदान करता है। जीवन में चाहे कितनी भी परेशानियां क्यों ना हों, योग उन्हें काफी हद तक कम कर देता है। साल 2015 में पहली बार इसे अतंरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया और दुनियाभर में लोगों ने योग के फायदे को जाना। इसे 21 जून को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि यह दिन साल का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी सबको लंबी आयु देता है। 

 

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