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नवरात्रि महोत्सव शुभारंभ विशेष:

इस साल शरद नवरात्रि का शुभारंभ चित्रा नक्षत्र में मां जगदम्बे के नाव पर आगमन से शुरू हो रहा है। 
इस बार प्रतिपदा और द्वितीया तिथि एक साथ होने से मां शैलपुत्री  और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा एक  दिन होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 10 अक्टूबर को प्रतिपदा और द्वितीया माना जा रहा है।   
पहला और दूसरा नवरात्र दस अक्तूबर को है। दूसरी तिथि का क्षय माना गया है। अर्थात शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी देवी की आराधना एक ही दिन होगी। इस बार पंचमी तिथि में वृद्धि है। 13 और 14 अक्तूबर दोनों दिन पंचमी रहेगी। पंचमी तिथि स्कंदमाता का दिन है। Read More : नवरात्रि महोत्सव शुभारंभ विशेष: about नवरात्रि महोत्सव शुभारंभ विशेष:

गीता के मूलमंत्र

गीता के मूलमंत्र

गीता के मूलमंत्र
अध्याय १
मोह ही सारे तनाव व विषादों का कारण होता है ।

अध्याय २
शरीर नहीं आत्मा को मैं समझो और आत्मा अजन्मा-अमर है ।

अध्याय ३
कर्तापन और कर्मफल के विचार को ही छोड़ना है, कर्म को कभी नहीं ।

अध्याय ४
सारे कर्मों को ईश्वर को अर्पण करके करना ही कर्म संन्यास है ।

अध्याय ५
मैं कर्ता हूँ- यह भाव ही अहंकार है, जिसे त्यागना और सम रहना ही ज्ञान मार्ग है ।

अध्याय ६
आत्मसंयम के बिना मन को नहीं जीता जा सकता, बिना मन जीते योग नहीं हो सकता । Read More : गीता के मूलमंत्र about गीता के मूलमंत्र

रामायण में हनुमान और बाली के युद्ध का एक रोचक प्रसंग है।

हनुमान और बाली के युद्ध

रामायण में हनुमान और बाली के युद्ध का एक रोचक प्रसंग है। यह प्रसंग कई सबक देता है। व्यक्ति कितना भी ताकतवर हो जाए, कितना भी धनी हो जाए, उसे घमंड नहीं करना चाहिए। यहां पढ़ें पूरा घटनाक्रम -

बाली और सुग्रीव को ब्रह्माजी की संतानें माना गया है। बाली को यह वरदान था कि जो भी युद्ध के लिए उसके सामने आएगा, उसकी आधी ताकत बाली में समा जाएगी। इस वरदान के दम पर बाली ने बड़े -बड़े योद्धाओं को धूल चटाई। यहां तक कि रावण को भी अपनी पूंछ में बांधकर छह महीने तक धरती का चक्कर लगाता रहा था। Read More : रामायण में हनुमान और बाली के युद्ध का एक रोचक प्रसंग है। about रामायण में हनुमान और बाली के युद्ध का एक रोचक प्रसंग है।

एक बार एक अमीर आदमी कहीं जा रहा होता है

एक बार एक अमीर आदमी कहीं जा रहा होता है तो उसकी कार ख़राब हो जाती है। उसका कहीं पहुँचना बहुत जरुरी होता है। उसको दूर एक पेड़ के नीचे एक रिक्शा दिखाई देता है। वो उस रिक्शा वाले पास जाता है। वहा जाकर देखता है कि रिक्शा वाले ने अपने पैर हैंडल के ऊपर रखे होते है। पीठ उसकी अपनी सीट पर होती है और सिर जहा सवारी बैठती है उस सीट पर होती है ।

और वो मज़े से लेट कर गाना गुन-गुना रहा होता है। वो अमीर व्यक्ति रिक्शा वाले को ऐसे बैठे हुए देख कर बहुत हैरान होता है कि एक व्यक्ति ऐसे बेआराम जगह में कैसे रह सकता है, कैसे खुश रह सकता है। कैसे गुन-गुना सकता है।  Read More : एक बार एक अमीर आदमी कहीं जा रहा होता है about एक बार एक अमीर आदमी कहीं जा रहा होता है

एक भंवरे की मित्रता ... एक गोबरी कीड़े के साथ हो गई

एक भंवरे की मित्रता

एक भंवरे की मित्रता ...
    एक गोबरी कीड़े के साथ हो गई.

         कीड़े ने भंवरे से कहा ~ 
   भाई ! तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो,
   इसलिये मेरे यहाँ भोजन पर आओ.

   अगले दिन सुबह भंवरा तैयार होकर
 अपने बच्चों के साथ गोबरी कीड़े के यहाँ 
         भोजन के लिये पहुँचा.

 कीड़ा उन को देखकर बहुत खुश हुआ,
और सब का आदर करके भोजन परोसा.
भोजन में गोबर की गोलियाँ परोसी, और
    कीड़े ने कहा ~ खाओ भाई !

       भंवरा सोच में पड़ गया कि ~
     मैंने बुरे का संग किया, इसलिये ...
     मुझे गोबर तो खाना ही पड़ेगा. Read More : एक भंवरे की मित्रता ... एक गोबरी कीड़े के साथ हो गई about एक भंवरे की मित्रता ... एक गोबरी कीड़े के साथ हो गई

लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे

लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे

तुम और वो लड़की रात के तीसरे पहर चैट कर रहे हो। 
बात करते करते तुम्हे कामुकता का अहसास होता है। 
तुम बिना सोचे बिना एक पल गवाए उससे फोटो की मांग कर देते हो। 
वो कहती है की वो नहीं दे सकती। 
तुम अपने जिद्द पर अड़े रहते हो। 
वो तुम्हे समझाने की कोशिश करती है। 
तुम उसे तुमपर यकींन करने को कहते हो। 
वो कहती है शादी के बाद देख लेना वो तुम्हारी ही तो है। 
तुम फिर भी नहीं मानते। Read More : लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे about लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे

सौरभ द्विवेदी: एक परिचय (लल्लनटॉप एक चमत्कार)

सौरभ द्विवेदी: एक परिचय

 

आपको पत्रकारिता में आने के लिए किस चीज ने प्रेरित किया?

हिंदी में पढ़ाई लिखाई करता था. बहुत सही लगती थी पत्रकारों की लाइफ. टीवी पर आ रहे हैं, लिख रहे हैं. जो देश में सबसे ताकतवर लोग माने जाते हैं वो हैं राजनेता और नौकरशाह. तो पत्रकार उनके ऊपर भी लिखते थे और बहुत कठोर हो कर लिखते थे. उनकी भी आलोचना करते थे. तो मुझे लगता था यह बहुत ही पावरफुल और जिम्मेदारी वाला काम है. Read More : सौरभ द्विवेदी: एक परिचय (लल्लनटॉप एक चमत्कार) about सौरभ द्विवेदी: एक परिचय (लल्लनटॉप एक चमत्कार)

क्या रुपए की कीमत करना भारतीय अर्थव्यवस्था के हित में है

भारतीय मुद्रा (रुपया) में लगातार होती गिरावट के बाद बुधवार को एक अमरीकी डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपया 72.88 के स्तर पर पहुंच गया है.

अमरीकी डॉलर के सामने रुपये का ये अब तक का सबसे निचला एक्सचेंज रेट है.

विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मुद्रा की गिरावट के लिए मोदी सरकार की ख़राब आर्थिक नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि रुपये की गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण हैं.

सवाल ये भी उठ रहा है कि आख़िर केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) मुद्रा में हो रही इस गिरावट का कोई उपाय क्यों नहीं निकाल रहे हैं. Read More : क्या रुपए की कीमत करना भारतीय अर्थव्यवस्था के हित में है about क्या रुपए की कीमत करना भारतीय अर्थव्यवस्था के हित में है

गुर्जिएफ़ अपने श्रोता खुद चुनते थे: अद्भुत दार्शनिक गुर्जएफ

गुर्जिएफ़ अपने श्रोता खुद चुनते थे:  अद्भुत दार्शनिक गुर्जएफ

इंग्लैंड में उनकी अच्छी खासी पैठ थी। जब वह बोलते थे तो लोग उन्हें सुनना चाहते थे। अगर किसी शाम छह बजे गुरजिएफ बोलने वाले होते तो लंदन के किसी बड़े से हॉल में पांच सौ लोग इकट्ठे हो जाते। अगर कोई एक मिनट की देरी से भी आता, तो उसे दरवाजे बंद मिलते। तो लोग शाम के ठीक छह बजे आ जाते और इंतजार करने लगते। साढ़े छह, सात, आठ, नौ बज जाते। लोग इंतजार करते रहते। हर थोड़ी देर बाद गुरजिएफ के शिष्य आते और कहते कि वह बस आ ही रहे हैं। इस तरह लोग दस बजे तक इंतजार करते रहते।
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स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं , जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ?

स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं , जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ?

"इसके पीछे राजनीति है!
स्त्रियां आकर्षक दिखना चाहती हैं क्योंकि उसमें उन्हें ताकत मालूम होती है । 
वे जितनी आकर्षक होंगी उतनी पुरुष के आगे ताकतवर सिद्ध होंगी । 
और कौन ताकतवर बनना नहीं चाहता ?

सारी जिंदगी लोग ताकतवर बनने के लिए संघर्ष करते हैं ।
तुम धन क्यों चाहते हो ? उससे ताकत आती है ।
तुम देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति क्यों बनना चाहते हो ?
उससे ताकत मिलेगी । तुम महात्मा क्यों बनना चाहते हो ?
उससे ताकत मालूम होगी । Read More : स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं , जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ? about स्त्रियां पुरुष के लिए आकर्षक क्यों बनना चाहती हैं , जबकि वे पुरुषों की कामुकता जरा भी पसंद नहीं करतीं ?

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