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बकरी को बचाने के लिए बाघ से भिड़ी लड़की, फिर ली सेल्फ़ी

बाघ के पंजों से बुरी तरह घायल और खून से लथपथ इस बहादुर लड़की ने घर के भीतर आने के बाद क्या किया? अपना मोबाइल फ़ोन निकालकर अपनी और घायल माँ की सेल्फ़ियां लीं.

क्योंकि बाघ अब भी बाहर था, सुरक्षा की गारंटी नहीं थी, लिहाज़ा वो अपनी हालत को कैमरे में सुरक्षित कर लेना चाहती थी.

21 साल की कॉमर्स ग्रैजुएट रुपाली मेश्राम एक दुबली-पतली सी ग्रामीण लड़की हैं.

साधारण परिवार की इस लड़की के सिर पर, दोनों हाथ-पाँव और कमर पर घाव के निशान दिखते हैं.

सिर और कमर के घाव गहरे थे लिहाज़ा वहां टांके आए हैं.

पिता बोले- मेरी 24 साल की मेहनत जाया नहीं गई

बिछड़ी बेटी को ढूंढने के लिए दिन-रात गली-गली घूमता रहा पिता, टैक्सी भी चलाई, आखिर 24 साल बाद दोनों मिल ही गए यिंग...

बिछड़ी बेटी को ढूंढने के लिए दिन-रात गली-गली घूमता रहा पिता, टैक्सी भी चलाई, आखिर 24 साल बाद दोनों मिल ही गए 

यिंग कहती हैं कि उन्हें याद नहीं है कि वो खो गई थी या उनका अपहरण हुआ था। लेकिन जो शख्स मुझे लेकर आए थे, उन्होंने काफी प्यार से रखा। करीब 10 साल पहले उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने चार साल पहले मेरी शादी भी करवाई। यिंग के मिलने पर वांग ने कहा कि मेरी 24 साल की मेहनत जाया नहीं गई। मेरी बेटी मुझे मिल गई है। आप सभी का धन्यवाद। 

दिल को छू लेने वाली ऐसी 32-लाइनें

1. क़ाबिल लोग न तो किसी को दबाते हैं और न ही किसी से दबते हैं।

2. ज़माना भी अजीब हैं, नाकामयाब लोगो का मज़ाक उड़ाता हैं और कामयाब लोगो से जलता हैं ।

3. इज्जत किसी आदमी की नही जरूरत की होती हैं. जरूरत खत्म तो इज्जत खत्म ।

4. सच्चा चाहने वाला आपसे प्रत्येक तरह की बात करेगा. आपसे हर मसले पर बात करेगा लेकिन 
धोखा देने वाला सिर्फ प्यार भरी बात करेगा।

5. हर किसी को दिल में उतनी ही जगह दो जितनी वो देता हैं.. वरना या तो खुद रोओगे, या वो तुम्हें रूलाऐगा ।

6. खुश रहो लेकिन कभी संतुष्ट मत रहो ।

प्रभु यीशू के बलिदान देता है प्रेम और क्षमा का संदेश

प्रभु यीशू

माना जाता है कि आज के दिन ईसा मसीह को दोपहर बाद करीब 3 बजे ही क्रॉस नुमा खंभे पर लटकाया गया था। गुड फ्राइडे मनाने की परंपरा 100 ईसा से है। इस दिन गिरजाघरों में पादरी और अन्य अनुयाई लोगों को प्रभु ईसा मसीह की तरह ही इंसान से प्रेम करने व उनके अपराधों को क्षमा करने का संदेश देते हैं।

भगवान महावीर के विचार जो बदल देंगे जिंदगी जीने का तरीका

दुनिया भर में आज धूमधाम से महावीर जयंती (Mahavir Jayanti) मनाई जा रही है. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्‍वामी ने अपना पूरा जीवन त्‍याग, तपस्‍या और अहिंसा में लगा दिया. जैन समुदाय पूरे भक्ति-भाव और आदर के साथ महावीर के नाम का स्‍मरण करता है. उन्‍होंने संसार को न केवल मुक्ति का संदेश दिया बल्‍कि लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई. भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्‍वत सुख के लिए अहिंसा के मार्ग को अपनाने का उपदेश दिया.

रामनवमी का महत्व

भगवान राम को विष्णु का अवतार माना जाता है। धरती पर असुरों का संहार करने के लिए भगवान विष्णु ने त्रेतायुग में श्रीराम के रूप में मानव अवतार लिया था। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवनकाल में कई कष्ट सहते हुए भी मर्यादित जीवन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विपरीत परिस्थियों में भी अपने आदर्शों को नहीं त्यागा और मर्यादा में रहते हुए जीवन व्यतीत किया। इसलिए उन्हें उत्तम पुरुष का स्थान दिया गया है।

गोरखपुर के बहाने ..!.

लक्ष्मण के चेहरे पे मायूसी साफ झलकने लगी .!
प्रत्यंचा तो दूर की बात ...कोई महारथी धनुष को टस से मस भी न कर सका ..!
तो क्या भैया जगद्जननी मां जगदम्बा सीता अविवाहित रह जाएंगी ..??
नहीं रे ..! स्नेह मिश्रित मधुर ध्वनि श्रीराम के मुख से निकली ..!
अनुज लक्ष्मण ..! प्रत्यंचा तो मैं चढ़ा सकता हूँ ..!
पर एक संशय है ..!
लक्ष्मण खिल उठे ..!.आपको कैसा संशय भैया ..?
श्रीराम की गंभीर मुद्रा और गंभीर हुई ..!

रजनीशपुरम के बर्बाद होने के पीछे शीला का काला सच

रजनीशपुरम के बर्बाद होने के पीछे  शीला का काला सच

मां आनंद शीला 1981 से 1985 तक ओशो रजनीश की सचिव थी। इन चार साल में उसने ओशो को कई बार मारने का प्रयास किया। यही नहीं, ओशो तक पहुंच बनाने और कम्यून की सर्वेसर्वा बनने के लिए उसने ओशो संन्यासियों को धीमा जहर देकर मारने का भी प्रयास किया।

सत्ता और ध्यान मिलने की अपने लालच को छोड़कर शीला का एक अन्य प्रयोजन भी था ओशो रजनीश का खात्मा करने के लिए सरकार की मदद करना। लेकिन रजनीश के खात्मे तक भी शीला के कम्यून की सर्वेसर्वा बने रहने की योजना सफल नहीं हो पाई।

बोस-हाकिंग्स में गहरा नाता....अपना भारत

बोस-हाकिंग्स

कण से कण जुड़े तो तत्व और पदार्थ बने। विज्ञानियों के शोध आपस में जुड़े तो नए सिद्धांत बने। बिना पहले के ज्ञान को समझे नया शोध संभव नहीं। गैलीलियो, लिमेत्री, आइंस्टीन, जगदीश चंद्र बोस, हिग्स और स्टीफन हाकिंग्स ब्रह्मांड के रहस्य जानने वालों की एक सुगठित कड़ी है।

भगवान पर क्या कहते थे हॉकिंग?

भगवान पर क्या कहते थे हॉकिंग?

उन्होंने एक नये ग्रह की खोज के बारे में बात करते हुए हमारे सौरमंडल के ख़ास समीकरण और भगवान के अस्तित्व पर सवाल उठाया.

साल 1992 में एक ग्रह की खोज की गई थी जो हमारे सूर्य की जगह किसी अन्य सूर्य का चक्कर लगा रहा था.

हॉकिंग ने इसका ही उदाहरण देते हुए कहा, "ये खोज बताती है कि हमारे सौरमंडल के खगोलीय संयोग- एक सूर्य, पृथ्वी और सूर्य के बीच में उचित दूरी और सोलर मास, सबूत के तौर पर ये मानने के लिए नाकाफ़ी हैं कि पृथ्वी को इतनी सावधानी से इंसानों को खुश करने के लिए बनाया गया था."

उन्होंने सृष्टि के निर्माण के लिए गुरुत्वाकर्षण के नियम को श्रेय दिया.

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