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आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है

आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है

कहा जाता है आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है जी हाँ यह सच है, यदि आप सफल होना चाहते है तो सर्वप्रथम आत्मविश्वास जरुरी है आपने ये भी जरूर ही सुना होगा कि आधी जंग आत्मविश्वास से ही जीत ली जाती है, तो अपने ऊपर यकीन करें कि आप कर सकते है हममें से ज्यादातर लोग यह कहते रहते है “मुझे याद नहीं होता” पढते वक्त भी अपने मन में कहते रहते है “मुझे याद नहीं होगा” ,याद रखिये हमारा दिमाग वही काम करता है जो इसे हम करने को कहते है यदि हम कहेंगें कि हमें याद करना है तो दिमाग याद कर लेगा अगर पहले ही कह देंगें याद नहीं होगा तो याद नहीं करेगा इसीलिये अपने आप से कहना शुरु कीजिये “मुझे सब याद रहता है”,”मुझे याद हो जा

अपनी पढाई एक शांत और अलग जगह करे

अपनी पढाई एक शांत और अलग जगह करे

अगर आप अपना कोसेंट्रेशन काफी अच्छा करना चाहते हैं तो अपनी पढ़ाई करने के लिए एक शांत अलग जगह देखे जिस जगह आपको स्टडी में कंसन्ट्रेट करने में आसानी हो| यहाँ हम कुछ टिप्स व ट्रिक्स बताएंगे जिससे आप अगली बार न सोचे की स्टडी कैसे करे|

बेहतर ढंग से पढ़ाई कैसे करे

बेहतर ढंग से पढ़ाई कैसे करे

सोचो कि एक हफ्ते बाद तुम्हारा एग्जाम है। तुम्हें सारे सब्जेक्ट्स की तैयारी करनी है। अब तुम कौन सा तरीका अपनाओगे?

तरीका 1- एक दिन में एक टॉपिक पढ़ो और छठे दिन अंतिम रूप से सभी विषय रिपीट करो। 
तरीका 2- सभी विषयों को एक साथ पढ़ो, जैसे दो घंटे मैथ्स, फिर अगले दो घंटे इतिहास आदि।

पढाई का सही समय

पढाई का सही समय

बहुत से छात्र पढाई के सही समय को लेकर भ्रमित रहते है कि रात को पढना चाहिए कि सुबह पढना चाहिए | इस विषय में सबकी अलग अलग मानसिकताए होती है | मेरा और मेरे अधिकतर मित्रो को रात को पढने की आदत थी क्योंकि उस समय शान्ति का माहौल रहता है और आप एकाग्रचित होकर पढ़ सकते है | वैसे जो छात्र सुबह जल्दी उठ सकते हो तो सुबह का समय सबसे उपयुक्त इसलिए रहता है क्योंकि रात को सोने के बाद आपका दिमाग एकदम फ्रेश रहता है जिससे आप जो भी पढेंगे वो आपके दिमाग में बैठ जाएगा | सुबह के समय 4 से 6 का समय सबसे उपयुक्त रहता है |

पढ़ाई का तरीका और प्लानिंग

पढ़ाई का तरीका और प्लानिंग

बहुत से स्टूडेंट्स का आदत होता है की वो जब एग्ज़ॅम करीब हो जाता है तब पढ़ना स्टार्ट करते है। ये बहुत ही बुरा आदत है इसे पढ़ाई नही कहते हैं। और इसलिए एग्ज़ॅम के टाइम सब भूल जाते है और तनाव रहता हैं। क्यूंकी जल्दबाज़ी मे हर काम खराब ही होता है। जिस तरह से बूंद-बूंद से घड़ा भरता है ठीक उसी तरह रोजाना और लम्बे समय तक थोडा-थोडा पढने से आपकी अच्छी तायारी होगी।

खुद को प्रेरणा दो

खुद को प्रेरणा दो

बाजार में दिमाग तेज करने वाली कई दवाइयां मौजूद हैं, क्या ये दवाइयां या टॉनिक वाकई में काम करते हैं? यह जानने के लिए हमने एक प्रयोग किया। 
हमने तीस लोगों का एक ग्रुप बनाया, जो एक ही बैकग्राउंड से थे। हमने उनसे कहा कि हमारे पास एक ऐसा स्मृति टॉनिक है, जो तीन महीने में याददाश्त में वृद्धि करने में हेल्पफुल होगा। फिर हमने एक छोटा टेस्ट लिया और उस ग्रुप में से 15 लोगों को जाने-माने ब्रांड की बोतल में रंगीन पानी दिया। इस तरह सभी लोगों को तीन महीने तक वही पानी, टॉनिक बोलकर पिलाया गया। इसके बाद हमने फिर टेस्ट लिया। 
रिजल्ट: सभी को टेस्ट में बराबर के अंक मिले थे। 

पढ़ाई के समय मन की एकाग्रता

पढ़ाई के समय मन की एकाग्रता

पढ़ाई शुरू करने के पहले उसके महत्व बारे में लिख लें ताकि उसको देखते रहने से आपका मन पड़ाई पर बना रहे |
जब आप पढ़ने बैठे तब कठिन विषय को पहले पढ़े क्योंकि उस वक्त आपका मन फ्रेश रहता है और एकाग्रता का स्तर ज़्यादा होता है
योगा या ध्यान का अभ्यास करने से मन की एकाग्रता बढ़ती है
टाइम टेबल बनायें ,पर्याप्त नींद लें ,तनावमुक्त रहें, खान-पान का ध्यान रखें ,खुद को शबाशी दें
पढ़ाई का सही एटमोस्फियर बनाये :पढ़ाई शुरू करने के पहले पढ़ाई संबंधी सारे चीजों को एक जगह पर रख लें ताकि बार-बार उठना न पड़े।

चिंतन-मनन कीजिए

चिंतन-मनन कीजिए

आप जो भी पढ़ाई किए उसके बारे मे चिंतन-मनन कीजिए, कहने का मतलब हैं की उसपे ध्यान लगाए आप ने क्या-क्या पढ़ा। रात मे सोने से पहले या कोई एकांत जगह मे बैठ के सोचे की आपको क्या याद हैं कितना पढ़ा और क्या बाकी हैं। इससे आपका दिमाग़ मे रिभिजन होगा और आपने जो पढ़ा है वो ज़रूर याद होगा।
आप पढ़ते वक्त जो भी पढ़ रहे है उसे लिखते भी जाए. इससे आपको जो पढ़े वो अच्छी तरीका से याद होगा साथ मे एग्ज़ॅम के टाइम लिखने मे प्राब्लम नही होगा। ये एक बेहतरीन तरीका है अपने पढ़ाई के क्वालिटी को इंप्रूव करने का।

एकाग्रता को बढ़ाना आसान

एकाग्रता को बढ़ाना आसान

एकाग्रता (एक+अग्रता) का अर्थ है किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिये अन्य बातों पर ध्यान (या प्रयास) न लगाते हुए एक ही चीज पर ध्यान (और प्रयास) केन्द्रित करना। तप और ब्रह्मचर्य अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पाया जाता है। तप से पापों का नाश होता है, इंद्रियों को निर्बल करता है, चित्त को शुद्ध करता है, और इस प्रकार एकाग्रता की प्राप्ति में सहायक होता है। योगदर्शन में आत्मनियंत्रण तथा ध्यान के अभ्यास द्वारा एकाग्रता प्राप्त करने का उपाय बताया गया है।

समझ और याद्दाश्त का गहरा रिश्ता है

समझ और याद्दाश्त का गहरा रिश्ता है

समझ और याद्दाश्त का गहरा रिश्ता है यदि आप किसी विषय को बिना समझे याद करना चाहते है जो कि सही तरीका नहीं है, हमारा दिमाग हर तार्किक चीज को अच्छे से याद रख पाता है आपको गणित को तो याद नहीं करना पडता , क्योंकि वह तार्किक है उस में गणनाऐं है इसी प्रकार जब हम अन्य विषय पढते है हमें उनमें गहरी समझ का विकास करना चाहिए हर घटना के पीछे के कारणों को अच्छे से समझना चाहिये ,ना कि हम सिर्फ रटते रहें यदि समझ विकसित करेंगे तो रुचि विकसित होगी और अगर आपको आप का विषय रुचिकर लगने लगे तब तो आप के और सफलता के मध्य किसकी मजाल है जो आ जाये ,निष्कर्ष के तौर पर हमें प्रत्येक विषय की समझ विकसित करनी होगी उसे अच्छे

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