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​LED की लीड

​ LED की लीड

एक साधारण-सी जरूरत के मिशन बन जाने की कहानी है LED रेवलूशन। उजाला यानी उन्नत ज्योति बाय अफर्डेबल फॉर ऑल योजना वाकई लोगों के घरों में उजाला भर रही है। इसके तहत देश में 77 करोड़ एलईडी बल्ब लगाने की योजना है और अब तक करीब 26 करोड़ से ज्यादा बल्ब लगाए भी जा चुके हैं। इस मिशन ने बिजली और पैसों की बचत के साथ-साथ प्रदूषण भी कम किया है। देश में हो रहे LED रेवलूशन का जायजा ले रहे हैं लोकेश के. भारती

मोटी लड़कियों से शादी करने के फ़ायदे

मोटी लड़कियों से शादी करने के फ़ायदे

अधिकतर लड़कों को परफेक्ट फिगर वाली लडकियां ज़्यादा पसंद आती हैं. पर यह अपनी-अपनी पसंद पर निर्भर करता है. कुछ लड़कों को पतली लड़कियां पसंद होती हैं, कुछ को हेल्दी तो कुछ को मोटी. लेकिन क्या आपको पता है पतली लड़कियों की तुलना में मोटी लड़कियों से शादी करने के ज़्यादा फ़ायदे होते हैं. जी हां, यह बात बिल्कुल सच है. एक सर्वे के अनुसार मोटी लड़कियां पतली लड़कियों से ज़्यादा हंसमुख होती हैं. वह हमेशा खुश रहती हैं और अपने आस-पास के लोगों को भी खुश रखती हैं. उनका दिल पानी की तरह साफ़ होता है. ऐसी लड़कियां दिमाग की बजाय दिल का ज़्यादा इस्तेमाल करती हैं और जो उनका दिल कहता है वही करती हैं.

वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना

हमें यह मानना पड़ेगा कि-
‘मजबूत मेमोरी उतनी अच्छी नहीं, जितना एक वीक प्वाइंट!’
जब तक हम रिपीट न करें, किसी चीज को पढ़ने और सीखने का कोई महत्व नहीं है। तुम हम सब जानते हो कि दोहराना कितना जरूरी है, लेकिन अच्छा रिजल्ट पाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना इम्पॉर्टेट है।
वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना
इसे हम एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं। अगर हम किसी टॉपिक को दो घंटे दिन में याद करते हैं, तो इसे कब रिपीट करना चाहिए? वैज्ञानिक तौर पर कहें तो पहले 24 घंटे खत्म होने तक हो जाना चाहिए। 

लम्बाई बढ़ाने के घरेलू उपचार

लम्बाई बढ़ाने के घरेलू उपचार

आज के दौर में हर आदमी चाहता है की उसकी लम्बाई अच्छी हो। जिन लोगों की हाइट कम होती है वे लोग अपने पर्सनालिटी में कुछ कमी सी महसूस करते हैं। ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि हम लोगों की लंबाई केवल 18 साल तक ही बढ़ सकती है पर ऐसा भी नहीं है कि 18 साल के बाद लम्बाई बिल्कुल नहीं बढ़ाई जा सकती हैं नियमित रूप से व्यायाम, पौष्टिक आहार के सेवन और कुछ नियमों का पालन करके हम अपनी लम्बाई को अवश्य ही कुछ और इंच तक बढा सकते हैं।

पढ़ाई का सही वक्त

पढ़ाई का सही वक्त

पढ़ाई के लिए रूटीन जब भी बनाए तो सुबह का समय को ज़्यादा महत्व दे. सुबह का वक्त सबसे अच्छा है पढ़ने के लिए। इस समय माइंड पूरा फ्रेश रहता हैं और ग्रॅसपिंग पावर ज़्यादा होती हैं। दिन का 5 घंटा और सुबह का 1 घंटा बराबर हैं।

कैसे बढ़ाओगे कॉन्सन्ट्रेशन पावर?

कैसे बढ़ाओगे कॉन्सन्ट्रेशन पावर?

जब तुम अपनी पसंद की फिल्म देखने जाते हो तो तीन घंटे उसी में आंखें गड़ाए बैठे रहते हो। उसी तरह क्रिकेट मैच में खाना-पीना छोड़कर एकटक उसे देखते रहते हो। तुम खुद को उसी में लगा देते हो, लेकिन पढ़ाई करते हुए ध्यान बंटने में ज्यादा टाइम नहीं लगता। अगर मीलों दूर म्यूजिक बज रहा हो तो जैसे पढ़ाई से ध्यान हटाने का बहाना मिल गया हो, तुम्हारा ध्यान तुरंत पढ़ाई से हट जाता है।

पहले समझो कॉन्सन्ट्रेशन का मीनिंग 
इसे समझने के लिए हमें ‘रुचि’ को अच्छे ढंग से समझना होगा। इमेजिन करो कि तुम्हें पिछले वीक पार्टी के फोटो दिए जाते हैं, जिसमें तुम भी थे। तुम उन फोटो में क्या देखोगे?

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ज़ुकाम क्यों होता है ?

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ज़ुकाम और गले में जलन एक आम बीमारी है जो शयद संसार में हर किसी को भोगनी पड़ती है। पूरे संसार में इसके उपर किसी भी तरह की कोई खोज बीन नहीं की गयी और ना ही इसका इलाज सामने आया है और जो भी इलाज ज़ुकाम को लेकर किया जाते है उससे कफ अंदर ही दब जाता है पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता
ज़ुकाम का इलाज न ढूँढ पाने का एक कारण यह भी है कि आज तक ये कोई नहीं बता पाया की आखिर ज़ुकाम की वजह से गले में जलन क्यों होती है और जो कफ शरीर में से नाक के रास्ते निकलता है वह क्यों कैसे और कहाँ बनता है

चीँजे जो हम प्रकृति से सीख सकते है

चीँजे जो हम प्रकृति से सीख सकते है

Friends आप सबको प्रकृति और मनुष्य का क्या relation है ये तो पता ही होगा । पर मै आज आपसे मनुष्य और प्रकृति के एक अलग ही relationship के बारे मे बात करूँगा। और वो रिलेशन है Teacher और Student का । जी हाँ , प्रकृति ही हमारी सबसे बड़ी Teacher है। ये हमे हर पल कुछ न कुछ सीखाती रहती है बस जरूरत है तो थोड़ा ध्यान देने का । आज तक मनुष्य ने जो कुछ भी हासिल किया है वो प्रकृति से सीख लेकर ही किया है। न्यूटन को gravity का पाठ प्रकृति ने ही सीखाया है। कई अविष्कार भी प्रकृति से प्रेरित है। इन सबके अलावा प्रकृति हमे ऐसे गुण भी सीखाती है जिससे हम अपने जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन ला सकते है और इसे बेहतर बना

आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है

आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है

कहा जाता है आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है जी हाँ यह सच है, यदि आप सफल होना चाहते है तो सर्वप्रथम आत्मविश्वास जरुरी है आपने ये भी जरूर ही सुना होगा कि आधी जंग आत्मविश्वास से ही जीत ली जाती है, तो अपने ऊपर यकीन करें कि आप कर सकते है हममें से ज्यादातर लोग यह कहते रहते है “मुझे याद नहीं होता” पढते वक्त भी अपने मन में कहते रहते है “मुझे याद नहीं होगा” ,याद रखिये हमारा दिमाग वही काम करता है जो इसे हम करने को कहते है यदि हम कहेंगें कि हमें याद करना है तो दिमाग याद कर लेगा अगर पहले ही कह देंगें याद नहीं होगा तो याद नहीं करेगा इसीलिये अपने आप से कहना शुरु कीजिये “मुझे सब याद रहता है”,”मुझे याद हो जा

अपनी पढाई एक शांत और अलग जगह करे

अपनी पढाई एक शांत और अलग जगह करे

अगर आप अपना कोसेंट्रेशन काफी अच्छा करना चाहते हैं तो अपनी पढ़ाई करने के लिए एक शांत अलग जगह देखे जिस जगह आपको स्टडी में कंसन्ट्रेट करने में आसानी हो| यहाँ हम कुछ टिप्स व ट्रिक्स बताएंगे जिससे आप अगली बार न सोचे की स्टडी कैसे करे|

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