पढ़ाई का सही वक्त : जेईई मेन में सफल होने के लिए आखिरी वक्त की तैयारी वाले टिप्स

पढ़ाई का सही वक्त : जेईई मेन में सफल होने के लिए आखिरी वक्त की तैयारी वाले टिप्स

पढ़ाई के लिए रूटीन जब भी बनाए तो सुबह का समय को ज़्यादा महत्व दे. सुबह का वक्त सबसे अच्छा है पढ़ने के लिए। इस समय माइंड पूरा फ्रेश रहता हैं और ग्रॅसपिंग पावर ज़्यादा होती हैं। दिन का 5 घंटा और सुबह का 1 घंटा बराबर हैं।

बोर्ड की परीक्षाएं अब खत्म हो गई हैं और जेईई मेन एग्जाम का वक्त करीब है. ऐसे में इस लक्ष्य के लिए पूरी तरह से तैयार होकर इम्तिहान में उतरने का समय है. जेईई मेन की ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रैल को होगी, जबकि ऑनलाइन परीक्षा 15 और 16 अप्रैल को होगी. अब इस परीक्षा में काफी कम दिन बचे हैं और सिलेबस काफी बड़ा है. जाहिर तौर पर आपको इससे जुड़ी तकरीबन सभी चीजें समेटने की भी जरूरत होगी. अगर आप बेहतर रणनीति के साथ और सावधानी बरतते हुए तैयारी करते हैं, तो आपकी कड़ी मेहनत रंग लाएगी.

ऐसे में आप कैसे तय करेंगे कि आखिरी वक्त में सिलेबस से जरूरी चीजें छांटकर किस तरह पढ़ाई करनी है? हम आपको टॉपर्स और एक्सपर्ट्स से टिप्स और दिशा-निर्देश मुहैया करा रहे हैं, ताकि परीक्षा से पहले कुछ आखिरी दिनों का बेहतर से बेहतर उपयोग किया जा सके.

याद रखें कि जेईई मेन के जवाब के बारे में 24 अप्रैल को ऐलान किया जाएगा, जबकि जेईई मेन का रिजल्ट 30 अप्रैल को आएगा. आपको जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई करने की खातिर जेईई मेन में सफलता हासिल करनी होगी. जेईई एडवांस की परीक्षा 20 मई को होगी.

परीक्षा के लिए आखिरी दौर की तैयारी के तहत जेईई मेन का प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) डाउनलोड करना नहीं भूलें. यह एक बेहद अहम दस्तावेज है, जो परीक्षा हॉल में आपका प्रवेश सुनिश्चित करेगा. इसका एक रंगीन प्रिंटआउट लेकर इसे अपने पास रखें. साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि आपके मेल बॉक्स या गूगल ड्राइव और हार्ड डिस्क में इसकी एक कॉपी सेव हो. इसकी वजह यह है कि आपको एडमिशन के वक्त इसकी जरूरत पड़ेगी और मुमकिन है कि उस वक्त एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का विकल्प नहीं हो.

जेईई मेन में सफल होने के लिए आखिरी वक्त की तैयारी वाले टिप्स

सिलेबसः जेईई मेन सिलेबस देखने पर आपको थोड़ा सा डर लगेगा. हालांकि, अगर आप बारीकी से इसका मुआयना करेंगे, तो पाएंगे कि ज्यादातर टॉपिक की पढ़ाई आप कर चुके हैं. मसलन कुछ आप 11वीं क्लास में पढ़ चुके होंगे और कुछ 12वीं क्लास में. आपने हाल में बोर्ड की अपनी परीक्षा दी है, लिहाजा आपको सिर्फ इसे दोहराने की जरूरत होगी.

शॉर्ट नोट्स बनाने में आलस न करेंः अहम फॉर्मूलों को नोट करना बेहतर कदम होगा, ताकि ये रिवीजन के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकें. फॉर्मूलों के अलावा उन प्वाइंट्स और अहम चीजों को नोट कर लें, जिन्हें आखिरी वक्त में आपको सरसरी तौर पर देखने की जरूरत होगी. परीक्षा से पहले ये चीजें अच्छे संसाधन और साथी साबित होंगी.

वेटेज के हिसाब से टॉपिक को छांटेंः परीक्षा से ठीक पहले का वक्त शॉर्टकट से तैयारी करने का मौका होता है. तब तक आपको पता लग चुका होता है कि फलां टॉपिक अन्य के मुकाबले ज्यादा अहम है. लिहाजा, ज्यादा महत्वपूर्ण टॉपिक पर ज्यादा फोकस करें और कम अहम पहलुओं पर ज्यादा समय खर्च नहीं करें. हालांकि, अपनी क्षमता और वक्त से हिसाब से ज्यादा से ज्यादा टॉपिक को समेटने की कोशिश करें.

पिछले साल के पेपर और मॉक टेस्ट पर भी ध्यान जरूरीः परीक्षा के सवाल का पैटर्न कैसा होगा, इसे बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है. जेईई मेन परीक्षा के पैटर्न की ठीक तरीके से जांच-परख कर लें. हर रोज जेईई मेन का सैंपल पेपर या मॉक टेस्ट के पेपर लें और उसे हल करने की कोशिश करें. उसके बाद इस बात की पड़ताल करें कि गलती कहां हुई. साथ ही, इसे मुस्तैदी के साथ दोहराएं भी. ये दोनों काम भी बेहद जरूरी हैं. हर कोई गलती करता है. इन्हीं उपायों के जरिये हम परीक्षा की चुनौतियों से कारगर तरीके से निपट सकते हैं. ये उपाय ही सफल उम्मीदवारों को बाकियों से अलग करते हैं.

जो टॉपिक आप जानते हैं, उस पर पकड़ और मजबूत करेंः वैसे टॉपिक्स को कभी नजरअंदाज नहीं करें, जिन पर आपकी मजबूत पकड़ है. इसे छोड़कर नए टॉपिक (जिसे आप नहीं जानते हैं) की तरफ बढ़ना गलत कदम साबित हो सकता है. अति आत्मविश्वास के चक्कर में नहीं पड़ें और मजबूत पकड़ वाले टॉपिक्स पर अपनी समझ और बेहतर करें, ताकि इस बारे में पूछा गया कोई भी सवाल आपसे नहीं छूटे. परीक्षा के लिए आखिरी दौर की तैयारी में वैसे टॉपिक्स को छूने से बचें, जिनके बारे में आपको कुछ नहीं पता है. यह नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि आप अपना बेशकीमती समय उस चीज को सीखने में गंवा देंगे, जिसके बारे में आपको बिल्कुल पता नहीं है. इस दौरान आप उन टॉपिक्स को दोहरा सकेंगे जो आप अच्छे से जानते हैं. आखिरी वक्त में नए टॉपिक्स में हाथ लगाना समय और ऊर्जा की बर्बादी होगी.

मंथन करें, दोहराएं, मंथन करें: टॉपर्स अपने हर परफॉर्मेंस का विश्लेषण या मंथन करते हैं और उन चीजों पर मेहनत करते हैं और उसे दोहराते हैं, जिनमें वे कमजोर होते हैं. टॉपर्स की सफलता का यही मंत्र होता है.

परीक्षा की रणनीति तैयार करें: इस पूरी प्रक्रिया में परीक्षा से जुड़ी रणनीति तैयार करना नहीं भूलें. कई लोग इस चीज की उपेक्षा कर देते हैं, लेकिन यह बेहद अहम है. तीन घंटे की पूरी अवधि को प्रति सवाल मिनट में बांट दें यानी एक सवाल पर कितना मिनट वक्त देना है. अगर आप सवाल के लिए तय समयसीमा को पार कर जाते हैं, तो अगले सवाल की तरफ बढ़ जाएं और उसे हल करने के बाद अगर समय मिले, तो फिर से अनसुलझे सवाल की तरफ वापस आ सकते हैं. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का मतलब यह है कि आपको वैसे सवालों को हल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है या जिसके बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते. बहरहाल, आप आखिरी सवाल तक पहुंचने की कोशिश करें, चाहे इसके कारण आपको वैसे कुछ सवालों को क्यों न छोड़ना पड़े, जिनके जवाब आप नहीं दे पाए.

एक निश्चित समय पर थोड़ा ब्रेक लें: अगर लगातार लंबे समय तक पढ़ाई करते रहेंगे, तो आपको थकान और सुस्ती का अहसास हो सकता है. पढ़ाई के दौरान थोड़े-थोड़े वक्त के बाद ब्रेक लेते रहना जरूरी होता है. ब्रेक के दौरान खुद को तरोताजा करने के लिए आप संगीत सुन सकते हैं, टहल सकते हैं, ध्यान लगा सकते हैं या फिर से दोस्तों से बातचीत भी कर सकते हैं. कहने का मतलब यह है कि इन गतिविधियों के जरिये आप खुद को आराम की अवस्था में पहुंचा सकते हैं.

सोशल मीडिया और भटकाव संबंधी अन्य चीजों से भी बचने की हर मुमकिन कोशिश करें: परीक्षाएं सिर पर हैं, लिहाजा सोशल मीडिया, इंटरनेट या इस तरह की अन्य चीजों के कारण अपनी तमाम मेहनत पर पानी नहीं फेरें.

किसी से खुद की तुलना करना से बचें: किसी अन्य से तुलना करना ठीक नहीं है और इससे हौसला कमजोर पड़ता है और तैयारी के लिए प्रेरणा भी नहीं मिल पाती. इसे अपने ऊपर बिल्कुल हावी होने नहीं दें.

स्वस्थ रहें: आप अच्छे से परीक्षा दे सकें, इसके लिए बेहतर भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है. लिहाजा, आप सेहतमंद खाना खाएं और जमकर सोएं. इस दौरान जंक फूड खाने से पूरी तरह परहेज करें. साथ ही, अगर आप ठीक से नींद नहीं लेते हैं, तो आप चिड़चिड़े हो जाएंगे.

परीक्षा सेंटर के ठिकाने के बारे में पहले से पता कर लेंः यह काम आखिरी वक्त के लिए नहीं छोड़ें. एक दिन पहले जाकर यह पता कर लें कि परीक्षा सेंटर कहां पर है, ताकि परीक्षा के दिन आपको सेंटर ढूंढने में इधर-उधर नहीं भटकना पड़े. उसके बाद इसी हिसाब से आप परीक्षा के दिन का कार्यक्रम तैयार कर सकते हैं.

आखिरी सलाह...

परीक्षा किट तैयार रखें: याद रखें कि आपको परीक्षा हॉल में जेईई मेन के एडमिट कार्ड के अलावा कुछ और ले जाने की इजाजत नहीं होगी. एडमिट कार्ड यानी प्रवेश पत्र में कई तरह के निर्देश होते हैं. लिहाजा इसे पहले ही पढ़ लें और उसी के हिसाब से नियमों का पालन करें. परीक्षा के लिए पैड ले जाने की इजाजत होती है. ऐसे में यह सुनिश्चित करें कि पैड साफ-सुथरा हो यानी इस पर कुछ लिखा नहीं होना चाहिए. कलम परीक्षा हॉल में दिए जाएंगे. परीक्षा से पहले बायोमेट्रिक जांच भी हो सकती है. साथ ही, परीक्षा में नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर भी लगाए जाएंगे.

जेईई एडवांस में सफल होने के लिए आपको क्या करना चाहिए?

अगर आप जेईई एडवांस के पिछले साल के कट ऑफ के आंकड़ों को देखें, तो आपको क्वॉलिफाई करने के लिए 81 अंकों की जरूरत होगी. इसका मतलब हर विषय में आपको करीब 27 अंक मिलने चाहिए यानी अगर आप 8 सवाल सही करते हैं, तो आपको जरूरी अंक हासिल हो जाएंगे. हालांकि, यह ध्यान रखें कि इसके जरिये आपको सिर्फ क्वॉलिफाइंग अंक मिलेंगे. फर्ज कीजिए कि अगर 12 लाख छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होते हैं, तो इससे जुड़ी सीट हासिल करने के लिए आपको ज्यादा अंकों की जरूरत होगी. बहरहाल, सफलता के लिए शुभकामनाएं!

 

 

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