बेल खाने के फायदे जानकर रहें जायगे हैरान

बेल एक चमत्कारिक औषधि है 

बेल या बील हमारी एक ऐसी धरोहर है जिसे ईश्वरीय माना जाता है। सावन में भगवान शिव की पूजा और व्रत के समय बेलपत्र अर्पित

किया जाना ये प्रमाणित करता है कि ये कोई साधारण फल या पत्ते नहीं है।

ये बहुत पुराना पारम्परिक औषधीय पेड़ है । लगभग 4000 सालों से इसे उपयोग में लाया जा रहा है। आयुर्वेद ने दशमूल जड़ीबूटी में

इसे शामिल किया है। दशमूल दस ऐसी आयुर्वेदिक दवाओं का मिश्रण है जिनकी मदद से कई प्रकार की लाभकारी आयुर्वेदिक दवा बनाई

जाती है जो विभिन्न रोगों को ठीक करती है। बील Beel का फल , पत्ते , छाल और जड़ सभी दवा के रूप मे काम आते है।

बेल के फायदे लाभ इस प्रकार है 

पेचिश के रोग में 

बील पेचिश ठीक करने के लिए बहुत प्रभावकारी है। इससे पुरानी पेचिश तक ठीक हो सकती है।

सूखा बील का पाउडर और धनिया पाउडर आधा -आधा चम्मच और मिश्री एक चम्मच मिलाकर सुबह शाम पानी  के साथ लेने से पेचिश

ठीक होती है। पेचिश के कारण दस्त के साथ खून आता हो तो वो भी बंद होता है।

 सौंफ पाउडर – 3 चम्मच ,सूखा बील का पाउडर -3 चम्मच और सोंठ पाउडर दो चम्मच इन तीनो को एक गिलास पानी में उबाल लें। जब

आधा रह जाये तब ठंडा होने पर छान लें। ये पानी सुबह शाम पीने से पेचिश ठीक हो जाती है।

 बील का मुरब्बा प्रतिदिन खाने से पेचिश में आराम मिलता है। इसका गोंद भी दस्त में और पेचिश में लाभकारी होता है।

बेल के पोषक तव 

समें कैल्शियम , पोटेशियम ,आयरन , फास्फोरस , प्रोटीन और  विटामिन ” A  ” , विटामिन ” C ”  विटामिन “B ” तथा कई ऑर्गनिक

कंपाउंड व एंटीऑक्सीडेंट्स होते है। इसमें भरपूर मात्रा में फायबर होता है। इन्ही कारणों की वजह ये एक बहुत ही फायदेमंद फल है।

इसका बोटैनिकल नाम एगल मरमेलोस है और ये रुतेसिया फैमिली में का सदस्य है। इंग्लिश में इसे वुड एप्पल कहते है।

बेल का फल अनेक प्रकार के रोगों की दवा है। ये कब्ज , अपच , पेट के अल्सर , बवासीर , साँस की तकलीफ , डायरिया आदि से मुक्ति

दिलाता है। वायरल और बेक्टेरियल इन्फेक्शन को रोकता है। । कैंसर जैसे रोग से बचाता है। इनके अलावा भी कई रोगों में काम आता है।

सफ़ेद दाग और टूटी हुई हड्डी जोड़ने के लिए भी बील दवा के रूप में काम आता है। ये अग्नाशय को ताकत देता है जिससे इन्सुलिन का स्तर

सही बना रहता है और खून में शुगर कंट्रोल रहती है इस तरह डायबिटीज ठीक होती है। ये ब्लड प्रेशर भी कम करता है।

सफ़ेद दाग में प्रयोग 

त्वचा के ऊपर बनने वाले सफ़ेद धब्बे बील की मदद से ठीक हो सकते है। बील के गूदे में सोरलिन ( psoralen ) नाम का तत्व होता है जो

स्किन की धूप सहने की शक्ति बढ़ाता है। इसके अलावा बील में कैरोटीन भी होता है। ये दोनों तत्व मिलकर स्किन का रंग एकसार बनाए रखने

में महत्त्व पूर्ण भूमिका निभाते है। नियमित बील के उपयोग से सफ़ेद दाग हलके पड़कर त्वचा सामान्य हो जाती है।

दस्त और हैजा में असरदार  

बील में मौजूद टेनिन नामक तत्व में एंटी बैक्टीरियल गुण होते है। बैक्टीरिया के  कारण होने वाले दस्त में बील का ये गुण बहुत लाभदायक

होता है। बारिश के मौसम की बीमारियों में दस्त और हैजा अधिक होते है जिसमे बील विशेष रूप से गुणकारी होता है।

पेट का अल्सर किस प्रकार 

 बील में विशेष फेनोलिक कम्पाउंड और एंटी ऑक्सीडेंट्स होते है जो  पेट के अल्सर को ठीक करते है।  पेट में लम्बे समय तक होने वाली

एसिडिटी के कारण पेट की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंचता है। जिसकी वजह से अल्सर बन जाते है। बील एसिडिटी मिटाने के साथ

अल्सर को भी ठीक करता है।

कब्ज को दूर करें 

ये आंतों को बलवान बनाता है।  बील कब्ज को ठीक करता है , इसके उपयोग से पेट साफ रहता है। फायबर की भरपूर मात्रा के कारण आतें

साफ और स्वस्थ रहती है। कब्ज मिटाने के लिए शरबत इस प्रकार बनायें –

  तीन चम्मच बील का गूदा और एक चम्मच इमली एक कप पानी में भिगो दें। दो घंटे बाद मसल कर छान लें। इसमें  स्वाद के अनुसार

मिलाकर मिश्री मिलाकर पियें। पसंद के हिसाब से पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते है। ये बील का शरबत नियमित पीने से कब्ज ठीक हो

जाती है।

गर्म के मौसम में बील बाजार में आसानी से मिल जाता है। इसका ऊपर का कड़क छिलका तोड़कर अंदर का गूदा चार चम्मच एक

गिलास पानी में दो घंटे भिगो दें। मसल कर छान कर मिश्री मिलाकर पीएं। मिश्री की जगह काला नमक भी ले सकते है।

मधुमेह को कम करने में मदद 

 बीलपत्र  मधुमेह (डायबिटीज) रोग में बहुत लाभकारी है। 10 -12 बीलपत्र और 4 -5  कालीमिर्च पीस कर पानी में मिलाकर रोज पीने

से  डायबिटीज रोग में आराम मिलता है। बील का जूस पीने से अग्नाशय ( Pancreas ) को शक्ति मिलती है और इन्सुलिन की मात्रा संतुलित

रहकर डायबिटीज में फायदा मिलता है।

बील के विटामिन ” C ” से लाभ

 बील में प्रचुर मात्रा में विटामिन C  होता है। जो इम्युनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। विटामिन C के कारण ही ये स्कर्वी नामक

रोग से भी बचाव करता है। शरीर में चुस्ती फुर्ती लाकर सुस्ती मिटाता है। विटामिन “C ” के कारण ही बील दांत मसूड़ों को भी स्वस्थ रखने में

मदद करता है।

बवासीर में अति फायदेमंद 

बवासीर Piles का मुख्य कारण कब्ज ही होता है। बील का टेनिन बवासीर को ठीक करता है। बील में आंतों की क्रियाशीलता बढाने का

विशेष गुण होता है जिसकी वजह से अंदरूनी पाचन तंत्र को नुकसान पंहुचे बिना बाउल मूवमेंट आसान होता है। जिसकी वजह से कब्ज ठीक

होकर पाईल्स में आराम मिलता है। बील में  मौजूद दर्द और सूजन मिटाने वाले तत्व भी बवासीर ठीक करते है। इसके लेने से पाइल्स में बहुत

आराम मिलता है। 

कोलेस्ट्रॉल का गुण 

  बील की पत्तियों में कोलेस्ट्रॉल कम करने का गुण होता है। बील की ताजा पत्तियों का रस पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। सुबह खाली पेट

एक चम्मच रस प्रतिदिन लेना चाहिए। रस निकालना भी सरल है। पत्तियों को कूट पीस कर कपड़े में डालकर निचो कर रस निकाल लें। ये

रस  कुछ दिन लेने से जिन्हे कोलेस्ट्रॉल नहीं है उन्हें भी दिल की बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।

लीवर को रखें रोगमुक्त 

  बील में बीटा कैरोटीन , थायमिन और रिबोफ्लेविन होने के कारण लीवर की समस्या से मुक्ति दिलाकर लीवर को शक्तिशाली बनाता है।

गुर्दे  को बनाये शक्तिशाली 

  बील में शरीर के विषैले तत्व को बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति होती है। बील का नियमित उपयोग करने से गुर्दों को शक्ति मिलती है।

अतः किडनी की समस्या में बील का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। 

Video: 
Vote: 
1
Average: 1 (1 vote)

New Health Updates

Total views Views today
कब सेक्स के लिए पागल रहती है महिलाएं 34,356 29
स्तनों को छोटा करने के घरेलू उपाय 42,576 16
लहसुन रात को तकिये के नीचे रखने का जादू 16,890 11
स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए 5,561 11
लिंग बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय 7,936 9
पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से नुकसान नहीं बल्कि होते हैं फायदे 15,705 7
जबरदस्त फोरप्ले ही देता है दमदार सम्बन्ध का मजा 125 6
टिटनेस इंजेक्‍शन से हो सकती हैं ये दिक्‍कतें 18,969 6
इस मौसमी सीताफल के फायदे जानकर आप रह जाएगे हैरान 1,729 5
जौ के इस उबटन से पुरूषों का चेहरा दिखेगा गोरा 514 4
झाइयां होने के कारण 3,611 4
फिस्टुला रोग क्या है , इसको पहचाने के लक्षण इस प्रकार 2,244 4
हाथ-पैरो का सुन्न हो जाना और हाथ और पैरो में झनझनाहट होना जानें इस प्रकार 5,598 4
क्यों रहते हैं हाथ-पैर ठंडे? 3,256 3
सेब खाने के फायदे 392 3
कान के पीछे सूजन लिम्फ नोड्स: उपचार तथा कारण का निवारण इस प्रकार करें 4,209 3
बहरे लोगो के सुनगे का आसान तरीका 3,305 3
चेहरे की झाइयाँ दूर करने के घरेलू उपचार 3,190 3
खून में थक्‍के जमने के कारण और उपचार के तरीके 4,477 3
चेहरे का कालापन दूर करने के उपाय 2,964 3
वजन कम करने के फायदे, जानकर रहे जायगे हैरान 1,241 3
श्वेत प्रदर का आयुर्वेदिक इलाज 5,492 3
मासिक धर्म के इन दिनों में शारीरिक संबंध के लिए तड़पती है महिला 130 3
घुटने की लिगामेंट में चोट का कारगर इलाज 6,251 3
आधे सर का दर्द और उसका इलाज 1,142 3
प्याज से करें प्यार और रहें फिट 955 3
शादीशुदा महिलाओं की ये चीजें लड़कों को बना देती है दीवाना 130 3
सोते समय ब्रा क्यों नहीं पहननी चाहिए 5,729 2
श्वेत प्रदर के रोग को जड़ से मिटा देंगे यह घरेलू उपाय 444 2
पीलिया कैसा भी हो जड़ से खत्म करेंगे 3,268 2
कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करे 902 2
जीभ हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में बताती है जैसे 1,540 2
लड़की नही समझ पा रही है इशारे तो ऐसे कराएं प्यार का अहसास 60 2
हार्ट फेल होने से चली जाती है 23 प्रतिशत लोगों की जान 671 2
जब एक लड़की पहली बार किसी के सामने उतारती है अपने कपडे... 147 2
स्मार्टफ़ोन बिगाड़ रहा है आंखों की सेहत जानिए कैसे 431 2
मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार 24 2
हाई ब्लड प्रेशर के कारण खो सकती है आपकी याददाश्त, जानें क्यों? 293 2
सोशल फोबिया के लक्षण 606 2
विज्ञान ने खोजा सौंदर्य का समीकरण 1,859 2
कच्चे और छोटे आम खाने से कौन कौन से फायदे होते है 668 1
कॉफी: फायदा या नुकसान? 1,096 1
टाइफाइड में लिए दिए जाने वाले आहार 935 1
व्रत के दौरान बरतें सावधानियां 376 1
कान में दर्द है तो करें ये कारगार उपाय 392 1
मूंग की खेती इस प्रकार करें 767 1
मुह में छाले हैं तो करें ये घरेलू उपाय 429 1
रिश्तों से जुड़ीं ये 5 हैरान करने वाली बातें, जरूर जानिए 1,085 1
हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप 243 1
शर्माती है, तो घरेलू तरीकों से भी रख सकती है वैजाइना का ख्याल 96 1