स्वास्थ्य समाचार

खुलकर हंसने के होते हैं ये फायदे

खुलकर हंसने के होते हैं ये फायदे

सोचिये अगर जरा सी मुस्कान से फोटो अच्छी आ सकती है तो खुलकर हँसने से जिंदगी की तस्वीर कितनी खूबसूरत हो सकती है। मित्रों जब स्वास्थ और सामाजिक क्षेत्र में हँसी के अनगिनत फायदें हैं,तो हँसना तो लाजमी है। लाफ्टर को बेस्ट मेडिसिन कहा जाता है। क्योंकि इससे कई तरह की मानसिक समस्याओं का निदान किया जा सकता है। जब हम हंसते हैं तब हमारे दिमाग की तमाम मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और रक्त संचार तेज हो जाता है। इससे हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचने लगती है। यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा भी खुलकर हंसने के ढेर सारे फायदे होते हैं। आइए, जानते हैं कि वे फायदे क्या हैं –

पारिजात (हरसिंगार) के लाभ

पारिजात के लाभ

पारिजात या 'हरसिंगार' उन प्रमुख वृक्षों में से एक है, जिसके फूल ईश्वर की आराधना में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इसे प्राजक्ता, परिजात, हरसिंगार, शेफालिका, शेफाली, शिउली भी कहा जाता है। उर्दू में इसे गुलज़ाफ़री कहा जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष को बहुत ही ख़ास स्थान प्राप्त है। पारिजात का वृक्ष बड़ा ही सुन्दर होता है, जिस पर आकर्षक व सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग विविध प्रकार की औषधि आदि के रूप में भी किया जाता है। यह सारे भारत में पैदा होता है। यह माना जाता है कि पारिजात के वृक्ष को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है।

टैनिंग को हटाया जा सकता है

सन टैनिंग पूरे चहरे में सबसे ज्यादा माथे पर ही दिखाई देती है। क्योंकि धूप सीधे माथे पर पड़ती है। कई बार टैनिंग इतनी बढ़ जाती है कि माथे का कलर अलग और चेहरे का अलग दिखाई देने लगता है। माथे की या फॉरहेड की टैनिंग आपकी सुंदरता को बिगाड़ सकता है। घर में किए जाने वाले आसान से उपायों से इस टैनिंग को हटाया जा सकता है। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में। 

आयुर्वेद से जुड़ी ये बाते हैं अजीब लेकिन सच!

आयुर्वेद एक संपूर्ण विज्ञान है, जिसके कई पहलूओं को
जानना आज के विज्ञान के लिए चुनौती है। आयुर्वेद
के ग्रन्थ चरक संहिता के इन्द्रिय स्थान में किसी
रोगी के ठीक होने के लक्षणों तथा मृत्यु सूचक
लक्षणों को देखकर पहचानने का वर्णन है,जो बड़ा
रोचक है ऐसे ही कुछ रोचक पहलूओं को आपके समक्ष
प्रस्तुत किया जा रहा है:-
-यदि रोगी दही ,अक्षत,अग्नि,लड्डू ,बंधे हुए पशु, बछडे
के साथ गाय ,बच्चे के साथ स्त्री,सारस ,हंस,घी.सैंधा
नमक ,पीली सरसों ,गोरोचन,मनुष्यों से भरी गाडी
आदि देखता हो तो आरोग्य प्राप्त करता है।

गेमिंग एडिक्शन का इलाज?

गेमिंग एडिक्शन का इलाज?

ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक दोनों की मदद लेनी पड़ती है. कई जानकार मानते हैं कि दोनों एक समय पर इलाज करें तो मरीज़ में फ़र्क जल्दी देखने को मिलता है.

लेकिन मनोवैज्ञनिक डॉक्टर जयंती इससे इत्तेफ़ाक नहीं रखतीं. उनके मुताबिक कई मामले में साइको थेरेपी ही कारगर होती है, कई मामले में कॉग्नीटिव थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है. बच्चों में प्ले थेरेपी से काम चल सकता है. ये सब इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज़ में एडिक्शन किस स्तर का है.

डॉक्टर बलहारा के मुताबिक इन दिनों तीन तरह के एडिक्शन ज़्यादा प्रचलित हैं - गेमिंग, इंटरनेट और गैम्बलिंग.

क्या हर गेम खेलने वाला बीमार है?

क्या हर गेम खेलने वाला बीमार है?

डब्ल्यूएचओ की तरफ़ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल या फिर वीडियो गेम खेलने वाले बहुत कम लोगों में ये बीमारी का रूप धारण करती है. लेकिन इस बात का ख़याल रखना बेहद ज़रूरी है कि आप दिन में कितने घंटे मोबाइल पर गेम खेलते हुए बिताते हैं. अगर आप अपने जीवन के बाकी काम निपटाते हुए मोबाइल पर गेम खेलने का वक्त निकाल पाते हैं तो उन लोगों के लिए ये बीमारी नहीं है.

कितने घंटे गेम खेलने वाला बीमार होता है?

इस सवाल के जवाब में डॉक्टर बलहारा कहते हैं कि 'ऐसा कोई फ़ॉर्मूला नहीं है. दिन में चार घंटे गेम खेलने वाला भी बीमार हो सकता है और दिन में 12 घंटे गेम पर काम करने वाला ठीक हो सकता है.

मखाना के फायदे

मखाना। निजी पलों को मजबूत बनाने में कारगर है।
3. एक से तीन ग्राम मखानों को गर्म पानी के साथ दिन में तीन बार सेवन करने से पेशाब के रोग दूर हो जाते हैं।
4. मसल्स को फिट रखना है, तो मखाना खाएं। इसमें प्रोटीन होता है।
5. तनाव रहता हो या फिर नींद कम आती हो, तो रात को सोने से पहले मखाने का सेवन करें। सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
6. लंबे समय तक जवां दिखना है, तो एंटीऑक्सीडेंट़्स से भरपूर मखाने खाएं। दरअसल ये एंटी एजिंग डाइट है। कैल्शियम से भरपूर मखाना जोड़ों के दर्द में लाभकारी है। गठिया में भी इसे खाने आराम मिलता है।

गेमिंग एडिक्शन एक 'बीमारी'

गेमिंग एडिक्शन एक 'बीमारी'

देश और दुनिया में मोबाइल और वीडियो गेम में लोगों की बढ़ती निर्भरता और दिलचस्पी को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गेमिंग एडिक्शन को एक तरह का डिसऑर्डर बताते इसे दिमाग़ी बीमारी की श्रेणी में रखा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंटरनेशनल क्लासिफ़िकेशन ऑफ़ डिज़ीज़ ( ICD - 11) ने 27 साल बाद अपना ये मैन्युअल इस साल अपडेट किया है.

लेकिन ऐसा नहीं कि गेम खेलने की लत केवल बच्चों में होती है.

सनाया का इलाज कर रही डॉक्टर जयंती दत्ता के मुताबिक, बड़ों में भी ये बीमारी देखने को मिलती है.

छोटे ब्रेस्‍ट है तो अभी से शुरू कर दें ये योगासन

जिस तरह लड़कियों के बड़े स्‍तन उन्‍हें हीन भावना का शिकार बनाते हैं, ठीक उसी तरह से यदि किसी लड़की के स्‍तन छोटे रह जाएं तो उनके लिए भी यह एक बड़ी समस्‍या और शर्म का विषय बन जाती है। यही नहीं अगर वह खाने में अच्‍छी डाइट भी ले या फिर अपना वजन बढ़ा भी ले तो भी उसके स्‍तन छोटे साइज के ही रहते हैं। वैसे तो इन दिनों बाजार में स्‍तनों के आकार को बढ़ाने के लिए कॉस्‍मेटिक, पिल्‍स, मसाजिंग क्रीम से लेकर ब्रेस्‍ट इनलार्जमेंट के लिए सर्जरी भी उपलब्‍ध है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि केवल योगा करने मात्र से ही आप अपने ब्रेस्‍ट के साइज को दोगुना कर सकती हैं। जी हां, योगा करने से आपके शरीर को कोई साइड इफे

किडनी डायलीसिस क्यों......?

किडनी स्वस्थ अवस्था में इर्यथ्रोपोइटिन नाम का हार्मोन बनाती हैं। यह हार्मोन शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह का कार्य करने वाले लाल रक्त कणों की संख्या में इजाफा करता है। किडनी में लाखों मिनी फिल्टर होते हैं जिन्हें नेफरोंस कहते हैं जो पूरी जिंदगी खून साफ करने का काम करते हैं। किडनी में होने वाले इस सफाई सिस्टम के कारण हमारे शरीर से हानिकारक केमिकल्स पेशाब के साथ बह जाते हैं।

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