एड‍िक्शन

व्यसन या आसक्ति (Addiction) की विशेषता है कि दुष्परिणामों के बावजूद व्यक्ति को ड्रग/अल्कोहल की बाध्यकारी लत लग जाती है। व्यसन को एक जीर्ण मानसिक रोग भी कह सकते हैं।
मादक द्रव्य वैसे पदार्थ को कहते हैं जिनके सेवन से नशे का अनुभव होता है तथा लगातार सेवन करने से व्यक्ति उसका आदी बन जाता है।
हमारे समाज में कई प्रकार के मादक द्रव्यों का प्रचलन है जैसे- शराब, ह्वीस्की, रम, बीयर, महुआ, हंड़िया आदि सामाजिक मान्यता प्राप्त वैध पदार्थ हैं। अनेक अवैध पदार्थ भी काफी प्रचलित हैं जैसे- भाँग, गांजा, चरस, हेरोइन, ब्राउन सुगर तथा कोकिन आदि।
डाक्टरों द्वारा नींद के लिए या चिन्ता या तनाव के लिए लिखी दवाइयों का उपयोग भी मादक द्रव्यों के रूप में होता है।
तम्बाकूयुक्त पदार्थ जैसे सिगरेट, खैनी, जर्दा, गुटखा, बीड़ी आदि भी इनके अन्तर्गत आते हैं। इनके अलावे कुछ पदार्थों का भी प्रचलन देखा जाता है जैसे- कफ सीरप, फेन्सीडिल या कोरेक्स का सेवन।
वाष्पशील विलायक (वोलाटाइल सोलवेन्ट) यानि वैसे रासायनिक पदार्थों का सेवन जिनके वाष्प को श्वास द्वारा खींचने पर शराब के नशे से मिलता-जुलता असर होता है, जैसे-पेट्रोल, नेल पॉलिश रिमूभर, पेन्ट्स, ड्राई क्लीनींग सोल्यूसन आदि भी मादक पदार्थ हैं।

2-7 साल के 92% बच्चों को है मोबाइल एड‍िक्शन

2-7 साल के 92% बच्चों को है मोबाइल एड‍िक्शन

टेक्नोलॉजी की आदी हो रही दुनिया में अब बच्चे भी बहुत तेजी से शामिल हो रहे हैं. ब्रिटेन और अमेरिका हुई एक हालिया रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक 92 फीसदी बच्चे, जिनकी उम्र महज 2 से 7 साल के बीच है, वे मोबाइल और स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.

 

इस रिपोर्ट के बाद अब पैरेंट्स में यह चिंता है कि क्या बच्चों को इतनी छोटी उम्र में मोबाइल देना सही फैसला है . इस रिसर्च रिपोर्ट में करीब 51 फीसदी पैरेंट्स ऐसे हैं जिनका मानना है कि कम उम्र में बच्चों को स्मार्टफोन और मोबाइल देने में कोई दिक्कत नहीं है.